शिवपुरी 25 नववम्बर का. जिले में इस समय कुपोषण ने चोतरफा अपने पैर पसार रखे हैं। एक के बाद हो रही कुपोषण से मौतों के बाद भी प्रशासन गहरी निन्द्रा में नजर आ रहा है। यहां पर महिला बाल विकास द्वारा ग्रामीण क्षेत्र एवं शहरी क्षेत्र में कागजी तौर पर दौरों का सिलसिला जारी है और शासन द्वारा चलाई जा रही योजनाओं का लाभ भी सभी को प्रदाय किया जा रहा है लेकिन इन सबकी अगर जमीनी हकीकत जानी जाए तो यहां पर जो कुछ हो रहा है वह सब कागजीबाडे पर आधारित है। जिसका जीता जागता उदाहरण एक पखवाड़े के अंदर ही कुपोषण के चलते तीन बच्चों की मौत हो चुकी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार महिला बाल विकास अनदेखी और लापरवाही के चलते जिले में कुपोषण ने अपने पैर पसार रखे हैं और आए दिन कुपोषण से होने वाली मौतों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। गत रोज शहर के वार्ड क्रमांक 24 की हरिजन बस्ती में एक डेढ़ वर्षीय बालक की कुपोषण के चलते मौत का मामला सामने आया था। जब जिला मुख्यालय पर शहर में ही कुपोषण से बालकों की मौत हो रही है तो फिर ग्रामीण क्षेत्रों में तो हालात बद से बदतर हैं। इसी क्रम में रन्नौद क्षेत्र के ग्राम भिलारी में डेढ़ वर्षीय बालिका कविता पुत्री वीर सिंह आदिवासी की भी कुपोषण के चलते मौत हो चुकी है जबकि बैराड थाना क्षेत्र में भी गत समय कुपोषण के चलते जिला चिकित्साल में एक बालिक की मौत का मामला सामने आया था। एक के बाद एक कुपोषण से हो रही मौतों के बाद भी प्रशासन के कानों पर जूं तक नहीं रेंगी है।
प्रतिक्रियाएं मूल्यवान होतीं हैं क्योंकि वो समाज का असली चेहरा सामने लातीं हैं। अब एक तरफा मीडियागिरी का माहौल खत्म हुआ। संपादक जो चाहे वो जबरन पाठकों को नहीं पढ़ा सकते। शिवपुरी समाचार आपका अपना मंच है, यहां अभिव्यक्ति की आजादी का पूरा अवसर उपलब्ध है। केवल मूक पाठक मत बनिए, सक्रिय साथी बनिए, ताकि अपन सब मिलकर बना पाएं एक अच्छी और सच्ची शिवपुरी। आपकी एक प्रतिक्रिया मुद्दों को नया मोड़ दे सकती है। इसलिए प्रतिक्रिया जरूर दर्ज करें।