शिवपुरी। कहते है कि जब आचार संहिता प्रभावी होती है तो चुनाव आयोग सर्वशक्ति मान होता है, आदेशो में नही इशारों में ही काम हो जाता है। पर बडे ही दुख के साथ सूचित करना पड रहा हैं कि शिवपुरी के जिला पंचायत में आयातित होकर आए अधिकारी केके शर्मा के आगे चुनाव आयोग की सारी शक्तिया खत्म हो चुकी है।
बतया गया है कि जिला पंचायत के अधिकारी की पिछले 13 वर्षो से इसी जिले में जमे बैठै है। इस मामले की शिकायत चुनाव आयोग में भी की गई। परंतु यहां भी यह देखने को मिला जिला पंचायत सीईओ ने इस मामले में गलत प्रतिवेदन बनाकर चुनाव आयोग को भी गुमराह कर दिया है। बताया गया हैै कि इस मामले में शिकायत क्रमांक 2061350366 से दर्ज की गई थी। इस शिकायत में फरियादी ने आरोप लगाया था कि केके शर्मा पिछले 13 साल से एक ही जगह पदस्थ है। जो कि चुनाव को प्रभावित कर रहे है। जिसपर जिला पंचायत ने जांच प्रतिवेदन बनाकर भेजा है कि वह चुनाव में कोई हस्तक्षेप नहीं कर रहे।
यह किसी की समझ में नही आ रहा है कि शिकायत की जांच में किस आधार पर केके शर्मा को पाक साफ कर दिया गया। कौनसा गणित है कि 13 वर्ष को 3 से भी कर दिया गया हैं। साफ है कि इस जांच का झूठा प्रतिवेदन बनाकर भेजा गया है। अगर ऐसा नही है तो हम लिख सकते है कि अधिकारी के के शर्मा के आगे चुनाव आयोग की सारी शक्तिया खत्म हो जाता है।


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