शिवपुरी। महिला उत्पीड़न की शिकायतों की सुनवाई के लिए शिवपुरी पहुंचीं राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजया रहाटकर के सामने महिलाओं से जुड़ी शिकायतों के साथ मानव तस्करी के मामले भी सामने आए। प्रेस वार्ता में अध्यक्ष ने स्वयं इसकी जानकारी देते हुए महिलाओं की खरीद-फरोख्त को गंभीर अपराध बताया और ऐसे मामलों में पुख्ता कार्रवाई की बात कही। यानी शिवपुरी में मानव तस्करी से जुड़ी शिकायतें सामने आने की बात अब राष्ट्रीय महिला आयोग के स्तर पर भी सार्वजनिक रूप से कही गई है। इस दौरान पुलिस अधीक्षक यांगचेन डोलकर भूटिया भी मौजूद रहीं।
अध्यक्ष ने कहा कि सुनवाई के दौरान काफी संख्या में महिलाएं अपनी शिकायतें लेकर पहुंची थीं। हालांकि कुछ महिलाओं के निराश होकर लौटने के सवाल पर उन्होंने कहा कि महिला शिकायतों का निराकरण केवल हां या ना में नहीं होता, बल्कि उनकी सुनवाई और समाधान की प्रक्रिया कई बार कठिन होती है। उन्होंने बताया कि राज्य महिला आयोग के स्तर पर भी शिकायतों की सुनवाई की जा रही है।
मानव तस्करी को लेकर गंभीर चिंता
सुनवाई के दौरान मानव तस्करी से जुड़ी शिकायतें सामने आने को लेकर राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष ने गंभीरता जताई। उन्होंने महिलाओं की खरीद-फरोख्त को गंभीर अपराध बताते हुए इसके खिलाफ पुख्ता कार्रवाई की बात कही। इस बयान के बाद अब बड़ा सवाल यह है कि सामने आई शिकायतों में कितने मामले मानव तस्करी से जुड़े हैं, उनकी वास्तविकता क्या है और संबंधित एजेंसियां इन शिकायतों की जांच किस स्तर तक करेंगी।
मानव तस्करी जैसे गंभीर विषय का सामने आना इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इसमें महिलाओं के शोषण और उनकी खरीद-फरोख्त जैसे आरोप शामिल हो सकते हैं। ऐसे मामलों में शिकायतों की जांच और पीड़ित महिलाओं की सुरक्षा को लेकर प्रशासन और पुलिस की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है।
शराब दुकान तोड़फोड़ मामले में बोलीं- कानून हाथ में लेना गलत
पिछले दिनों शराब की दुकानों में तोड़फोड़ करने वाली महिलाओं पर दर्ज प्रकरण को लेकर पूछे गए सवाल पर राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष ने कहा कि उन्हें इस मामले की पूरी जानकारी नहीं है, इसलिए वे इस पर कुछ नहीं कह सकतीं। हालांकि उन्होंने इतना जरूर कहा कि **कानून को अपने हाथ में लेना गलत है।
महिला कर्मचारियों की कमेटी तक से अनजान निकला तंत्र
शिवपुरी के शासकीय कार्यालयों में काम करने वाली महिला कर्मचारियों की शिकायतों और समस्याओं के निराकरण के लिए कमेटी गठित किए जाने के सवाल पर भी प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े हुए। बताया गया कि कई बार आदेशों के बावजूद ऐसी कमेटी नहीं बनाई गई है।
जब यह सवाल राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि वे कलेक्ट्रेट में बैठक लेने जा रही हैं और वहां यह पता करेंगी कि कमेटियां बनाई गई हैं या नहीं। इससे यह सवाल भी सामने आया कि यदि महिला कर्मचारियों की शिकायतों के लिए व्यवस्था पहले से निर्धारित है तो उसका पालन धरातल पर क्यों नहीं हो रहा।
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