मृतक वृद्धा के बेटे के दिल मे हत्यारों की दहशत, मॉ का अंतिम संस्कार मामा के गांव में किया

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शिवपुरी। शिवपुरी जिले के कोलारस अनुविभाग के तेंदुआ गांव में बुधवार को एक वृद्ध महिला की गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस हत्या के कारण मृतक के बेटे के दिल में इतनी दहशत बैठ गई कि उसने अपनी मॉ का अंतिम संस्कार के लिए पंरपराओ को तोड़ते हुए मामा के गांव में माँ का क्रिया कर्म किया है। यहां कानून हार गया और दहशत जीत गई। मृतक के बेटे को डर था कहीं मेरी और मेरे परिवार में से किसी हत्या नहीं हो जाए। इस हत्याकांड का कारण 5 बीघा जमीन बताई जा रही है,इस जमीन का फौती नामांतरण मृतका के नाम होने वाला था,इस कारण उसकी हत्या कर दी गई ऐसा मृतक वृद्धा के बेटे का कहना है,पुलिस ने इस मामले में अज्ञात पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।  

जैसा कि विदित है कि बुधवार की दोपहर डेहरबारा निवासी रामसखी पत्नी स्व लक्ष्मीनारायण धाकड़ उम्र 62 साल की अज्ञात आरोपियों ने दोपहर करीब 2 बजे गोली मारकर हत्या कर दी थी। मृतका के बेटे सहित अन्य परिजन हत्या का संदेह उसके सौतेले बेटों शिवराज धाकड़, साहब सिंह धाकड़ सहित इंदौर में रहने वाले एक अन्य बेटे पर जताया है। पुलिस देर रात शिवपुरी में रामसखी का पीएम करवाया गया। पीएम के उपरांत रात को जब महिला का अंतिम संस्कार कराने की बात आई तो मोनेश धाकड़ मां के शव को गांव ले जाने की हिम्मत नहीं जुटा पाया।

अंततः रात के समय शव को पीएम उपरांत फ्रीजर में रखवा दिया गया। सुबह के समय मोनेश ने अपने ममेरे भाई हरिओम धाकड़ के समक्ष अपना डर बयां करते हुए कहा कि मेरी पत्नी हत्या के इस मामले में गवाह है। अगर वह गांव जाएगा तो आरोपित उसकी पत्नी की भी हत्या कर सकते हैं। इसी के चलते ममेरा भाई हरिओम धाकड़ अपनी बुआ के शव को अपने घर डगपीपरी ले गया। वहां शव का अंतिम संस्कार करवाया गया।

सौतेले बेटों पर हत्या का संदेह क्यों...?

लक्ष्मीनारायण की मौत के बाद उसकी पांच बीघा जमीन का फौती नामांतरण पत्नी रामसखी के नाम पर होना था। इस नामांतरण पर उसके सौतेले बच्चों के द्वारा आपत्ति जताई गई थी। इसी बात को लेकर परिवार में कुछ समय से विवाद की स्थिति भी बनी हुई थी। यही कारण है कि रामसखी के बेटे मोनेश सहित अन्य परिजनो को संदेह है कि हत्या उसके सौतेले बेटों ने ही करवाई है।

रामसखी की मौत के बाद उसके अंतिम संस्कार में उसका एक भी सौतेला बेटा, बेटी, बहू, दामाद, नाती, पोता कोई शामिल नहीं हुआ। हरिओम के अनुसार इससे पता चलता है कि उनके दिल में रामसखी के प्रति कितना जहर भरा था। हरिओम के अनुसार मां की मौत के बाद उसका इंदौर में रह रहा एक सौतेला बेटा उससे मिलने तो दूर, शिवपुरी तक नहीं आया। जिस मां ने उसे पाल पोस कर इतना बड़ा किया, क्या उसके अंतिम संस्कार में आना उसका फर्ज नहीं था।

आरोपियों को नामजद न किए जाने से गुस्सा

हरिओम धाकड़ ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि हम लोग पुलिस को लगातार संदेही आरोपियों के नाम बता रहे हैं, परंतु पुलिस ने अभी तक एक भी आरोपित को नामजद नहीं किया है। हरिओम के अनुसार इसके अलावा पुलिस ने घटना के 24 घंटे बाद भी उन्हें एफआईआर की कॉपी तक उपलब्ध नहीं करवाई है।

इस कारण पूरे परिवार में नाराजगी का माहौल है। इसके अलावा हरिओम धाकड़ का कहना है कि घनेरे के मनमोहन धाकड़ ने उसके चाचा को राजनारायण धाकड़ को फोन करके जान से मारने की धमकी दी है, क्योंकि उन्होंने अपनी बहन की हत्या में उसके सौतेले बेटों के शामिल होने का संदेह जताया है।

रामसखी की हत्या से सौतेले बेटों को क्या फायदा

चूंकि रामसखी, स्व. लक्ष्मीनारायण की वैध पत्नी थी। ऐसे में लक्ष्मीनारायण की संपत्ति में रामसखी का संवैधानिक अधिकार था। उसके नाम पर होने वाली फौती नामांतरण पर भले ही सौतेले बच्चों ने आपत्ति जताते हुए रोक लगाने का आवेदन तहसील न्यायालय में दे दिया था, लेकिन कानून के जानकार बताते हैं निकट भविष्य में वह केस जीत जाती और यह जमीन उसके नाम पर होने से रोकना लगभग नामुमकिन था।

ऐसे हालातों में अगर रामसखी ही नहीं रहेगी तो यह फौती नामांतरण स्वतः रुक जाएगा। इस स्थिति में यह पांच बीघा जमीन उनके पास रहने की उम्मीद बढ़ जाएगी, क्योंकि मोनेश धाकड़, लक्ष्मीनारायण धाकड़ का बेटा नहीं है। कानूनी रूप से भी वह खुद को लक्ष्मीनारायण का बेटा साबित नहीं कर पाएगा।

इस पूरे मामले में थाना प्रभारी नीतू धाकड़ का कहना है कि
प्रकरण में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ हत्या का प्रकरण कायम कर लिया है। हालांकि अभी यह कह पाना मुश्किल है कि महिला को गोली किसने मारी है। प्रथम दृष्टया हत्या की वजह जमीन का विवाद ही प्रतीत हो रहा है। उनके अनुसार हत्यारों तक पहुंचने के लिए पुलिस ने सीसीटीवी कैमरों, सीडीआर आदि पड़ताल शुरू कर दी है। इसके अलावा परिस्थितिजन्य साक्ष्यों को भी परखा जा रहा है। नीतू धाकड़ के अनुसार वह जल्द ही इस मामले में हत्यारोपियों तक पहुंच जाएंगे।

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