अपने हक को लेने सहरिया क्रांति सडको पर, कलेक्ट्रेट का किया घेराव, मांगे अपने अधिकार | Shivpuri News

शिवपुरी। सहरिया बहुल क्षेत्रों में आदिवासियों की समस्याओं पर हो रही प्रशासनिक असुनवाई से त्रस्त सहरियाओं ने हजारों की संख्या में लामबंद होकर सहरिया क्रांति के बैनर तले आज एक विशाल अधिकार रेैली निकाली और कलेक्टोरेट का घेराव कर जंगी प्रदर्शन कर डाला। 

इस प्रदर्शन में जहाँ काँग्रेस विधायक जसवंत जाटव ने आदिवासियों की सभा को सम्बोधित किया वहीं भाजपा विधायक वीरेन्द्र रघुवंशी भी आदिवासियों के मंच पर सम्बोधित करते दिखाई दिए। दोनों ही दलों के जनप्रतिनिधियों ने आदिवासियों की माँगों को जायज बताते हुए उनका पुरजोर समर्थन किया रैली का बाजार में जगह जगह स्वागत किया गया। 

प्रशासन को एक मांग पत्र भी सहरिया क्रांति के संयोजक संजय बेचैन ने सहरिया प्रतिनिधियों के साथ सौंपा। उल्लेखनीय है कि शिवपुरी जिले में ही सहरिया जनजाति की जनसंख्या 4 लाख 39 हजार के लगभग है जो संसाधनों के अभाव में तिलतिल कर मर रहे हैं,इन तक आज भी शिक्षा का प्रकाश नहीं पहुंच पाया है, इनके खाद्यान्न कार्ड गिरबी रखे हैं। 

कदम- कदम पर प्रशासनिक उपेक्षा के कारण सहरिया आदिवासी को उसके जायज हक और अधिकार प्राप्त नहीं हो पा रहे हैं। इन सब समस्याओं को सहरिया क्रांति संगठन ने प्रमुखता से उठाते हुए इस अधिकार रैली का आयोजन किया और ज्ञापन सौंपा। 

सहरिया क्रांति के बैनर तले आदिवासियों ने आज कलेक्टोरेट पर ही डेरा डाल दिया ये हजारों आदिवासी जिनमें हर आयु वर्ग के महिला पुरुष शामिल थे इन्होंने कलेक्टोरेट पर घेराव कर जमीन पर बैठ गए और अपने अधिकारों की मांग को लेकर नारे लगाना शुरु कर दिया। 

यहां एक सभा भी हुई जिसमें काँग्रेस के करैरा विधायक जसवंत जाटव ने आदिवासियों की माँगों को उचित बताते हुए सरकार तक उनका पक्ष पहुंचाने की बात कही वहीं कोलारस से भाजपा विधायक वीरेन्द्र रघुवंशी ने आदिवासी हितों के लिए हर समय तत्पर रहने का संकल्प दोहराया। 

ये रही प्रमुख मांगे जिनका सौपा ज्ञापन - 

पीएम श्री मोदी और सीएम कमलनाथ के नाम आज सौंपे ज्ञापन में कहा गया कि वन अधिनियम 2006 के आलोक में 16 राज्यों के लिये आया सुप्रीम कोर्ट का फैसला चिन्तित करने वाला है, इस पर सरकार से पुनर्विचार याचिका दाखिल करने की मांग की गई। 

ज्ञापन में सहरिया समुदाय के शिक्षित बेराजगारों को सीधी भर्ती के माध्यम से नौकरी दिए जाने, आदिवासियों की जमीनों को दबंगों के कब्जों से मुक्त कराए जाने, जिले में विक्रय से वर्जित आदिवासियों की भूमि को भूमाफियाओं के चंगुल से मुक्त कराने, सिंचाई के लिए पानी आवंटन में भेदभाव रोकने के लिए नई आवंटन नीत बनाई जाने, आदिवासी बहुल गांवों में आसपास ही रोजगार मुहैया कराए जाने, आदिवासी बहुल क्षेत्रों में शराब की कलारियों पर रोक लगाने की मांग की। 

इसके अतिरिकत केसीसी बनाने में सहूलियत दिए जाने,स्कूलों में सहरियों के बच्चों को प्रवेश में किए जा रहे भेदभाव को तत्काल खत्म करने, आदिवासियों के राशन कार्ड गिरबी रखने वालों के खिलाफ कार्यवाही करने, लोन माफी से बंचित सहरिया समुदाय के किसानो को राहत देने, आदिवासियों के खातों में एक हजार की राशि देने सम्बंधी भाजपा सरकार की योजना पर ठीक से अमल न होने जैसे तमाम विन्दुओंं के अलावा चिकित्सा सुविधा का लाभ दिलाने, सहरिया आदिवासियों का पैसा हड़पने वाले कियोस्क संचालकों पर एफआईआर दर्ज कराए जाने,सहरिया बहुल गांवों में नलकूपों और हैण्डपम्पों के दुरुस्तीकरण जैसी प्रमुख और मूलभूत मांगों को शामिल किया गया था।

Comments

Popular posts from this blog

Antibiotic resistancerising in Helicobacter strains from Karnataka

जानिए कौन हैं शिवपुरी की नई कलेक्टर अनुग्रह पी | Shivpuri News

शिवपरी में पिछले 100 वर्षो से संचालित है रेडलाईट एरिया