बताए कि इस कुश्ती को क्या नाम दे, जो सामने खडे है वे कभी अपनी मर्जी से झुके है | Shivpuri News - Shivpuri Samachar | No 1 News Site for Shivpuri News in Hindi (शिवपुरी समाचार)

Post Top Ad

Your Ad Spot

11/23/2018

बताए कि इस कुश्ती को क्या नाम दे, जो सामने खडे है वे कभी अपनी मर्जी से झुके है | Shivpuri News

ललित मुदगल, शिवपुरी। वो नूरा कुश्ती के बारे में तो आपने सुना ही होगा। जो अपने ही मुर्गों को आपस में लड़ाया करता था और उसके पालतू मुर्गें उसके आदेश पर जीता या हार जाया करते थे। शायद यह दुनिया की पहली मैच फिक्सिंग थी। शिवपुरी में लोग नूरा के बारे में भले ही ना जानते हैं परंतु 'नूरा कुश्ती' के बारे में बहुत बेहतर जानते हैं। हम सबसे पहले आपको नूरा की कहानी बयां करते हैं। 

बात नबावों के जमाने की है, वो एक मुर्गा पालक था। उन दिनों मुर्गों की कुश्ती बड़ी प्रख्यात हुआ करती थी। लोग बड़े बड़े दाव लगाया करते थे। कुश्ती का आयोजन करने वाले को कमीशन मिलता था। नूरा भी मुर्गों की कुश्तियों का आयोजन किया करता था परंतु देश भर की मुर्गा कुश्ती और नूरा की मुर्गा कुश्ती में एक बड़ा अंतर था। नूरा ने अपने मुर्गों को विशेष प्रकार से प्रशिक्षित किया हुआ था। वो जिस मुर्गें को इशारा कर देता, वही कुश्ती हार जाया करता था। 

जो लोग इसे जानते थे वो नूरा से फिक्सिंग करवाया करते थे। इससे नूरा की अतिरिक्त आय हो जाया करती थी। धीरे धीरे नूरा की इस फिक्सिंग का पता सबको चल गया और मुर्गों की इस कुश्ती को 'नूरा कुश्ती' का नाम दे दिया गया। समय बीता और यह एक मुहावरा बन गया। 

अब नूरा कुश्ती का अर्थ होता है वो प्रतियोगिता जहां परिणाम पहले से ही फिक्स हो गए हों। शिवपुरी अंचल में 'नूरा कुश्ती' शब्द का उपयोग गाहे बगाहे होता ही रहा है, लेकिन इस बार इस शब्द का उपयोग दिखाई नहीं दे रहा। शुरू शुरू में लगा कि लोग नई हिन्दी में पुराने मुहावरे भूल गए हैं लेकिन अब समझ में आया कि इस बार कुश्ती नूरा के मुर्गों की बीच में तो है ही नहीं। एक तरफ नूरा का मुर्गा है और दूसरी तरफ खुद नूरा ही मैदान में है। 

इस काहानी का दूसरा पक्ष यह भी इै इससे पूर्व भी नूरा कुश्ती शिवपुरी में हुई। एक नूरा का मुर्गा समझ गया कि यह नूरा के इशारे पर ही काम करना पडेगा और नूरा की बिना मर्जी के यहां नही जीत सकते इस कारण वह दल बदल कर दूसरे देश की चला गया खडे होने। 

इससे पूर्व नूरा के 2 मुर्गो ने दल बदल लिया बाद में इस क्षेत्र के सर्वशक्ति मान नूरा के पास ही वापस आना पडा,इनमे से नूरा एक मुर्गा दूसरे देश से लडना चाह रहा था,लेकिन नूरा ने मैदान में नही उतारा,और एक मुर्गे को यही से उतारना चाहते थे,लेकिन उसने भी रिंग में उतरने से मना कर दिया,इस कारण इस फ्रेश मुर्गे को रिंग में उतरना पडा,अब आप ही बताओ जो नूरा के दरबार में हमेशा से झुके थे वे अब सामने कैसे खडे होंगें। 
अब इस कुश्ती को क्या नाम दें।e

No comments:

Post Top Ad

Your Ad Spot