बैराड नगरपरिषद में नियमो का अपहरण, राजसात करने की बजाय कर दी काम छोडने वाले ठेकदार की FDR वापस

0
बैराड। बैराड कस्बे को जब से नगर परिषद जब से बनी हैं,जब से इसमें विवाद का ऐजेंडा शामिल रहा हैं। बैराड अध्यक्ष पर कई अनिमितताओ के आरोप लग चुके हैं, फर्जी नियुक्ति का मामला हाईकोर्ट तक पहुंच चुका हैं। कई मामलो की जांच चल रही हैं अब कह सकते है कि घोटालो की नगर परिषद बन गई है बैराड की नगर परिषद।

गंभीर लापरवाही और शासन के राजस्व को चूना लगाने वाली एक खबर फिर बैराड नगर परिषद की आ रही हैं। बजाया जा रहा हैं कि नगर परिषद बैराड़ में 42 लाख से ज्यादा लागत की चार डब्ल्यूबीएम सड़कों का कम रेट पर ठेका लेने वाले ठेकेदार ने हाथ खड़े कर दिए। ठेकेदार द्वारा सुरक्षा निधि के रूप में जमा 2 लाख से ज्यादा राशि राजसात नहीं की। बल्कि नगर परिषद के अधिकारियों ने ठेकेदार को एफडीआर लौटा दी। 

यही नहीं बुधवार को नगर परिषद सम्मेलन बुलाकर इस बात का ठहराव प्रस्ताव भी गुपचुप तरीके से डाला दिया। जिससे अब नपा अधिकारी, इंजीनियर के साथ-साथ अध्यक्ष सहित संबंधित पार्षद भी कार्रवाई की जद में आ गए हैं। इसे लेकर परिषद सम्मेलन में शामिल बुधवार को काफी हंगामा रहा। भाजपा पार्षदों ने जमकर इसका विरोध किया है। 

जानकारी के अनुसार नगर परिषद बैराड़ ने 4 डब्ल्यूबीएम सड़कों के निर्माण के लिए टेंडर मई 2018 में जारी किया था। सूर्या इन्फाकोन की सबसे कम रेट आईं और टेंडर पास हो गया। चूंकि रेट कम होने से ठेकेदार ने वर्क ऑर्डर तक नहीं लिया। नगर परिषद में ठेकेदार द्वारा जमा 2 लाख रुपए की एफडीआर चोरी छुपे लौटा दी गई। काम नहीं करने पर 2 लाख रुपए राजसात का प्रावधान है। 

इसमें सरकार के नियमों की अनदेखी की गई। यही नहीं यह बिंदु परिषद के एजेंडे में रख दिया। जिसे लेकर पार्षदों ने हंगामा खड़ा कर दिया। एफडीआर लौटने पर पार्षद संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई की जिद पर अड़ गए हैं। लेकिन सीएमओ मामले में सब इंजीनियर पर पल्ला झाड़ रहे हैं। 

मामले में भाजपा पार्षद राजीव सिंघल का कहना है कि सुबह 4 बजे बैठक बुलाई थी। ठेकेदार को एफडीआर लौटाने पर हंगामा हो गया। 15 पार्षदों में से 12 पार्षद बैठक छोड़कर आ गए। जिससे कोरम पूरा नहीं हुआ। जबकि नपा सीएमओ मधु श्रीवास्तव का कहना है कि बाद में बैठक हो गई और कोरम पूरा हो गया। 

मैंने नहीं लौटाई FDR  
मैं जब अवकाश पर था, एफडीआर सब इंजीनियर अविनाश अग्रवाल ने लौटा दी है। इस संबंध में वही बता पाएंगे। ठेकेदार को मैने एफडीआर नहीं लौटाई। वहीं पार्षद बाद में आ गए थे जिससे बैठक का कोरम पूरा हो गया। 
मधु श्रीवास्तव, सीएमओ,नप, बैराड़ 

Post a Comment

0Comments

प्रतिक्रियाएं मूल्यवान होतीं हैं क्योंकि वो समाज का असली चेहरा सामने लातीं हैं। अब एक तरफा मीडियागिरी का माहौल खत्म हुआ। संपादक जो चाहे वो जबरन पाठकों को नहीं पढ़ा सकते। शिवपुरी समाचार आपका अपना मंच है, यहां अभिव्यक्ति की आजादी का पूरा अवसर उपलब्ध है। केवल मूक पाठक मत बनिए, सक्रिय साथी बनिए, ताकि अपन सब मिलकर बना पाएं एक अच्छी और सच्ची शिवपुरी। आपकी एक प्रतिक्रिया मुद्दों को नया मोड़ दे सकती है। इसलिए प्रतिक्रिया जरूर दर्ज करें।

Post a Comment (0)

#buttons=(Ok, Go it!) #days=(20)

Our website uses cookies to enhance your experience. Check Now
Ok, Go it!