शिवपुरी- कोलारस तहसीलदार लक्षीराम कोली की प्रताडऩा का सुसाईड नोट में जिक्र कर आत्महत्या करने वाले मृतक पटवारी फिरोज खान के परिवार को अब तक न्याय नहीं मिला है। जिस पर आज मृतक के परिजनों ने प्रेसवार्ता के माध्यम से प्रशासन व पुलिस पर पटवारियों एवं सहयोगियों को तोडऩे के आरोप लगाए है साथ ही मृतक पटवारी के परिजनों का कहना है कि यदि उन्हें 15 दिवस के भीतर न्याय नहीं मिला तो वह पूरे परिवार के साथ आत्मदाह करने को बाध्य होंगे। इस अवसर पर मौजूद मुस्लिम संप्रदाय ने उनकी इस चेतावनी को सख्त लहेजे में लेते हुए मृतक परिवारीजनों के साथ संवेदना व्यक्त की और कहा कि ऐसा कुछ नहीं होगा हमें पूर्ण विश्वास है न्याय जरूर मिलेगा।
मृतक पटवारी फिरोज खान के आत्महत्या मामले में अब तक कोई कार्यवाही ना होने को लेकर मृतक के परिजनों में पुलिस व प्रशासन के विरूद्ध रोष व्याप्त है। पीडि़त परिवारजनों में मृतक की मॉं नूरजहां बेगम, भाई साबिर व आरिफ खान ने न्याय की गुहार लगाते हुए मीडिया से सहयोग की अपील की। अपने निवास पर आयोजित प्रेसवार्ता के माध्यम से मृतक की मॉं नूरजहां बेगम ने कहा कि हमें न्याय चाहिए हमारे परिवार को चलाने वाला फिरोज के चले जाने से अब हमारा परिवार आर्थिक संकट से गुजर रहा है।
पीडि़त मॉं नूरजहां ने बताया कि उनके पुत्र ने कई बार उन्हें तहसीलदार लक्षीराम के द्वारा दी जा रही प्रताडऩा से अवगत कराया था और कुछ दिनों तक तो उसने खाना भी नहीं खाया। यही कारण रहा कि तहसीलदार की मांग पूरी ना कर पाने के कारण उसने आत्महत्या जैसा घातक कदम उठाया। प्रेसवार्ता में मृतक फिरोज खान के भाई साबिर व आरिफ ने कहा कि हमारा भाई एक न्यायप्रिय और ईमानदार छवि का व्यक्ति था यही कारण रहा कि आज हम आर्थिक रूप से इतने संपन्न भी नहीं हुए कि स्वयं का पक्का मकान बना सके जिसके चलते आज भी हम पाटौर में ही परिजनों के साथ रह रहे है।
परिजनों ने इस संबंध में पुलिस व प्रशासन पर पटवारियों एवं सहयोगियों को तोडऩे के आरोप भी लगाए साथ ही मीडिया से सहयोग की अपेक्षा व्यक्त की। प्रेसवार्ता में परिजनों ने वह सुसाईड नोट भी दिखाया जिसकी ओरिजनल कॉपी मानव अधिकार आयोग को भेजी गई जिसकी कार्बन कॉपी उन्हें दस्तावेजों की जांच पड़ताल के दौरान घर में ही मिली।
मुस्लिम संप्रदाय नहीं करने देगा आत्मदाह
पीडि़त मॉं नूरजहां ने बताया कि उनके पुत्र ने कई बार उन्हें तहसीलदार लक्षीराम के द्वारा दी जा रही प्रताडऩा से अवगत कराया था और कुछ दिनों तक तो उसने खाना भी नहीं खाया। यही कारण रहा कि तहसीलदार की मांग पूरी ना कर पाने के कारण उसने आत्महत्या जैसा घातक कदम उठाया। प्रेसवार्ता में मृतक फिरोज खान के भाई साबिर व आरिफ ने कहा कि हमारा भाई एक न्यायप्रिय और ईमानदार छवि का व्यक्ति था यही कारण रहा कि आज हम आर्थिक रूप से इतने संपन्न भी नहीं हुए कि स्वयं का पक्का मकान बना सके जिसके चलते आज भी हम पाटौर में ही परिजनों के साथ रह रहे है।
परिजनों ने इस संबंध में पुलिस व प्रशासन पर पटवारियों एवं सहयोगियों को तोडऩे के आरोप भी लगाए साथ ही मीडिया से सहयोग की अपेक्षा व्यक्त की। प्रेसवार्ता में परिजनों ने वह सुसाईड नोट भी दिखाया जिसकी ओरिजनल कॉपी मानव अधिकार आयोग को भेजी गई जिसकी कार्बन कॉपी उन्हें दस्तावेजों की जांच पड़ताल के दौरान घर में ही मिली।
मुस्लिम संप्रदाय नहीं करने देगा आत्मदाह
तहसीलदार की प्रताडऩा से आत्महत्या करने वाले पटवारी फिरोज खान के परिजनों ने आज प्रेसवार्ता के माध्यम से न्याय की गुहार लगाई है साथ ही कहा कि यदि उन्हें न्याय नहीं मिला तो वह पूरे परिवार के साथ आत्मदाह करने को बाध्य होंगे। इस अवसर पर मुस्लिम संप्रदाय ने मृतक परिजनों को ढांढस बंधाया और पूर्व पार्षद सफदर बेग मिर्जा ने कहा कि मृतक पटवारी फिरोज खान के परिवार के प्रति मुस्लिम संप्रदाय की संवेंदेनाऐं है हमें न्याय मिलेगा और हम मृतक के परिजनों को आत्मदाह नहीं करनें देंगे। इस अवसर पर अब्दुल रफीक खान अप्पल ने भी मुस्लिम भाईयों का साथ लेकर मृतक परिजनों के प्रति सहानुभूति व्यक्त की और हर तरह से सहयोग की बात कही।
आखिर क्यों नहीं हो रही कार्यवाही
आखिर क्यों नहीं हो रही कार्यवाही
मृतक पटवारी फिरोज खान के आत्महत्या के मामले में पर्याप्त सबूत पुलिस के हाथ में होने के बाबजूद भी कार्यवाही क्यों नहीं कर रही। यह समझ से परे है। एक ओर तो मृतक पटवारी फिरोज के साथीगण खुलकर सामने आ गए है। जिसमें मुकेश चौधरी, जितेन्द्र सगर, संजीव मौर्य सहित लगभग दर्जन भर ऐसे पटवारी शामिल है जिन्होंने तहसीलदार की प्रताडऩा को महसूस किया। इन्हें भी इसी तरह की अवैध वसूली के निर्देश दिए गए थे लेकिन तहसीलदार की प्रताडऩा का असर पटवारी फिरोज पर हुआ जिसने आत्महत्या जैसा कदम उठाया। अब पुलिस के द्वारा इस मामले में जांच बिन्दु तो बना दिए अधिकारी भी चुन दिए लेकिन आज घटना के इतने दिनों बाद भी कोई कार्यवाही ना होना कहीं ना कहीं मामले में समस्या पैदा कर रहे है।

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