शिवपुरी/पिछोर- जिले के पिछोर क्षेत्र में ग्राम ककरौआ ठुनी पर शासकीय उचित मूल्य की दुकान पर कार्यरत एक सेल्समैन के साथ ग्राम के कुछ गुर्जर जाति के दबंग लोंगो ने अकारण ही मारपीट करते हुए नगदी छीनी और बंदूक के बल पर उसके अपहरण का प्रयास किय लेकिन समय रहते मामले की जानकारी पुलिस को लगी। जिस पर पुलिस ने घनघोर जंगलों के बीच से सेल्समैन को इन दबंगों के चंगुल से छुड़ाया। इतना सब करने के बाद पुलिस ने इस मामले में फरियादी के ऊपर किए गए हमले व अपहरण और लूटपाट की घटना के संदर्भ में कोई रिपोर्ट दर्ज नहीं की जबकि केवल मारपीट की रिपोर्ट पर आरोपीगणों के विरूद्ध मामला दर्ज कर अपने कर्तव्य की इतिश्री कर ली है।
पिछोर क्षेत्र में शासकीय उचित मूल्य की दुकान का कार्य करने वाले पवन पाण्डे पुत्र गणपति प्रसाद पाण्डे निवासी ऊमरीखुर्द पिछोर जिला शिवपुरी बीते रोज ग्राम ककरौरआ ठुनी स्थित अपनी कंट्रोल की दुकान पर कार्य कर रहा था कि तभी ग्राम के ही बब्बू राजा पुत्र जगदीश सिंह गुर्जर, रामहेत पुत्र हरीसिंह गुर्जर, भरत सिंह गुर्जर व इनके अन्य चार-पांच साथी एक राय होकर दुकान पर आए और उत्पात मचाना शुरू कर दिया जहां इन दबंगों ने अपनी दबंगाई दिखाते हुए पहले गाली-गलौज की जब इसका विरोध पवन पाण्डे ने किया तो मौके पर मौजूद पवन पाण्डे व उसके अन्य साथियों के साथ मारपीट करते हुए कंट्रोल की दुकान से 20-20 लीटर कैरोसिन भर ली व शराब पीने के लिए जबरन अवैध रूप से पैसों की मांग की नहीं देने पर दबंगों ने दुकान में रखी स्लिक की छानबीन की तो वहां बैग में से 22 हजार रूपये, रसीद कट्टा, स्टॉक रजिस्टर आदि भी छीन लिए इससे भी इनका मन नहीं भरा तो दबंगों ने पवन पाण्डे की बाहर खड़ी ऑल्टो गाड़ी को क्षतिग्रस्त कर दिया और उसमें रखी लायसेंसी बंदूक भी उठाकर ले जाने लगे।
तभी कुछ साथियों ने पवन पाण्डे के अपहरण की बात कही और उसे जोर जबर्दस्ती के साथ दुकान से उठाकर जंगल की ओर ले गए। तभी कुछ लोगों ने घटना के संदर्भ में पुलिस को जानकारी दी जिस पर घनघोर जंगल में पहुंची पुलिस ने आरोपीयों से सरेण्डर करने को कहा परन्तु कम पुलिस बल को देखते हुए दबंग वहां लूटी गई बंदूक छोड़कर आसानी से जंगल की ओर भाग निकले। दबंगों के चंगुल से छुड़ाकर लाए फरियादी पवन पाण्डे की रिपोर्ट पर जब पुलिस मामला दर्ज कर रही थी तो पुलिस ने केवल मारपीट, शासकीय कार्य में बाधा डालने जैसी धाराओं में आरोपियों के विरूद्ध प्रकरण पंजीबद्ध कर अपने कर्तव्य की इतिश्री कर दी जबकि हकीकत में लूट, अपहरण जैसे संगीन अपराधों से आरोपियों को बचाया गया।
जब फरियादी ने इन धाराओं को बढ़ाने की बात कही तो पुलिस ने उल्टे फरियादी को ही शांत कर दिया। इस घटना के बाद अब आरोपीगण डकैतों की धौंस का आश्रय लेकर फरियादी पर राजीनामे को लेकर दबाब बना रहे है। फरियादी पवन पाण्डे पुलिस की कार्यप्रणाली से संतुष्ट नहीं यही कारण है कि पुलिस अधीक्षक को इस मामले में हस्तक्षेप करना होगा ताकि फरियादी को न्याय मिले और आरोपियों को सजा। यदि पुलिस का यही रवैया रहा तो फरियादियों की सुनवाई कौन करेगा? साथ ही शासकीय कार्य में बाधा डालकर गरीबों के राशन पर हक जमाने वाले ऐसे दबंगों के विरूद्ध कड़ी कार्यवाही की आवश्यकता है। समाचार लिखे जाने तक सभी आरोपीगण फरार थे।
इनका कहना है-
इनका कहना है-
युवक के साथ की गई मारपीट को लेकर हमने मौके पर ही पुलिस के द्वारा प्राथमिकी दर्ज कराई गई है जहां लूटपाट व अपहरण जैसी कोई घटना हमें नहीं बताई लेकिन यदि लिखित रूप से फरियादी शिकायत करता है तो हम मामला विवेचना में लेंगे और नियमानुसार जो कार्यवाही होगी की जाएगी।
उमेश शुक्लाएसडीएम पिछोर
उमेश शुक्लाएसडीएम पिछोर
मैंने मामले को पूरी तरह समझकर जो धाराऐं लगानी चाहिए थी वह लगाई है फरियादी के साथ हुई घटना को लेकर हमने भी आरोपीगणों को पकडऩे का प्रयास किया लेकिन वह भागने में सफल रहे। पुलिस किसी तरह की ढिलाई नहीं बरतेगी आरोपीगणों को शीघ्र ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
राकेश शर्मा
एसडीओपी पिछोर

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