खनियांधाना। खबर जिले के खनियांधाना थाना क्षेत्र के खनियांधाना तहसील से आ रही है। जहां दो शासकीय कर्मचारीयों ने दो आदिवासीयों के साथ धोखाधडी कर जमींन की रजिस्ट्री एक अन्य आदिवासी के नाम करा दी। इस मामले की शिकायत पीडितों ने पुलिस थाना खनियांधाना में की। जहां पुलिस ने दो अलग अलग मामलों में एफआईआर दर्ज कर विवेचना में ले लिया है।
जानकारी के अनुसार फरियादी हल्लू पुत्र पन्ना आदिवासी उम्र 52 साल निवासी नारौनी हाल तिन्सीचक थाना मु्ंगाबली जिला अशोकनगर ने शिकायत की कि उससे पटवारी बालेन्दु सिंह यादव जो कि खनियांधाना में पदस्थ है ने उससे 29 अगस्त 2017 को कहा कि उसकी जमींन डूब क्षेत्र में आ रही है। इसके मुआवजे के लिए तहसील जाना होगा। यह कहकर पीडित को लेकर रजिस्ट्रार कार्यालय पहुंचा और एक अन्य आदिवासी के नाम जमींन की रजिस्ट्री करा दी।
वही दूसरे मामले मं रामा पुत्र कलुआ आदिवासी उम्र 44 साल निवासी तिन्सी चक थाना मुगांवली अशोकनगर से पंचायत सचिव ग्राम पंचायत बामौरकलां मनमोहन शर्मा ने भी उसकी जमींन डूब क्षेत्र में आने की बात कहकर अंगूठा लगवाकर रजिस्ट्री करा ली। इन दोनों मामलों में पुलिस ने पुलिस ने पीडितों की शिकायत पर आरोपीयों के खिलाफ धारा 420 के तहत मामला दर्ज कर विवेचना में ले लिया है।
इस मामले में सबसे अहम बात यह है कि यह रजिस्ट्री हो कैसे गई। जबकि नियमानुसार रजिस्ट्रार विक्रेता से पूरी जानकारी लेने के बाद ही रजिस्ट्री करता है। अगर रजिस्ट्रार ने भी धोखाधडी की तो फिर उसे क्यों छोडा गया है। हांलाकि पुलिस इस मामले में जांच के बाद नाम बढाने की बात कह रही है।

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