शिवपुरी। खबर जिले के कोलारस अनुविभाग के खतौरा क्षेत्र से आ रही है। जहां किसान कर्जमाफी ने प्रशासनिक हीलाहवाली की पूरी तरह से पोल खोल दी है। पोल भी ऐसी खोली है कि लोग सोचने को मजबूर हो जाए। मामला है कि एक किसान का मनमोहन सिंह सरकार में कर्ज माफ हो गया। परंतु वह सरकार के आने के 10 साल पहले ही स्वर्ग में पहुंच गया। परंतु उसे बकायदा म्रतक किसान को प्रमाण पत्र भी दिया गया कि उसका कर्जमाफ हो गया है। बात इतने पर भी नहीं थमी किसान के भाई को पता चला कि उसके भाई की मौत के 25 साल बाद जब अब सूची आई तो फिर 25 साल पहले मरे हुए म्रतक के नाम कर्जा निकला।
जानकारी के अनुसार जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित शाखा खतौरा से चिंटू पुत्र विरखा यादव निवासी मुगर्रा ने सोसाईटी से 6480 रूपए का कर्जा लिया था। उक्त कर्जा लेने के बाद चिंटू की मौत हो गई। उसके बाद मनमोहन सिंह सरकार ने किसानों का कर्ज काफी की घोषणा की।
जिसमें चिंटू पर व्याज सहित 12960 रूपए का कर्जा माफ कर दिया। इसका बकायदा प्रमाणपत्र भी मृतक के परिजनों को दिया गया। परंतु बात यहां भी नहीं रूकी जब अब कमलनाथ सरकार ने कर्ज काफी का आदेश जारी किया तो इसमें भी सोसाईटी की ओर से फिर 25 साल पहले खत्म हो चुके किसान चिंटू के नाम 19201 रूपए का कर्जा फिर सामने आया। जब इस मामले की सूचना म्रतक के भाई चेंतु यादव को लगी तो उन्होंने तत्काल पुराने ऋण माफी के कागज लेकर आया और बताया कि उसे फिर से कर्जदार बना दिया।


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