पिछोर। शिवपुरी जिले के पिछोर थाना क्षेत्र के ग्राम ठुनी से इंसानियत को शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया है। जन्म से मूक-बधिर एक 24 वर्षीय दिव्यांग युवक पहले पिता की पिटाई से आहत होकर घर छोड़कर निकल गया, लेकिन रास्ते में उसके साथ जो हुआ, उसने हर किसी को झकझोर दिया।
बताया जा रहा है कि चार दबंगों ने युवक को पकड़कर एक घर में ले जाकर उसके दोनों हाथ रस्सी से बांध दिए और बेरहमी से मारपीट की। सबसे दर्दनाक बात यह रही कि पीड़ित न तो अपनी चीख किसी को सुना सकता था और न ही अपनी आपबीती शब्दों में बता सकता था। बाद में उसने इशारों के जरिए पूरी घटना परिजनों को बताई।
इलाज की बात पर पिता ने पीटा, गुस्से में घर छोड़ गया युवक
पुलिस के अनुसार फरियादी रामसेवक वंशकार (50) निवासी ग्राम ठुनी ने रिपोर्ट दर्ज कराई है कि उसका बेटा देवेंद्र वंशकार (24) बचपन से ही मूक-बधिर है। करीब सात वर्ष की उम्र से वह न सुन सकता है और न ही बोल सकता है। परिवार ने उसका कई जगह इलाज कराया, लेकिन कोई लाभ नहीं हुआ। शिकायत के अनुसार 19 जुलाई की रात करीब 8 बजे देवेंद्र ने इशारों में अपने पिता से इलाज कराने की बात कही। किसी बात पर नाराज होकर पिता ने बांस की संटी से उसकी पिटाई कर दी। इससे आहत होकर देवेंद्र घर छोड़कर चला गया।
तलाश के दौरान मिला बंधा हुआ
जब देर रात तक देवेंद्र घर वापस नहीं लौटा तो परिजन चिंतित हो गए। पिता अपने साथियों महेश, जयकुमार और राजेश वंशकार के साथ उसकी तलाश में निकल पड़े।
तलाश करते-करते जब वे मोटा कंचनपुर पहुंचे तो वहां बंटी गुर्जर के घर की बाखर में देवेंद्र दोनों हाथ रस्सी से बंधा हुआ पड़ा मिला। परिजनों ने तुरंत उसे मुक्त कराया। उसके शरीर पर चोटों के निशान थे।
इशारों में बताई पूरी कहानी
बोल और सुन नहीं पाने वाला देवेंद्र इशारों के माध्यम से ही अपनी बात समझाता है। परिजनों के अनुसार उसने इशारों में बताया कि उसके साथ चार लोगों ने मारपीट की है। उसने यह भी संकेत दिया कि सामने आने पर वह आरोपियों को पहचान सकता है फरियादी ने आरोप लगाया है कि कल्याण गुर्जर, शैतान गुर्जर, बंटी गुर्जर और बहादुर गुर्जर ने उसके बेटे को बंधक बनाकर मारपीट की।
चार आरोपियों पर मामला दर्ज
पिछोर थाना पुलिस ने फरियादी की शिकायत के आधार पर चारों नामजद आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली है। पुलिस का कहना है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

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