शिवपुरी। भावांतर योजना के तहत शिवपुरी में 6 करोड का घोटाला उजागर हुआ हैं। इस घोटाले में सबसे बडा सच बहार आ रहा हैं कि इस घोटाले के सामने आने से पूर्व भावांतर योजना के तहत प्याज खरीदी मामले में शिकायत पर मंडी बोर्ड भोपाल से दो बार जांच दल आया था, लेकिन दोनों ही बार जांच दल को कोई गडबडी नही मिली वह क्लीन चिट देकर गए थे। इसके बाद मामले में कलेक्टर से शिकायत की गई और शिकायत की जांच के बाद फर्जीबाड़ा सामने आ गया। भोपाल मंडी बोर्ड के अधिकारी इस घोटाले को कयो नही पकड सके हैं।
सवाल खडे हो रहे है कि इस घोटाले की पूरी जानकारी मंडी बोर्ड के भोपाल स्तर के अधिकारियो को भी थी। बटोना उपर से नीचे तक बट रहा था। अब इस घोटाले के सामने आने के बाद कृषि थोक मंडी में जांच के लिए भोपाल मंडी बोर्ड से आए अपर संचालक एसडी वर्मा ने शिवपुरी में डेरा डाल लिया हैं। बताया जा रहा है कि जिले में प्याज लुहूसन की लगभग 9 करोड रूपए की खरीद हुई थी,इसमे 6 कराडे रूपए का घोटाला पकाया जाने की तैयारी थी,लेकिन उससे पूर्व उक्त घोटाला सामने आ गया हैं।
अपर कलेक्टर के प्रतिवेदन पर कलेक्टर शिवपुरी शिल्पा गुप्ता ने मंडी सचिव राविन्द्र शर्मा सहित 7 लोगो पर एफआईआर कराने के आदेश दिए हैं। वही मंडी सचिव रविन्द्र शर्मा को सस्पैंड कर भोपाल अटैच कर दिया गया हैं।
खरीदी से ठीक पहले पांच फर्मों को लाइसेंस जारी किए हैं जिनमें पावनी एग्रो इंटरप्राइेज डबरा जिला ग्वालियर, गिर्राज धाकड़ एंड संस कंपनी शिवपुरी और भागीरथ कुशवाह एंड कंपनी शिवपुरी सहित दो अन्य फर्म शामिल हैं। इनमें से पावनी एग्रो शिवपुरी जिले की बाहर की फर्म है। नियम विरुद्ध है और शिवपुरी में कोई गोदाम तक नहीं है। जबकि भागीरथ कुशवाह एंड कंपनी ने 70 हजार क्विंटल माल की खरीदी है। फर्म की खरीदी व भंडारण में काफी अंतर आ रहा है।

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