शिवपुरी, शिवपुरी के रहने वाले और वर्तमान में ग्वालियर पुलिस विभाग में अपनी सेवाएं दे रहे 27 वर्षीय युवा शशांक श्रीधर का साइलेंट अटैक के कारण दुखद निधन हो गया हैं। इस दुःखद घटना से शिवपुरी और ग्वालियर दोनों ही जगह शोक की लहर दौड़ गई है। इतनी कम उम्र में शशांक के इस तरह अचानक चले जाने से उनका परिवार गहरे सदमे में है।
शशांक श्रीधर का शिवपुरी से गहरा नाता था। वे शिवपुरी में एसपी बंगले स्थित मंदिर के पुजारी श्री बसंत शर्मा जी के भतीजे थे। शशांक के जीवन में संघर्ष काफी पहले ही शुरू हो गया था। वर्ष 2014 में उनके पिता स्व. श्री संतोष कुमार शर्मा, जो कि 18वीं बटालियन में पदस्थ थे, का एक भीषण सड़क दुर्घटना में निधन हो गया था। पिता के असमय चले जाने के बाद परिवार की पूरी जिम्मेदारी शशांक के कंधों पर आ गई थी। इसके पश्चात पुलिस विभाग द्वारा उन्हें अनुकंपा नियुक्ति प्रदान की गई थी, जिसके बाद वे ग्वालियर में पदस्थ रहकर पूरी निष्ठा के साथ अपनी ड्यूटी निभा रहे थे।
नियति का यह चक्र परिवार के लिए बेहद क्रूर साबित हुआ है। दस साल पहले सिर से पिता का साया उठने के बाद, शशांक ही अपनी माँ और बहनों का एकमात्र सहारा थे। उनके परिवार में अब उनकी वृद्ध माँ और दो बहनें (जिनमें एक विवाहित और एक अविवाहित है) रह गई हैं। घर के इकलौते चिराग के इस तरह अचानक बुझ जाने से माँ और बहनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
महज 27 वर्ष की आयु में शशांक का असमय जाना पुलिस विभाग, उनके परिचितों और शिवपुरी के स्थानीय लोगों के लिए अत्यंत पीड़ादायक है। जिसने भी यह खबर सुनी, वह स्तब्ध रह गया। स्थानीय लोगों और परिचितों ने शोकाकुल परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त करते हुए ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति और परिवार को इस अपार दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की है।

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