शिवपुरी। शिक्षा सत्र 2026-2027 शिक्षको को टेंशन लेकर आया है,अब समय से पहले स्कूल पहुंचना है नही तो शिक्षक अपनी प्रजेंट नही लगा सकता है। अब शिक्षको की हाजिरी लगाने वाला शिक्षक ऐप अब प्रतिदिन मास्टरो का टेस्ट ले रहा है,ऐप गणित के सवाल पूछ रहा है इन सवालो के जबाव देने के बाद ही शिक्षक ऐप आगे ओपन हो रहा है और आगे की प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही ऐप पर अटेंडस का विकल्प ओपन हो रहा है।
लोक शिक्षण संचालनालय भोपाल ने सोमवार से हाजिरी की प्रक्रिया में यह नया बदलाव लागू किया है। इसके साथ ही शिक्षकों के बीच एक बार फिर इस बात को लेकर नाराजगी सामने आने लगी है कि अटेंडेंस सिस्टम को सरल बनाने के बजाय लगातार नए नियम जोड़े जा रहे हैं।
हाजिरी से पहले सवाल का जवाब
नए नियम के तहत शिक्षक जब हमारे शिक्षक ऐप पर अपनी हाजिरी लगाने के लिए जाएंगे तो उन्हें पहले एक सवाल का जवाब देना होगा। सवाल का जवाब देने के बाद ही हाजिरी लगाने की प्रक्रिया आगे बढ़ सकेगी। शिक्षा विभाग के इस प्रयोग को शिक्षकों की ऑनलाइन सक्रियता और ऐप के उपयोग से जोड़कर देखा जा रहा है, लेकिन दूसरी ओर शिक्षक संगठनों का कहना है कि लगातार बदलाव से वास्तविक समस्या कम होने के बजाय बढ़ती जा रही है। खासकर ऐसे शिक्षक जो तकनीकी प्रक्रिया में सहज नहीं हैं या उम्रदराज हैं, उन्हें ऐप पर रोज नए बदलाव समझने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
पिछले सप्ताह में कई बार बदले नियम
शिक्षकों का कहना है कि ‘हमारे शिक्षक’ ऐप पर हाजिरी को लेकर पिछले कुछ दिनों में ही कई बार नियम बदले जा चुके हैं। कभी लॉगिन का समय बदला गया तो कभी हाजिरी की समय सीमा को लेकर नए निर्देश जारी हुए। अब सोमवार से हाजिरी लगाने से पहले सवाल का जवाब देने की व्यवस्था जोड़ दी गई है। इससे शिक्षक संगठनों में नाराजगी और बढ़ गई है।
10.30 के बाद हाजिरी पर जिला स्तर पर रिपोर्ट
अटेंडेंस को लेकर एक और पेंच शिक्षकों की परेशानी बढ़ा रहा है। विभाग की ओर से ऐप पर लॉगिन का समय सुबह 10.15 बजे तक किए जाने की व्यवस्था की गई थी। इसके बाद 10.30 बजे के बाद ऑनलाइन हाजिरी लगाने वाले शिक्षकों की रिपोर्ट जिला स्तर पर मांगी जा रही थी।
ऐसे शिक्षकों को ब्लॉक शिक्षा अधिकारियों के माध्यम से चेतावनी पत्र और नोटिस दिए जाने की बात भी सामने आई है। बाद में शिक्षक संगठनों के विरोध के बाद लोक शिक्षण आयुक्त ने ऐप पर हाजिरी लगाने का समय सुबह 10.45 बजे तक किए जाने के निर्देश दिए। इसके बावजूद 10.30 बजे के बाद हाजिरी लगाने वालों की रिपोर्ट मांगे जाने से शिक्षकों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
छह घंटे की कार्य अवधि के बाद भी अटेंडेंस का झंझट
शिक्षा विभाग की ओर से शिक्षकों की न्यूनतम कार्य अवधि छह घंटे किए जाने के बाद भी ऑनलाइन अटेंडेंस को लेकर लगातार बदलाव हो रहे हैं। शिक्षकों का कहना है कि स्कूल में निर्धारित समय तक काम करने के बावजूद यदि ऐप में तकनीकी या नियमों से जुड़ी समस्या आ जाए तो उनकी हाजिरी प्रभावित होने का डर बना रहता है। यही वजह है कि अब शिक्षक संगठन ऐप आधारित हाजिरी की पूरी व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं।
रोज नए नियमों से बढ़ रही परेशानी
राज्य शिक्षक संघ और राज्य कर्मचारी संघ ने भी इस व्यवस्था को लेकर नाराजगी जताई है। संगठनों का कहना है कि विभाग को बार-बार नियम बदलने के बजाय एक स्पष्ट और स्थायी व्यवस्था लागू करनी चाहिए। शिक्षकों का तर्क है कि स्कूल में पढ़ाई, रिकॉर्ड और विभागीय काम के साथ अब रोजाना ऐप की नई प्रक्रिया समझने में समय लग रहा है। कभी समय को लेकर निर्देश आते हैं तो कभी अटेंडेंस की प्रक्रिया में नया चरण जोड़ दिया जाता है।
सवाल यह भी- पढ़ाई पर कितना असर
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि ऑनलाइन हाजिरी को सख्त बनाने के लिए किए जा रहे लगातार प्रयोगों का स्कूलों में पढ़ाई और शिक्षकों के काम पर क्या असर पड़ेगा। तकनीक के जरिए उपस्थिति सुनिश्चित करना अपनी जगह जरूरी है, लेकिन शिक्षक संगठनों की मांग है कि व्यवस्था ऐसी हो जिसमें हाजिरी आसान, स्पष्ट और तकनीकी परेशानियों से मुक्त रहे।
फिलहाल शिवपुरी जिले में हमारे शिक्षक ऐप पर नया नियम लागू होने के बाद शिक्षकों को हाजिरी लगाने से पहले सवाल का जवाब देना होगा। ऐसे में शिवपुरी के 7200 से अधिक शिक्षक अब रोज स्कूल पहुंचने के बाद पढ़ाने से पहले ऐप पर सवाल का जवाब देकर अपनी हाजिरी दर्ज कराने की नई प्रक्रिया से गुजरेंगे।
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