मामला मध्य प्रदेश के सबसे बड़े व्यापम घोटाला का है। सीबीआई ने जांच के बाद भोपाल स्थित विशेष न्यायालय में चार्ज शीट पेश की थी। बताया था कि, वनरक्षक भर्ती परीक्षा 2012 में उम्मीदवार श्री लखन लाल जाटव, निवासी ग्राम बछोरा, पोहरी (शिवपुरी), परीक्षा केंद्र एसएमएस पीजी कॉलेज शिवपुरी एवं वनरक्षक भर्ती परीक्षा 2013 में उम्मीदवार श्री तेज सिंह जाटव, निवासी ग्राम बछोरा, पोहरी (शिवपुरी), परीक्षा केंद्र गुरुनानक उमा विद्यालय शिवपुरी, दोनों ने भर्ती परीक्षा में अपने स्थान पर किसी अन्य उम्मीदवार को परीक्षा देने भेजा था। व्यापम घोटाले की जांच के दौरान, एसटीएफ ने वर्ष 2021 में दोनों के खिलाफ धोखाधड़ी समेत विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया था।
इसके बाद व्यापम घोटाले की जांच का काम सीबीआई को दे दिया गया था। सीबीआई ने इन्वेस्टिगेशन करने के बादभोपाल स्थित विशेष न्यायालय में चार्ज शीट पेश की थी। सीबीआई ने दोनों को अपराधी घोषित किया था। स्पेशल कोर्ट में दोनों को अपना पक्ष रखने का मौका दिया गया। दोनों स्वयं को निर्दोष साबित करने में असफल रहे। न्यायालय में कार्यवाही के दौरान दोनों सरकारी नौकरी प्राप्त करने के लिए कूटरचित दस्तावेज बनाने और अपने स्थान पर किसी अन्य को परीक्षा दिलवाने, मध्य प्रदेश शासन के साथ धोखाधड़ी करने के अपराधी पाए गए। व्यापम घोटाले के मामलों की सुनवाई करने के लिए गठित सीबीआई की स्पेशल कोर्ट के विद्वान न्यायाधीश श्री नीति राज सिंह सिसोदिया ने दोनों कर्मचारियों को अपराधी घोषित करते हुए 7-7 साल जेल की सजाएवं जुर्माना से दंडित किया है।
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