शिवपुरी जिले के बदरवास से इंसानियत और ममता को शर्मसार कर देने वाला एक मामला सामने आया है। यहां बूढ़ाडोंगर फोरलेन हाईवे पुल के नीचे सर्विस रोड पर एक नवजात का लावारिस शव पड़ा मिला। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कुछ ही घंटों में मामले की तह तक पहुंचकर नवजात के माता-पिता का पता लगा लिया।
कैसे सामने आई घटना
घटना बदरवास थाना क्षेत्र की है। स्थानीय लोगों ने बूढ़ाडोंगर पुल के नीचे सर्विस रोड पर एक नवजात का शव पड़े होने की सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही बदरवास पुलिस फौरन मौके पर पहुंची। पुलिस ने नवजात के शव को कब्जे में लेकर आसपास के अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में पड़ताल शुरू की। जल्द ही पुलिस को बदरवास अस्पताल से अहम सुराग मिल गए, जिससे नवजात के माता-पिता की पहचान हो गई।
क्या है पूरी कहानी
पुलिस की पड़ताल और बदरवास अस्पताल से मिली जानकारी के अनुसार, रन्नौद थाना क्षेत्र के ग्राम खैरोना निवासी जितेंद्र आदिवासी की पत्नी निदिया आदिवासी गर्भवती थी। गांव में ही एक आशा कार्यकर्ता की मदद से निदिया का प्रसव कराया गया था। प्रसव के बाद जब प्रसूता और नवजात बच्ची को बदरवास अस्पताल लाया गया, तो जांच के बाद डॉक्टरों ने बच्ची को मृत घोषित कर दिया।
बीएमओ ने क्या बताया?
बदरवास अस्पताल के ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर (बीएमओ) डॉ. चेतेंद्र कुशवाह ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि नवजात को स्वास्थ्य केंद्र में मृत अवस्था में ही लाया गया था। यह डिलीवरी समय से पहले यानी करीब 7 महीने की थी। अस्पताल प्रबंधन ने आवश्यक कागजी कार्रवाई के बाद मृत बच्ची का शव परिजनों (पिता) को दफनाने के लिए सौंप दिया था। वर्तमान में प्रसूता निदिया अस्पताल में ही भर्ती है और उसका इलाज चल रहा है।
रहस्य बना पिता का गायब होना
अस्पताल से शव मिलने के बाद परिजनों को उसे रीति-रिवाज से दफनाना था, लेकिन अस्पताल से करीब 10 किलोमीटर दूर नवजात का शव लावारिस हालत में पड़ा मिला। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि अस्पताल में भर्ती पत्नी को छोड़कर पति जितेंद्र रात से ही रहस्यमयी तरीके से गायब है।
पुलिस कर रही है तलाश
नवजात का शव सड़क पर किसने फेंका और क्यों? पिता जितेंद्र रात से क्यों फरार है? क्या किसी डर या मजबूरी में शव को लावारिस छोड़ा गया? बदरवास पुलिस इन तमाम सवालों के जवाब तलाशने में जुट गई है। फिलहाल पुलिस फरार पति की सरगर्मी से तलाश कर रही है, जिसके पकड़े जाने के बाद ही इस पूरे मामले से पूरी तरह पर्दा उठ सकेगा।

प्रतिक्रियाएं मूल्यवान होतीं हैं क्योंकि वो समाज का असली चेहरा सामने लातीं हैं। अब एक तरफा मीडियागिरी का माहौल खत्म हुआ। संपादक जो चाहे वो जबरन पाठकों को नहीं पढ़ा सकते। शिवपुरी समाचार आपका अपना मंच है, यहां अभिव्यक्ति की आजादी का पूरा अवसर उपलब्ध है। केवल मूक पाठक मत बनिए, सक्रिय साथी बनिए, ताकि अपन सब मिलकर बना पाएं एक अच्छी और सच्ची शिवपुरी। आपकी एक प्रतिक्रिया मुद्दों को नया मोड़ दे सकती है। इसलिए प्रतिक्रिया जरूर दर्ज करें।