श्रीमद डांगौरी। शिवपुरी में इन दिनों अजीब तरह का खेल चल रहा है। सारे देश में शक्तिशाली का साथ दिया जाता है यहां निर्बल को शक्तिशाली बनाने के लिए च्यवनप्राश खिलाया जा रहा है। शक्तिवर्धक दवाएं दी जा रहीं हैं। सींकड़ी को पहलवान बताया जा रहा है। ऐलान ए आजादी के बिगुल बजाए जा रहे हैं। जिन सूरमाओं में पर्चा भरने की हिम्मत नहीं थी वो समाज को मुक्ति दिलाने का दम भर रहे हैं। कुछ तो ऐसे हैं जो मुगालते का शिकार हो चुके हैं। वो खुलेआम और सोशल मीडिया पर दावे कर रहे हैं। यारे, समझाओ उन्हे: खच्चर की पीठ थमथपाने वो घोड़ा नहीं हो जाएगा।


प्रतिक्रियाएं मूल्यवान होतीं हैं क्योंकि वो समाज का असली चेहरा सामने लातीं हैं। अब एक तरफा मीडियागिरी का माहौल खत्म हुआ। संपादक जो चाहे वो जबरन पाठकों को नहीं पढ़ा सकते। शिवपुरी समाचार आपका अपना मंच है, यहां अभिव्यक्ति की आजादी का पूरा अवसर उपलब्ध है। केवल मूक पाठक मत बनिए, सक्रिय साथी बनिए, ताकि अपन सब मिलकर बना पाएं एक अच्छी और सच्ची शिवपुरी। आपकी एक प्रतिक्रिया मुद्दों को नया मोड़ दे सकती है। इसलिए प्रतिक्रिया जरूर दर्ज करें।