फरहान काजी, रन्नौद। मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल (MP Board) की एक बड़ी लापरवाही सामने आई है, जिसने एक होनहार छात्रा के भविष्य को अंधकार में धकेलने में कोई कसर नहीं छोड़ी थी। शिवपुरी जिले के रन्नौद स्थित सुभाष निकेतन स्कूल की 12वीं की छात्रा भारती यादव, पिता बहादुर सिंह यादव, ने इस वर्ष कड़ी मेहनत के साथ परीक्षा दी थी। लेकिन जब परिणाम घोषित हुआ, तो छात्रा और उसके परिजन यह देखकर स्तब्ध रह गए कि उसे केमिस्ट्री के विषय में केवल 15 अंक देकर फेल कर दिया गया था।
परिजनों ने दिखाई सूझबूझ, खुली पोल
रिजल्ट के बाद सदमे में आई छात्रा कोई आत्मघाती कदम उठाती, उससे पहले ही परिजनों ने हिम्मत दिखाते हुए एमपी बोर्ड से छात्रा की उत्तर पुस्तिका (Answer Sheet) दोबारा जांचने के लिए मंगवाई। जब कॉपी सामने आई तो बोर्ड के गैर-जिम्मेदार अधिकारियों और जांचकर्ताओं की पोल खुल गई। जिस छात्रा को महज 15 नंबर दिए गए थे, असल में जांच के बाद उसके 35 नंबर निकले।
64 अंकों का था दावा, सिस्टम ने छीने नंबर
जानकारी के अनुसार, छात्रा का दावा था कि उसके केमिस्ट्री विषय में कुल 64 नंबर आने चाहिए थे, लेकिन लापरवाही का आलम यह रहा कि बोर्ड के कर्मचारियों ने मूल्यांकन में भारी चूक की। इस घटना ने एमपी बोर्ड की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं कि आखिर एक मेहनती छात्रा के भविष्य के साथ इस तरह का खिलवाड़ करने की रणनीति किसकी थी?

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