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भाजपा ने प्रदेश में ध्वस्त होती कानून-व्यवस्था के खिलाफ सीएम के नाम सौपा ज्ञापन | Shivpuri News

शिवपुरी। प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के साथ ही जिस तरह से अपराधियों ने आम नागरिकों के खिलाफ मोर्चा खोला है, उससे शांति के टापू कहे जाने वाले मध्यप्रदेश के नागरिक एकदम से भयभीत हो उठे हैं। राजधानी भोपाल में दिनदहाड़े शरीफ नागरिकों को मारधाड़ कर लुटेरों द्वारा लूटा जा रहा है तो कहीं अपराधी सरेआम गोलीबारी कर लोगों की जान ले रहे हैं। 

आप अपने दायित्व का निष्पक्षता से पालन करें और अपराधी तत्वों को सलाखों के पीछे पहुंचाकर उनके किए के लिए उचित दंड दिलवाने का प्रबंधन करें और पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाए।
शनिवार को यह बात भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य सुरेंद्र शर्मा ने मुख्यमंत्री के नाम प्रदेश की बिगड़ती हुई कानून-व्यवस्था और अपराधों को नियंत्रित करने की मांग को लेकर ज्ञापन का वाचन करते हुए कही।  

ज्ञापन में कहा गया कि मंदसौर में लोकप्रिय नपाध्यक्ष और भाजपा के वरिष्ठ नेता प्रहलाद बंधवार की पुलिस कंट्रोल रूम से तीन सौ मीटर दूर गोली मारकर बर्बर हत्या कर दी गई। पुलिस न तो आधा घंटा तक घटनास्थल पर पहुंची और ना ही अस्पताल। अब भी पुलिस अपराधी को पकड़ने की बजाय इस नृशंस हत्याकांड को लेकर नई-नई कहानियां गढ़ने में व्यस्त है। 

श्री बंधवार जो मंदसौर नगरपालिका के दूसरी बार के निर्वाचित अध्यक्ष और भाजपा के प्रतिष्ठित कार्यकर्ता थे, उनकी सरेआम गोली मारकर नृशंसता से हत्या सरकार के लिए अपराधी तत्वों से निपटने की चुनौती के साथ एक गंभीर जांच का विषय होना चाहिए। इससे पहले इंदौर में कारोबारी संदीप अग्रवाल की भाड़े के हत्यारों ने सरेराह गोली मारकर हत्या कर दी। 

इन घटनाओं से ऐसा प्रतीत हो रहा है कि पेशेवर अपराधी तत्वों का सरकार और प्रशासन के प्रति खौंफ जैसे खत्म हो गया है। ज्ञापन के दौरान उपस्थित भाजपा पदाधिकारियों ने हाल ही में हुई घटनाओं की निंदा करते हुए रोष जताया। इस अवसर पर भाजपा पैनलिस्ट धैर्यवर्धन शर्मा,प्रीतम लोधी,अजीत जैन,जिला महामंत्री ओमप्रकाश शर्मा,उपाध्यक्ष हेमंत ओझा,दिलीप मुद्गल,तेजमल सांखला,अमित भार्गव,लक्ष्मी जाटव,सरोज धाकड़,भानु दुबे मुकेश चौहान हरिओम काका  गौरव चौबे जयदीप कुशवाह गिर्राज शर्मा आदि उपस्थित हुए

कानून-व्यवस्था सर्वोच्च प्राथमिकता हो
ज्ञापन में कहा गया लोकतंत्र में सरकारों का बदलना कोई नई बात नहीं है। आप 15 साल बाद सत्ता में आए हैं, अपने तरीके से प्रशासन में बदलाव भी करेंगे, इसमें भी कोई नई बात नहीं है लेकिन यह भी एक स्थापित सत्य है कि प्रदेश की कानून-व्यवस्था सुचारू रूप से चले, कानून तोड़ने वालों के खिलाफ त्वरित कार्यवाही हो, समाज में सुरक्षा का वातावरण रहे यह प्रदेश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता होना चाहिए।