बदरवास/शिवपुरी। शिवपुरी जिले के बदरवास क्षेत्र के ग्राम अटलपुर में संचालित सिद्ध बाबा के्शर पर आखिरकार प्रशासन का शिकंजा कस गया है। तीन दिन पहले क्रेशर में हुई तेज ब्लास्टिंग के कारण जाटव बस्ती के करीब एक दर्जन मकानों में दरारें आ गई थीं, जबकि भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा का एक हिस्सा भी क्षतिग्रस्त हो गया था। घटना के बाद क्षेत्र में आक्रोश फैल गया था और ग्रामीणों ने कार्रवाई की मांग उठाई थी।
इस पूरे मामले को शिवपुरी मीडिया ने प्रमुखता से प्रकाशित करते हुए जिले में संचालित क्रशरों में अनियंत्रित ब्लास्टिंग और उससे ग्रामीणों की सुरक्षा पर मंडरा रहे खतरे का मुद्दा उठाया था। खबर प्रकाशित होने के बाद कलेक्टर अर्पित वर्मा ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल जांच के निर्देश दिए।
मंगलवार को कोलारस एसडीएम अनूप श्रीवास्तव, बदरवास तहसीलदार सचिन भार्गव, खनिज अधिकारी आर.एस. उईके और खनिज निरीक्षक ऋषभ दीक्षित सहित प्रशासनिक एवं खनिज विभाग की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने सबसे पहले प्रभावित जाटव बस्ती और क्षतिग्रस्त अंबेडकर प्रतिमा का निरीक्षण किया। इसके बाद क्रशर परिसर की जांच की गई।
प्रारंभिक जांच में सामने आई तकनीकी खामियां
प्रशासनिक जांच के दौरान प्रारंभिक रूप से यह सामने आया कि ब्लास्टिंग के दौरान अपनाई गई तकनीक और ड्रिलिंग प्रक्रिया में गंभीर खामियां थीं। इसी वजह से विस्फोट के बाद पत्थरों के बड़े-बड़े टुकड़े करीब 300 मीटर दूर स्थित बस्ती तक जा पहुंचे। इससे कई मकानों की दीवारों में दरारें आ गईं और अंबेडकर प्रतिमा को भी नुकसान पहुंचा। जांच टीम ने सुरक्षा मानकों के उल्लंघन की आशंका को देखते हुए साक्ष्यों के संरक्षण और किसी भी संभावित खतरे को रोकने के उद्देश्य से सिद्ध बाबा क्रेशर को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया।
इन 10 बिंदुओं पर होगी विस्तृत जांच
तहसीलदार सचिन भार्गव ने बताया कि अब पूरे मामले की 10 महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तृत जांच की जाएगी। इनमें शामिल हैं—
* खदान की लीज की वास्तविक अवधि और उसकी वैधता।
* निर्धारित सीमा, गहराई और चौड़ाई के अनुरूप ही खनन हुआ या नहीं।
* ब्लास्टिंग और ड्रिलिंग में किस तकनीक एवं मशीनरी का उपयोग किया गया।
* ब्लास्टिंग की वैधानिक अनुमति ली गई थी या नहीं।
* सुरक्षा मानकों और विस्फोट संबंधी नियमों का पालन हुआ या नहीं।
* पर्यावरण एवं प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की स्वीकृतियां वैध हैं या नहीं।
* परिसर में अग्निशमन एवं अन्य सुरक्षा उपकरण उपलब्ध हैं या नहीं।
* लीज क्षेत्र की आबादी और गांव से दूरी नियमों के अनुरूप है या नहीं।
* स्थानीय लोगों की सुरक्षा के लिए आवश्यक इंतजाम किए गए थे या नहीं।
* खनिज विभाग की अन्य सभी शर्तों और नियमों का पालन किया गया या नहीं।
जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई तय की जाएगी।
ग्रामीणों में दहशत, कार्रवाई की मांग
घटना के बाद अटलपुर की जाटव बस्ती में रहने वाले लोगों में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि इसी तरह लापरवाही से ब्लास्टिंग होती रही तो भविष्य में कोई बड़ा हादसा भी हो सकता है। उन्होंने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और नुकसान की भरपाई की मांग की है।
सत्ताधारी नेताओं से जुड़ा होने की चर्चा
स्थानीय स्तर पर यह चर्चा भी है कि संबंधित क्रेशर का संचालन सत्ताधारी दल से जुड़े प्रभावशाली लोगों द्वारा किया जाता है। इसी कारण अब तक प्रशासन की कार्रवाई धीमी रही। हालांकि इस बार घटना के बाद बढ़ते जनदबाव और मीडिया में मामला प्रमुखता से आने के बाद प्रशासन को कार्रवाई करनी पड़ी।
एसडीएम बोले- जांच रिपोर्ट के बाद होगी अगली कार्रवाई
कोलारस एसडीएम अनूप श्रीवास्तव ने बताया कि सिद्ध बाबा क्रेशर को फिलहाल सील कर दिया गया है। पूरे मामले की विस्तृत जांच खनिज विभाग द्वारा की जाएगी। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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