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राजे कम खर्च करके भी चुनाव जीती, नगर सेठ अधिक खर्च करके भी हारे | SHIVPURI NEWS

शिवपुरी। चुनाव आयोग के निर्देश के अनुसार विधानसभा के सभी प्रत्याशियो को अपना खर्च का अंतिम ब्योरा 10 जनवरी तक प्रस्तुत करना था,इसी निर्देश में जिले के पांचो विधानसभा के मैदान में उतरे लगभग सभी प्रत्याशियो ने अपना अंतिम खर्च का ब्यौरा प्रस्तुत कर दिया हैं। चुनाव आयोग ने इस बार विधानसभा चुनाव में प्रत्याशियों के लिए चुनाव खर्च की अधिकतम सीमा बढाकर 28 लाख रूपए की थी। जिले का कोई भी प्रत्याशी इस तय शुदा खर्च की सीमा तक नही पहुंचा।

जीतकर भी राजे का कम खर्च, सेठ जी का हार कर भी ज्यादा खर्च 

शिवपुरी विधानसभा सीट पर एकतरफा जीत हासिल करने वाली यशोधरा राजे सिंधिया ने जहां 29 हजार मतों से विजय हासिल की और कुल मिलाकर चुनाव में 19 लाख 53 हजार 257 रुपए खर्च किया जाना बताया है। जबकि उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी रहे कांग्रेस के प्रत्याशी सिद्धार्थ लढा 20 लाख 39 हजार 204 रुपए खर्च करने के बावजूद चुनाव हार गए।

शिवपुरी विस सीट के अन्य प्रत्याशियों की बात करें तो यहां बसपा के मोहम्मद इरशाद ने प्रमुख प्रत्याशियों के बाद सबसे ज्यादा राशि 5 लाख 51 हजार 942 रुपए खर्च किए हैं, जबकि आप प्रत्याशी पीयूष शर्मा ने 1 लाख 65 हजार 979 व सपाक्स के ब्रजेश तोमर ने 1 लाख 70 हजार 12 रुपए खर्च किए हैं। निर्दलीय प्रेमनारायण ने आप और सपाक्स प्रत्याशी से ज्यादा 1 लाख 99 हजार 850 रुपए खर्च किए हैं। वहीं एक अन्य निर्दलीय प्रत्याशी राजकुमार ने भी 1 लाख 58 हजार 640 व निर्दलीय शिशुपाल जाटव ने 1 लाख 27 हजार 672 रुपए खर्च किया जाना बताया है।

कोलारस में वीरेन्द्र ने पाए ज्यादा वोट, खर्च भी ज्यादा 

बात यदि कोलारस सीट की बात करें तो यहां कुल 13 प्रत्याशी मैदान में थे। बेहद नजदीकि मुकाबले में करीब 700 वोटों से भजपा के वीरेन्द्र रघुवंशी ने जीत हासिल की थी। उन्होंने चुनाव में निरधारित सीमा से करीब आधी राशि 14 लाख 91 हजार 237 रुपए खर्च करना बताया है, जबकि कांग्रेस के महेन्द्र यादव ने 13 लाख 45 हजार 322 रुपए खर्च किए हैं। यहां बसपा प्रत्याशी अशोक शर्मा ने 7 लाख 65 हजार 265 रुपए, जबकि सपाक्स के विनोद रघुवंशी ने 4 लाख 92 हजार 213 रुपए खर्च किया जाना बताया है।

करैरा में जसवंत वोटो के साथ खर्च करने में राजकुमार से आगे

चतुष्कोणीय संघर्ष वाली करैरा सीट पर 10 हजार से अधिक मतों से जीत हासिल करने वाले कांग्रेस के जसवंत जाटव ने 17 लाख 63 हजार 435 रुपए चुनाव खर्च बताया है तो वहीं उनके निकटतम प्रतिद्वंदी भाजपा के राजकुमार खटीक ने 13 लाख 46 हजार 208 रुपए चुनाव पर खर्च किए। 

इसी तरह यहां बसपा प्रत्याशी प्रागीलाल ने 7 लाख 34 हजार 788 रुपए जबकि भाजपा छोडकर सपाक्स से चुनाव लडे रमेश खटीक ने 5 लाख 79 हजार 484 रुपए खर्च करना दिखाया है। इस सीट पर भी कुछ निर्दलीय प्रत्याशियों ने अच्छा खासा खर्चा दिखाया है। राष्ट्रीय शोषित समाज पार्टी के लच्छीराम कोली ने 3 लाख 21 हजार 920 तो निर्दलीय बलराम ने 2 लाख 69 हजार 100 रुपए, जबकि निर्दलीय राजू ने 2 लाख 75 हजार 300 रुपए का खर्चा दर्शाया है।

जीत 2700 वोट की, केपी और प्रीतम के खर्च में भी सिर्फ 10 हजार का अंतर

प्रतिष्ठापूर्ण माने जाने वाली पिछोर विधानसभा सीट पर लगातार 6 बार से जीते कांग्रेस के केपी सिंह ने जहां महज 2700 वोटों से भाजपा के प्रीतम लोधी को हराया था। वहीं दोनों के चुनावी खर्च में भी करीब 10 हजार रुपए का ही अंतर है। केपी सिंह ने जहां 14 लाख 81 हजार 577 रुपए खर्च करना बताया है। वहीं प्रीतम ने उनसे करीब 10 हजार रुपए कम 14 लाख 71 हजार 920 रुपए चुनाव में अपना खर्चा दिया है।

पोहरी में सुरेश राठखेडा ने किया सबसे ज्यादा खर्च 

इधर पोहरी सीट पर त्रिकोणीय मुकाबले के बीच करीब 10 हजार मतों से जीत दर्ज करने वाले कांग्रेस के सुरेश रांठखेडा ने जहां 21 लाख 43 हजार 840 रुपए खर्च किया जाना बताया है तो वहीं उनके निकटतम प्रतिद्वंदी रहे भाजपा के प्रहलाद भारती व बसपा के कैलाश कुशवाह ने उनसे करीब आधी राशि खर्च करना बताया है। प्रहलाद ने 11 लाख 28 हजार 200 रुपए चुनावी खर्च का लेखा जोखा प्रस्तुत किया है तो वहीं कैलाश कुशवाह ने 12 लाख 7 हजार 407 रुपए खर्च किए हैं।