ShivpuriSamachar.COM

Bhopal Samachar

किसान कर्जमाफी: बैंको के पास नहीं आया पैमेंट, किसान परेशान, भाजपा ने कलेक्ट्रेट घेरी | Shivpuri News

शिवपुरी। प्रदेश में कमलनाथ सरकार बनते ही सबसे पहला काम किसान कर्जमाफी की फाईल पर साईन करना था। यह साईन होते ही पूरे प्रदेश में सीएम कमलनाथ की काम की तारीफो के पुल बधं गए। किसान कमलनाथ सरकार को लेकर उत्साहित थे। परंतु धीरे धीरे दो माह बीत जाने के बाद अब पब्लिक सीएम कमलनाथ सरकार को कोसने लगी है। कारण फिर भी वही है कि आखिर कर्ज माफी हुई या नही। किसान उक्त कर्जमाफी को लेकर बैंकों के चक्कर लगा रहे है। परंतु बैंककर्मी उनके पास पैमेंट न आने की बात कहकर पल्ला झाड रहे है। जिसके चलते आज भाजपा ने कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन कर कलेक्ट्रेट की घेराबंदी की। भाजपा ने सीएम कमलनाथ पर जनता के साथ छलाबा करने का आरोप लगाते हुए जल्द से जल्द कर्जमाफी करने की बात कही। 

विदित हो कि फसल ऋण माफी योजना के तहत किसानों को तीन भागों में बांटकर सरकार कर्ज माफ कर रही है। 10 साल से कालातीत (बंद) खातों पर 50% और जिन खातों में दो साल से लेनदेन नहीं हुआ, उनका 75% कर्ज माफ किया जा रहा है। सिर्फ उन्हीं किसानों का 100% कर्ज माफ किया जा रहा है जो एक से डेढ़ साल से अपने खातों में नियमित लेनदेन कर रहे हैं। प्रदेश सरकार सबसे पहले 50 हजार रुपए से कम ऋण वाले किसानों के खातों में राशि जारी कर रही है, जबकि 50 हजार से अधिक ऋण वाले किसानों को इंतजार करना पड़ रहा है। ऐसे किसान बैंकाें के चक्कर काट रहे हैं। वे इसलिए चिंतित हैं क्याेंकि लाेकसभा चुनाव की आचार संहिता कभी भी लग सकता है। इसके बाद उनके खाताें में राशि चुनाव बाद ही आएगी। 

शिवपुरी जिले में अभी तक पहले और दूसरे चरण में 37 हजार 764 किसानों का 90 करोड़ 35 लाख रुपए का कर्ज माफ हुआ है। अब तीसरे चरण में प्रशासन ने 1 हजार 795 किसानों के खातों में राशि जारी करने के लिए 3 करोड़ 70 लाख रुपए की मांग शासन को भेजी है। बता दें कि जिले में हरे फाॅर्म 26 हजार 84 अाैर सफेद फाॅर्म 52 हजार 583 भरे गए हैं। हरे व सफेद फाॅर्मों की कुल संख्या 78 हजार 667 है। इस लिहाज से दो चरणों में 48% किसानों का ही कर्ज माफ हो पाया है। 


पहले चरण में 9373 किसानों काे जारी हुई राशि 
कॉमर्शियल बैंक(पीए) 118 3641381 
केंद्रीय जिला सहकारी बैंक(पीए) 779 13524646 
केंद्रीय जिला सहकारी बैंक (एनपीए) 8476 161352981 

चरण-2: 28391 किसानों को जारी हुई राशि 
कॉमर्सियल बैंक व आरआरबी (पीए) 3015 96701014 
कॉमर्सियल बैंक आरआरबी (एनपीए) 3079 174288684 
केंद्रीय जिला सहकारी बैंक (पीए) 7848 143659070 
केंद्रीय जिला सहकारी बैंक (एनपीए) 14449 310425369 

कॉमर्शियल बैंकों से प्रदेश स्तर पर समझौता 
सरकार सभी किसानों का ऋण माफ नहीं कर रही। दस साल पुराने खातों पर 50% व दो साल पुराने खातों पर 75% ऋण राशि सरकार जमा करा रही है। शेष 50% व 25% राशि बैंक व संबंधित सोसायटियों को वहन करना है। कॉमर्शियल बैंकों से प्रदेश स्तर पर समझौते की बात स्थानीय बैंक अधिकारी कह रहे हैं, जबकि सोसायटियों से सहमति प्रस्ताव अभी लेना बाकी है। बताया जा रहा है कि बैंकों के तीन तरह के खाते जैसे- स्टैंडर्ड, सब स्टैंडर्ड और लॉस खाते। लॉस खातों पर बैंक 50-50 फीसदी राशि जमा कराती हैं। सरकार ने यही शर्त बैंकों के सामने रखी है। 


ऐसे समझें... जिले के किसानों को तीन वर्गों में बांटकर ऋण माफी की स्थिति 
साल 2007 से 31 मार्च 2017 तक कालातीत (एनपीए) खातों पर सरकार 50% और बैंक 50% राशि वहन करेंगी। 1 अप्रैल 2017 से कालातीत खातों पर सरकार 75% व बैंक 25% वहन कर रही हैं। 1 अप्रैल 2018 व इससे पूर्व नियमित लेनदेन वाले खातों पर सरकार 100% ऋण राशि जमा करा रही है। 

ऋण माफी के संबंध में बैंकों से भोपाल स्तर से सरकार की हुई है बातचीत 
  साल 2007 से 31 मार्च 2017 एनपीए खातों पर सरकार 50% और बैंक 50%, 1 अप्रैल 2017 से कालातीत खातों पर 75% व बैंक द्वारा 25% ऋण माफ किया जा रहा है। 1 अप्रैल 2018 से नियमित लेनदेन वाले किसानों का सरकार 100% ऋण माफ कर रही है। बैंकों में भोपाल स्तर से सरकार की बातचीत हुई है। 
महेश शर्मा, लीड बैंक ऑफिसर, एसबीआई शिवपुरी 

एनपीए खातों में 50% व 25% बैंकों को वहन करना है 
जिले में अभी तक दो चरणों में 37 हजार से अधिक किसानों को 90.35 करोड़ रुपए की ऋण राशि जमा की जा सकी है। यह राशि सरकार की तरफ से है। 50% व 25% एनपीए खातों के आधार पर बैंकों को वहन करना है। तीसरे चरण में 1795 किसानों के लिए 3.70 करोड़ रुपए की मांग शासन को भेजी है। राशि आते ही भुगतान किया जाएगा। 
आरएस शाक्यवार, उप संचालक, किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग शिवपुरी 
Share on Google Plus

Legal Notice

Legal Notice: This is a Copyright Act protected news / article. Copying it without permission will be processed under the Copyright Act..

0 comments:

-----------

analytics