रविन्द्र यादव की मौत, बिजली कंपनी के लाइनमैन और ऑपरेटर पर BNS की धारा 110 का मामला दर्ज

vikas
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photo shivpuri samachar

रन्नौद/कोलारस।
शिवपुरी जिले के कोलारस अनुविभाग के इंदार थाना सीमा मे आने वाले गांव ग्राम अम्हारा में बिजली लाइन सुधार कार्य के दौरान हुए दर्दनाक हादसे में युवक की मौत के मामले में पुलिस ने बिजली कंपनी के दो कर्मचारियों पर गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया है। घटना के बाद क्षेत्र में बिजली कंपनी की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।

जानकारी के अनुसार बीते सोमवार को अम्हारा निवासी रविंद्र यादव अपने चचेरे भाई के साथ बिजली पोल पर चढ़कर लाइन सुधार कार्य कर रहा था। इसी दौरान अचानक लाइन में करंट दौड़ गया और दोनों युवक उसकी चपेट में आ गए। हादसे में रविन्द्र यादव की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसका चचेरा भाई गंभीर रूप से झुलस गया। घायल युवक का उपचार ग्वालियर में जारी है।

मामले की जांच के बाद पुलिस ने बिजली कंपनी के लाइनमैन अरविंद कुशवाहा और कम्प्यूटर ऑपरेटर द्वारपाल परिहार के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया है। मृतक के चाचा कल्याण यादव ने आरोप लगाया कि बिजली कंपनी के कर्मचारियों की लापरवाही के कारण यह हादसा हुआ और उनके भतीजे की जान चली गई।

इधर पुलिस का कहना है कि फिलहाल दो लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। जांच के दौरान जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। थाना प्रभारी विवेक यादव ने बताया कि मामले की जांच जारी है और तकनीकी पहलुओं को भी खंगाला जा रहा है।

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भारतीय न्याय संहिता (BNS) में गैर-इरादतन हत्या (Culpable Homicide) से संबंधित मुख्य धाराएँ 100 और 105 हैं, जो पहले भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 299 और 304 के अंतर्गत आती थीं। धारा 100 परिभाषा देती है, जबकि धारा 105 इसके लिए सजा का प्रावधान करती है।

मुख्य धाराएँ और प्रावधान

धारा 100 (BNS): गैर-इरादतन हत्या की परिभाषा (Definition): यदि कोई व्यक्ति किसी की मृत्यु करने के इरादे से, या ऐसी शारीरिक चोट पहुँचाने के इरादे से जिससे मृत्यु की संभावना हो, या यह जानते हुए कि उस कार्य से मृत्यु हो सकती है, कोई कार्य करता है और मृत्यु हो जाती है, तो उसे गैर-इरादतन हत्या कहते हैं।

धारा 105 (BNS): गैर-इरादतन हत्या के लिए सजा (Punishment): जो गैर-इरादतन हत्या हत्या की श्रेणी में नहीं आती (जो धारा 101 के अपवादों में आती है), उसके लिए:आजीवन कारावास या  10 साल तक की कैद और जुर्माना, अगर कार्य मृत्यु करने के उद्देश्य से किया गया हो। 10 साल तक की कैद या जुर्माना या दोनों, अगर कार्य बिना इरादे के लेकिन ज्ञान के साथ किया गया हो।

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