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अधिकारी चुनाव के नाम पर गायब, चपरासी के भरोसे विभाग | kolaras News

कोलारस। आचार संहिता लागू होने के साथ राजस्व, पुलिस एवं चुनावी कार्य में लगने बाले अधिकारी एवं कर्मचारियो की ट्रेनिंग एवं मीटिंगों का दौर चल रहा है। 2 नबम्बर को नामांकन फार्म विकने एवं भरने के दिन से चुनावी गतिविधि तेज रफ्तार के साथ दिखाई देने लगेगी। इस बीच शासकीय कार्यालयो के हालातो को जाकर देखा जाये तो शासकीय कार्यालयो में सुबह 10:30 से शाम 5:30 के बीच भ्रत्य को छोड कर अधिकारी एवं कर्मचारी नदारद ही नजर आएगा। सप्ताह के 5-6 दिनों में मंगलवार को छोड कर शेष दिन अधिकारी एवं कर्मचारी शासकीय कार्यालयो में नजर ही नही आते। 

प्रदेश सरकार के अधीन कोलारस में दो दर्जन से भी अधिक शासकीय कार्यालयो में जाकर देखा जाए तो अधिकारियों के न बैठने के कारण शासकीय कार्यालयों में सन्नाटा पसरा रहता है। जब अधिकारियों के बारे में वहां मौजूद कर्मचारियों से पूछा जाता है तो उनका कहना होता है साहब क्षेत्र में अथवा मीटिंग में गये है। जबकि साहब हकीगत में वरिष्ठ अधिकारी के यहां हाजरी लगाने के बाद अपने घर पर आराम फरमाते अथवा संबंधित फाईलों में बाबू, दलालो अथवा संबंधित लोगो से पैसे लेकर कार्य करते हुए नजर आ जाएगे। 

कोलारस विधानसभा मुख्यालय में ही अधिकारियो की मनमर्जी चरम सीमा पर है यहां पदस्थ अधिकरी एवं कर्मचारी कार्यालयीन समय में ही कार्यालय में नजर नही आते लोगो से सेवा शुल्क लेकर कार्यालयीन समय के बाद कार्यालय अथवा घरो में कार्य करते हुये नजर आ जायेगे। हालात इतने खराब हो चुके है कि कार्यालयो में अधिकारियो के न बैठने से कर्मचारी खुलेआम जनता के साथ काम के बदले बोली बढा कर पैसे लेकर भी कार्य नही कर रहे है। 

कोलारस विधानसभा मुख्यालय में स्थित जनपद पंचायत, जेल विभाग, कृषि विभाग, स्वास्थ्य विभाग, वन विभाग, वीईओ कार्यालय, वीआरसीसी कार्यालय, महिला बाल विकास, खाद्य विभाग, एनआरजी विभाग, पीएचई कार्यालय में सुवह 10:30 से शाम 5:30 के बीच कार्यालय को खुले हुये दिखाई दे जायेगे और एक दो बाबूओ को छोड कर शेष बाबू कार्यालयीन समय में ही नजर नही आयेगे। वर्षो से एक ही स्थान एवं एक ही पद पर जमे अधिकारी एवं कर्मचारियो को न तो जन प्रतिनिधियो का कोई भय है और न ही अधिकारियो का कोई डर इसी का कारण है कि अधिकारी एवं कर्मचारी जनता के साथ पैसे लेने के बाद भी सही कार्य को करने को तैयार नही है। 

एसडीएम कार्यालय में दिख रहा है बदलाव क्या और विभागो में होगा असर
कोलारस अनुविभाग मुख्यालय को कई वर्षो के बाद आई एस अधिकारी कुछ समय के लिए टे्रनिंग कार्यकाल पूर्ण करने के लिए कोलारस में एसडीएम के रूप में मुश्किल से नसीब हुये है। कई वर्ष पूर्व कोलारस में एक बार महिला आई एस टे्रनिंग कार्यकाल के लिए कुछ समय कोलारस में अपना कार्यकाल विता चुकी है काफी लम्बे अंतराल के बाद कोलारस विधानसभा मुख्यालय को चुनावी मौसम में आईएस ट्रेनिंग कार्यकाल के लिए कोलारस में अपनी सेवाये इसी माह से देना प्रारंभ हुये है। कोलारस को काफी लम्बे अंतराल के बाद दूसरी बार आई एस आशीष तिवारी के रूप में नसीब हुये है। 

उनके आने के बाद एसडीएम कार्यालय में खुलेआम पैसे लेकर न्याय बेचने पर बीते सप्ताह से ब्रेक लगता हुआ दिखाई दे रहा है। इसके पूर्व की फाईले देख ली जाये और संबंधित लोगो के कथन लिये जाये तो दोनो पक्षो से पैसे लेकर न्याय वेचने की नीलामी एसडीएम कार्यालय में खुल  कर होती रही है। जिस पर नवान्तुक एसडीएम तिवारी के आने के बाद लगाम लगी है। चुनावी मोड में व्यस्थ प्रशासन के अन्य विभागो में चल रही खुलेआम लूट खसोट, दलाली प्रथा एवं अधिकारियो के मुख्यालय पर निवास न करने एवं कार्यालयीन समय में कार्यालयो में न बैठने पर तिवारी लगाम लगा पाये तो उन्हे पूर्व महिला आई एस अधिकारी की तरह आने बाले समय में कोलारस के लोग याद रखेगे। 
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