नेशनल पार्क के गेट पर तैनात गार्ड की धारदार ​हथियार से हत्या, रूम में बिस्तर पर पड़ी मिली गार्ड की डेड बॉडी | Shivpuri News

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शिवपुरी। खबर शहर के फिजीकल थाना क्षेत्र से आ रही है। जहां शहर से लगे नेशनल पार्क के भदैया कुंड के पास स्थित गेट नंबर तीन पर तैनात गार्ड की मंगलवार-बुधवार की रात हत्या कर दी गई। हत्या कुल्हाड़ी जैसे किसी धारदार हथियार से की गई है। पीछे से हमला करने से कर्मचारी के सिर में तीन गहरे घाव हुए हैं। बुधवार की सुबह मृतक का बेटा और टूरिस्ट गाइड पहुंचे तो कक्ष में गार्ड की लाश पड़ी मिली। दीवारों पर खून के छींटे पड़ गए थे। कक्ष के अंदर बिस्तर पर शव मिला है। पुलिस के अनुसार हत्यारा कोई परिचित हो सकता है। मृतक का किसी से लड़ाई-झगड़ा होेने की बात सामने नहीं आई है।

जानकारी के अनुसार रमेशचंद सोनी पुत्र बाबूलाल सोनी उम्र 50 साल नेशनल पार्क के गेट नंबर तीन पर गार्ड के रूप में पदस्थ थे। गेट पर ही बने कक्ष में 24 घंटे रहते थे। उनकी पत्नी राधा, बेटा अभिषेक व बहू तीनाें ही नरेंद्र नगर में किराए के मकान में रहते हैं। अभिषेक सुबह करीब 10 बजे खाना लेकर पहुंचा और पार्क के अंदर से पर्यटकों को लेकर गाइड का भी गेट पर उसी वक्त पहुंचना हुआ। गाड़ी का हॉर्न बजाने पर गेट नहीं खुला तो कक्ष के अंदर जाकर देखा। पलंग पर रमेशचंद सोनी की लाश पड़ी थी। 

इसके बाद पार्क के अधिकारियों को बताया और पुलिस को सूचना दी। एसडीओपी शिव सिंह भदौरिया, एफएसएल प्रभारी डॉ. एचएस बरहादिया, फिजीकल थाना टीआई अनीता मिश्रा, देहात टीआई राकेश गुप्ता पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। दोपहर के समय स्निफर डॉग भी बुलवा लिया, लेकिन अभी हत्यारों का पता नहीं चल सका है। 

मोबाइल पर आखिरी समय में 9.30 बजे बेटे से बात हुई 

मृतक का मोबाइल फोन पुलिस ने जब्त किया है। मृतक की मंगलवार की रात 9.30 का आखिरी कॉल दर्ज है, तब गार्ड की बेटे से बातचीत हुई थी। पुलिस से मोबाइल जब्त कर लिया है। मोबाइल पर हुई बातचीत के आधार पर पुलिस संबंधित नंबरों को खंगाल रही है। वहीं घटना स्थल पर कक्ष में रखा लाेहे का छाेटा बक्सा खुला मिला और कपड़े पास में पड़े थे। मृतक की जेब से पर्स मिला है जिसमें चार हजार रुपए रखे हैं। इसलिए चोरी या लूट की आशंका नजर नहीं आ रही। 

डेढ़ माह पूर्व ही हुई है मृतक के बेटे की शादी 

मृतक के बेटे की शादी डेढ़ माह पूर्व ही हुई है। शादी के बाद बेटा-बहू व पत्नी किराए के कमरे में रहने लगे और मृतक रमेशचंद्र पार्क गेट के कक्ष में ही रह रहा था। बेटा सुबह व शाम खाना देने आता था। पूछताछ में परिजनों ने बताया कि तीन दिन बाद नेशनल पार्क के कक्ष में ही रहने आने वाले थे। उससे पहले रमेशचंद की मौत हो गई। 

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