Ad Code

जिले की 5 विधानसभा सीटो पर 2 सीटो पर सबसे बलशाली हाथी, फैल कर सकता है किसी का भी गणित | Shivpuri News

ललित मुदगल/शिवपुरी। प्रदेश में सत्ता में आने का सपना देख रही कांग्रेस को बसपा से समझौता न होने पर तीन विधानसभा क्षेत्रों खमियाजा भुगतना पड सकता हैं। जिले की 5 विधानसभा सीटोे में से तीन विधानसभा सीटो पर बसपा का प्रभाव हैं। बहुजन समाज पार्टी 2008 के विधानसभा चुनाव में करैरा से जीत चुकी हैं। जबकि कोलारस और पोहरी में उसकी उपस्थिती कांग्रेस की संभावनाओं को प्रभावित करती है।

23 करैरा। इस विधानसभा में सबसे ज्यादा है बलशाली हाथी 
अगर पिछले आकडो की बात करे तो बसपा सबसे ज्यादा ताकतवर करैरा विधानसभा में हैं,सन 2008 के चुनाव में यहां हाथी ने सबको रौंद कर चुनाव जीता था। सन 2013 के आम चुनावो की बात करे तो 
23 करैरा विधानसभा सीट से टोटल 9 प्रत्याशी मैदान में थे।

कांग्रेस की उम्मीदवार शकुंतला खटीक को 59371 वोट प्राप्त हुए,भाजपा के प्रत्याशी ओमप्रकाश खटीक 49051 वोट मिले और बसपा बस थोडे ही पीछे रहते हुए 45265 वोट प्राप्त करे। जीत कांग्रेस की हुई। इस विधानसभा में 227973 वोटिंग सख्ंया थी और कुल वोट पडे 161534।कुल मिलाकर इस विधानसभा में हाथी ताकतवर हैं,ओर बार प्रत्याशी भी बसपा ने रिपीट किया हैं। 

24 पोहरी। यहां तीसरी जाति का साथी हाथी,कुछ भी हो सकता हैं
जिले की 24 विधानसभा पोहरी की बात करे तो यह विधानसभा शुद्ध् रूप से जातिगत विधानसभा हैं।धाकड और ब्राहम्मण समाज के प्रत्याशियो की टक्कर होती है। कांग्रेस—भाजपा इन दोनो जातियो के उम्मीदवारो को अपना टिकिट देती हैं,लेकिन इस बार समीकरण बदल रहे है सीट के परिसिमन में कुशवाह जाति का उदय हो गया है।

सन 2013 की आम चुनाव की बात करे तो इस विधानसभा से टोटल 18 प्रत्याशी मैदान में थे। बीजेपी से प्रहलाद भारती इस चुनाव में विजयी रहे उन्है 53068 वोट मिल,दुसरे नंबर पर कांग्रेस के उम्मीदवार हरिबल्लभ शुक्ला 49443 वोट लेकर रहे। बसपा के प्रत्याशी पुर्व विधायक लाखन सिंह बघेल को 34250 वोट मिले। इस विधानसभा में टोटल वोटरो की संख्या 208354 थी और वोट गिरे 151707 । 

इस बार बसपा से टिकिट की संभावना भाजपा के नेता कैलाश कुशवाह की है,कुशवाह अन्य समाजो में लोकप्रिय होते हुए कुशवाह समाज की 25 हजार से भी ज्यादा संख्या बल पर खडे हो रहे है। इस बार इस चुनाव में हाथी आंकडे पलटने की क्षमता रखता है।

25 शिवपुरी। हाथी की नही चलती यहां चाल
शिवपुरी विधानसभा में हाथी की चाल नही चलती है। नेता तो है,लेकिन वोटर नही हैं। सन 2013 की बात करे तो शिवपुरी विधानसभा से बसपा का कोई प्रत्याशी चुनाव मैंदान में नही था। पिछले चुनाव में यहां बीजेपी से यशोधरा राजे सिंधिया मैदान में थी उन्है 76330 वोट मिले और वे विजयी हुई। 

वही कांग्रेस से पूर्व विधायक वीरेन्द्र रघुवंशी मैदान में थे उन्है 65185 वोट मिले। हाथी नही था। इस विधानसभा से 11 प्रत्याशी मैदान में थे और टोटल वोटिंग सख्या 222539 थी और वोट डाले गए 149500। शिवपुर विधानसभा में इस बार भी हाथी की धमक नही सुनाई दे रही है। सीधा मुकाबल कांग्रेस और भाजपा में ही होगा। 

26 पिछोर। यहां हाथी की चाल लडखाडती हैं
पिछोर विधानसभा में हाथी की चाल लडखडाती है। पिछोर विधानसभा कांग्रेस का अभेद किला हैं। यहां से कांग्रेस के पी सिंह अजेय प्रत्याशी है। भाजपा पिछले कई चुनाव से उक्त सीट पर कब्ज करने की कोशिश कर रही है। केपी सिंह की जलबे के आगे न कभी शिवराज राज सिंह की लहर ने काम किया और नही मोदी लहर ने। इन लहरो पर आसानी से केपी सिंह विजयी रहे है। 

2013 के पिछले चुनाव की बात करे तो यहां कांग्रेस के प्रत्याशी के पी सिंह को 78995 वोट मिले और बीजेपी के आयतित प्रत्याशी प्रीतम लोधी को 71882 वोट मिले। पिछले चुनाव में बीजेपी के प्रत्याशी की इन वोटो की सख्यां ने सबको चौका दिया था। बसपा के हाथी की चाल लडखडा गई और बसपा के प्रत्याशी कौशलेन्द्र प्रताप सिंह को 8822 वोट ही मिले। इस विधानसभा में कुल वोटिंग थी 223064 और मत पडे 173038। कुल प्रत्याशी खडे हुए 17 । इस बार भी यहां बहुजन की धमक नही है। 

27 कोलारस। हाथी बिगाड सकता है किसी का भी गणित
कोलारस विधानसभा में हाथी सिर्फ वोट बैंक है,जीत के आसपास कभी नही गया,लेकिन वोट संख्या है,लेकिन पिछले चुनाव की बात करे तो हाथी को हाथ पंजे से कुचल दिया था उसका अस्तित्व होते हुए भी स्वीकार योग्य नही था,कोई की कांग्रेस को यहां से अप्रत्याशित वोटो से जीत मिली थी। 

सन 2013 के आम चुनावो की बात करे तो कांग्रेस के प्रत्याशी स्व:रामसिह यादव को 73942 वोट मिले तो वही भाजपा के प्रत्याशी पूर्व विधायक देवेन्द्र जैन को केवल 48989 वोट मिले और बसपा के प्रत्याशी चन्द्रभान सिंह यादव को 23920 वोट मिले। इस विधानसभा से 15 प्रत्याशी मैदान में थे। इस विधानसभा की टोटल वोंटिग संख्या थी 219590 और वोट मिले 159179। कुल मिलाकर हाथी यहां जीत के करीब नही है,लेकिन किसी की हार और जीत को बदल सकता है।