कोलारस के 1000 शिक्षकों का इंक्रीमेंट अटका, अगस्त के वेतन पर भी संकट

vikas
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कोलारस।
कोलारस विकासखंड में शिक्षा विभाग की प्रशासनिक सुस्ती का खामियाजा अब एक हजार से अधिक शिक्षकों को भुगतना पड़ सकता है। ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (बीईओ) का तबादला हुए लगभग एक माह बीत जाने के बावजूद नए बीईओ की नियुक्ति और वित्तीय अधिकार नहीं दिए जाने से वार्षिक वेतन वृद्धि (इंक्रीमेंट) की प्रक्रिया ठप हो गई है। इतना ही नहीं, अगस्त माह में मिलने वाले जुलाई के वेतन पर भी संकट के बादल मंडरा रहे हैं। शिक्षक संगठनों ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए तत्काल व्यवस्था नहीं होने पर गंभीर आर्थिक संकट की आशंका जताई है।

जानकारी के अनुसार तत्कालीन बीईओ राहुल भार्गव का उज्जैन में डीपीसी पद पर तबादला हो चुका है। इसके बाद से कोलारस में नियमित बीईओ का पद खाली पड़ा है। हालांकि ब्लॉक शासकीय हाई स्कूल डेहरवारा के प्राचार्य पी.आर. भगत को प्रभारी बीईओ का सामान्य प्रभार सौंपा गया है, लेकिन उन्हें डीडीओ (आहरण एवं संवितरण अधिकारी) के वित्तीय अधिकार नहीं दिए गए हैं। यही कारण है कि वेतन और वार्षिक वेतन वृद्धि से जुड़ी पूरी प्रक्रिया ठप हो गई है।

इंक्रीमेंट की ऑनलाइन प्रक्रिया नहीं हो सकी पूरी
शिक्षक संगठनों के मुताबिक हर वर्ष जुलाई माह के वेतन में वार्षिक वेतन वृद्धि जोड़ी जाती है। इसके लिए 19 जुलाई को आईएफएस (IFS) पोर्टल खोला गया था, ताकि संबंधित अधिकारी ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी कर सकें। लेकिन कोलारस में अधिकृत डीडीओ नहीं होने के कारण किसी भी शिक्षक का इंक्रीमेंट पोर्टल पर अपडेट नहीं हो सका। अब पोर्टल बंद हो चुका है, जिससे शिक्षकों को अगले माह तक इंतजार करना पड़ सकता है।

अगस्त में मिलने वाला जुलाई का वेतन भी अटक सकता है
स्थिति केवल इंक्रीमेंट तक सीमित नहीं है। शिक्षकों का जुलाई माह का वेतन, जो अगस्त में जारी होना है, उसके समय पर भुगतान पर भी संशय गहरा गया है। हर माह 20 से 25 तारीख के बीच वेतन बिल ऑनलाइन तैयार किए जाते हैं। इसके बाद बीईओ द्वारा डिजिटल हस्ताक्षर (ई-साइन) और ऑनलाइन अनुमोदन के बाद बिल ट्रेजरी भेजे जाते हैं। लेकिन वर्तमान में वित्तीय अधिकार नहीं होने के कारण यह पूरी प्रक्रिया रुकी हुई है।

डिजिटल अनुमोदन में भी लगेगा समय
शिक्षा विभाग के जानकारों का कहना है कि यदि जल्द ही नए बीईओ की नियुक्ति कर दी जाती है, तब भी उनके डिजिटल हस्ताक्षर और ऑनलाइन अनुमोदन की प्रक्रिया पूरी होने में दो से तीन दिन का समय लगता है। ऐसे में समय पर वेतन जारी होना और अधिक कठिन हो सकता है।

शिक्षक संगठनों ने दी चेतावनी
अध्यापक-शिक्षक संयुक्त मोर्चा और कर्मचारी कांग्रेस ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि एक-दो दिन के भीतर नियमित बीईओ की नियुक्ति नहीं हुई या किसी अधिकारी को वित्तीय अधिकार नहीं दिए गए, तो एक हजार से अधिक शिक्षकों का जुलाई का वेतन समय पर जारी नहीं हो पाएगा। इससे शिक्षकों और कर्मचारियों को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। संगठनों ने जिला शिक्षा अधिकारी से मांग की है कि तत्काल किसी अधिकारी को डीडीओ के वित्तीय अधिकार देकर वेतन और इंक्रीमेंट की प्रक्रिया शुरू कराई जाए, ताकि शिक्षकों को अनावश्यक परेशानी से बचाया जा सके।

जिला शिक्षा अधिकारी ने दिया आश्वासन
इस संबंध में जिला शिक्षा अधिकारी आकाश सिंह यादव ने बताया कि नए बीईओ की नियुक्ति के लिए कलेक्टर से अनुमोदन प्राप्त हो चुका है। आदेश जारी किए जा रहे हैं और जल्द ही शिक्षकों की समस्या का समाधान कर दिया जाएगा। इसके बाद वेतन और इंक्रीमेंट की प्रक्रिया सामान्य रूप से शुरू हो जाएगी।

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