भौती पिछोर। शिवपुरी जिले के पिछोर अनुविभाग के भौती थाना सीमा के ग्राम महोबा डामरौन में शासकीय चबूतरे पर बैठने को लेकर हुए मामूली विवाद ने खूनी रूप ले लिया। पड़ोसी, पिता और उसके दो बेटों द्वारा की गई मारपीट के बाद 42 वर्षीय युवक की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। मामले में पुलिस ने हत्या की धारा बढ़ाते हुए तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
जानकारी के मुताबिक ग्राम महोबा डामरौन निवासी सुरेश (42), पुत्र बाबूलाल जाटव, 20 अक्टूबर की शाम अपने घर के पास स्थित शासकीय चबूतरे पर बैठा था। ग्राम पंचायत का चबूतरा होने के चलते अधिकांश लोग, जब कोई काम नहीं होता, तो वहीं बैठे रहते हैं। तभी पड़ोस में रहने वाले रामसेवक जाटव और उसके दो बेटे, कृष्ण कुमार और रोहित, वहां पहुंचे। वे बिना किसी वजह के गाली-गलौज करने लगे। सुरेश ने विरोध जताया।
तीनों ने मिलकर उसके साथ जमकर मारपीट कर दी। अगली सुबह, 21 अक्टूबर को सुरेश ने भौंती थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने सामान्य मारपीट की धाराओं में मामला दर्ज किया। उसका मेडिकल कराया गया। डॉक्टर ने उसे घर भेज दिया। उसी दिन शाम को अचानक सुरेश की तबीयत बिगड़ी। उसकी मौत हो गई। फरियादी की मौत की सूचना मिलते ही पुलिस ने प्रकरण में तुरंत हत्या की धारा जोड़ दी। मृतक की पत्नी की पहले ही मौत हो चुकी है। उसका 20 साल का बेटा पिता से अलग खोड़ क्षेत्र में रहता था। मृतक अकेला रहता था। पास में उसके भाई समेत अन्य परिजन रहते हैं।
घेराबंदी कर तीनों आरोपियों को पकड़ाः टीआई घनश्याम भदौरिया के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने दबिश देकर 23 अक्टूबर को मामले में रामसेवक (50) पुत्र स्व. राजाराम जाटव, उसके बेटे कृष्ण कुमार जाटव (28) और रोहित जाटव (22) को गिरफ्तार कर लिया।
नवरात्र का व्रत, खाली पेट और शराब का सेवन... गहराया संशय
मामले की जांच में नया मोड़ सामने आया है। टीआई घनश्याम भदौरिया ने बताया कि प्राथमिक विवेचना में आया है कि मृतक सुरेश नवरात्र में उपवास रख रहा था। वह काफी समय से भूखा था। वह शराब का भी आदी था। उसने मारपीट वाले दिन शराब का सेवन किया था। उसने थाने से मेडिकल कराकर लौटने के बाद भी शराब पी थी।

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