शिवपुरी/कोलारस। सात महीने से खराब पड़े बिजली ट्रांसफार्मर, एक फेस पर चल रही बिजली सप्लाई, लो-वोल्टेज और लगातार बिजली कटौती की समस्या से परेशान खरई गांव के ग्रामीणों का शुक्रवार को आखिरकार गुस्सा फूट पड़ा। बड़ी संख्या में ग्रामीण जनपद सदस्य शिवकुमार चौहान के नेतृत्व में बिजली सब-स्टेशन पहुंचे और धरना शुरू कर दिया। ग्रामीणों ने बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए खराब ट्रांसफार्मरों को तत्काल बदलने और लाइनमैन धनीराम प्रजापति के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
धरने के दौरान ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि लंबे समय से शिकायतें करने के बावजूद उनकी समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया। जनपद सदस्य शिवकुमार चौहान ने बिजली विभाग के स्थानीय अमले पर मनमानी और लापरवाही के आरोप लगाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर तत्काल कार्रवाई नहीं हुई तो बिजली सब-स्टेशन की सप्लाई बंद कर दी जाएगी और इसके बाद आमरण अनशन शुरू किया जाएगा।
सात महीने से बस्तियां अंधेरे में
जनपद सदस्य शिवकुमार चौहान के अनुसार, राजगढ़ गांव की हरिजन बस्ती और परिहार बस्ती में करीब सात महीने से बिजली के ट्रांसफार्मर खराब पड़े हैं। ग्रामीणों द्वारा कई बार शिकायतें किए जाने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ। चौहान का आरोप है कि ट्रांसफार्मर बदलने के मामले में बिजली बिल बकाया होने का हवाला देकर अड़चन पैदा की गई और अधिकारियों को भी स्थिति की सही जानकारी नहीं दी गई। उनका कहना है कि करीब चार महीने की लगातार कोशिश के बाद आदिवासी बस्ती का ट्रांसफार्मर बदला जा सका। वहीं खरई के कुशवाह मोहल्ले में पिछले करीब 15 दिनों से डीपी खराब पड़ी है, लेकिन उसे भी अब तक ठीक नहीं किया गया।
ट्रांसफार्मर के नाम पर 30 हजार रुपए लेने का आरोप
धरने के दौरान जनपद सदस्य ने बिजली व्यवस्था को लेकर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि ट्रांसफार्मर बदलने के नाम पर ग्रामीणों से 30 हजार रुपए वसूले गए। हालांकि, इस आरोप की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। मामले में विभागीय स्तर पर जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
एक फेस पर बिजली, ग्रामीणों को लो-वोल्टेज की मार
ग्रामीणों की सबसे बड़ी परेशानी बिजली सप्लाई को लेकर है। चौहान का आरोप है कि दो फेस वाले ट्रांसफार्मर को फिलहाल एक फेस पर चलाया जा रहा है। इसके चलते ग्रामीणों को पर्याप्त बिजली नहीं मिल पा रही है और लो-वोल्टेज की समस्या बनी हुई है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बीपीएल लाइन से पंप लाइन को बिजली सप्लाई दी जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि इस व्यवस्था के कारण घरेलू बिजली उपभोक्ताओं को लगातार परेशानी उठानी पड़ रही है और बिजली कटौती का सिलसिला बना हुआ है।
मांग नहीं मानी तो बंद कर देंगे सब-स्टेशन की सप्लाई
धरने के दौरान जनपद सदस्य शिवकुमार चौहान ने बिजली विभाग को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि शुक्रवार देर शाम तक लाइनमैन को निलंबित नहीं किया गया और खराब ट्रांसफार्मरों की समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे सब-स्टेशन की सप्लाई बंद करने के लिए मजबूर होंगे।
उन्होंने कहा कि इसके बाद भी यदि ग्रामीणों की मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो अगले दिन से आमरण अनशन शुरू किया जाएगा। इस दौरान उन्होंने आंदोलन की जिम्मेदारी बिजली विभाग और प्रशासन की होने की बात कही।
लाइनमैन ने आरोपों को नकारा
वहीं, ग्रामीणों द्वारा लगाए गए आरोपों पर लाइनमैन धनीराम प्रजापति ने अपना पक्ष रखते हुए आरोपों से इनकार किया है। उनका कहना है कि राजगढ़ गांव में 63 केवीए की डीपी खराब हुई थी, जिसकी रिपेयरिंग कराई गई थी। हालांकि तकनीकी समस्या के कारण फिलहाल उससे केवल एक फेस का आउटपुट मिल रहा है। धनीराम प्रजापति के अनुसार, डीपी या ट्रांसफार्मर को बदलने का निर्णय उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं आता। उन्होंने बताया कि जनपद सदस्य द्वारा तत्काल ट्रांसफार्मर बदलने की मांग की गई थी, जिस पर उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों से चर्चा करने की सलाह दी थी।
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