Ad Code

कालीमाता पर 40 तो न्यूब्लॉक और सिद्धेश्वर पर होगा 35-35 फीट का रावण का दहन | Shivpuri News

शिवपुरी। 19 अक्टूबर को विजयदशमी पर्व बड़े धूमधाम के साथ मनाया जाएगा। इस दिन शहरभर में अनेकों स्थानों पर रावण दहन के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। जिनमें प्रमुख रूप से कालीमाता मंदिर प्रांगण, न्यूब्लॉक भगवान सहस्त्रबाहु अर्जुन चौराहा और सिद्धेश्वर मेलाग्राउण्ड पर रावण का दहन होगा। इस बार कालीमाता मंदिर प्रांगण में 40 फीट ऊंचे रावण का दहन होगा जबकि न्यूब्लॉक और सिद्धेश्वर पर 35-35 फीट के रावण के पुतले जलाए जाएंगे। 

दशहरे के दिन कालीमाता मंदिर और सिद्धेश्वर ग्राउण्ड में रावण दहन से पूर्व नरसिंह मंदिर दशहरा समिति और पंजाबी परिषद द्वारा जुलूस निकाला जाएगा जिसमें झांकियां और गरबा डांडिया का आयोजन भी किया जाएगा। वहीं न्यूब्लॉक में स्व. शिवगोपाल शिवहरे परमार्थ समिति के सदस्यों ने आकर्षक आतिशबाजी का कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। साथ ही हंस बिल्डिंग पर समिति द्वारा प्रसाद का वितरण किया जाएगा। पिछले वर्ष स्व. शिवगोपाल शिवहरे परमार्थ समिति द्वारा व्यापारियों के लिए मुसीबत बनी जीएसटी रूपी रावण का दहन किया गया था जिसे देखने के लिए दूर-दूर से लोग न्यूब्लॉक पहुंचे थे और यह रावण दहन  काफी चर्चित रहा था। 

स्व. शिवगोपाल शिवहरे परमार्थ समिति के अध्यक्ष डॉ. रामकुमार शिवहरे ने जानकारी देते हुए बताया कि उनकी समिति द्वारा पिछले कई वर्षों से रावण दहन का कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। पहले रावण के पुतले की ऊंचाई 10 से 15 फीट रखी जाती थी, लेकिन पिछले  तीन से चार वर्षों से रावण का 30 फीट ऊंचा पुतला दहन किया जा रहा है और इस रावण की ऊंचाई 30 के स्थान पर 35 फीट रखी गई है। रावण दहन से पूर्व वहां आकर्षक लाइटिंग और आतिशबाजी का कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा और इसके पश्चात रात्रि नौ बजे समिति के सदस्यों द्वारा पूजन कर रावण का दहन करने का कार्यक्रम निर्धारित किया गया है। 

समिति से जुड़े रविन्द्र शिवहरे, संतोष शिवहरे, कुशल शिवहरे, मोहित (मंगल), चिराग शिवहरे, अनिल शिवहरे, राजेन्द्र शिवहरे, राघव शिवहरे, वीरेन्द्र श्रीवास्तव, वीरेन्द्र पाण्डेय, रामकुमार शर्मा, सुरेश भसीन, आनंद अग्रवाल जल मंदिर, नूर मोहम्मद काजी, योगेश (छोटू), डोमा भाई, लक्ष्मण सहित अनेकों सदस्यों ने रावण दहन के कार्यक्रम में शहरवासियों से अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होने की अपील की है। वहीं नरसिंह मंदिर दशहरा समिति के अध्यक्ष कृष्णमोहन उर्फ बंटी अग्रवाल का कहना है कि दशहरे वाले दिन शाम पांच बजे नरसिंह मंदिर सदर बाजार से रामरथ यात्रा निकाली जाएगी जो कस्टम गेट, गांधी चौक, माधवचौक, गुरूद्वारा चौराहा, पुरानी शिवपुरी, नीलगर चौराहा होते हुए काली माता मंदिर प्रांगण पहुंचेगी। 

जहां विधि विधान से पूजन के पश्चात 40 फीट ऊंचे रावण का दहन किया जाएगा। इसी तरह सिद्धेश्वर मेला प्रांगण में पारम्परिक रूप से रावण का दहन होगा यह कार्यक्रम पंजाबी परिषद द्वारा आयोजित किया जाता है और वर्षों से पंजाबी परिषद इस स्थान पर रावण का दहन करती आ रही है। पंजाबी परिषद के श्री बत्रा ने जानकारी देते हुए बताया कि इस बार 35 फीट ऊंचे रावण का दहन किया जाएगा। 

इससे पूर्व जल मंदिर के पास से एक विशाल चल समारोह प्रतिवर्ष की तरह निकाला जाएगा जिसमें राम, लक्ष्मण, हनुमान और बानर सेना के साथ रावण और माता सीता की झांकियां निकाली जाएगी। इस वर्ष चल समारोह में डांडिया का आयोजन भी रखा गया है जहां बाहर से आए कलाकार अपनी प्रस्तुतियां देंगे। रात्रि करीब 8 बजे राम रावण के बीच भीषण युद्ध और आकर्षक आतिशबाजी के साथ रावण का दहन किया जाएगा। कार्यक्रम में एसपी और कलेक्टर के साथ-साथ प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहेंगे। 

सीवर खुदाई के कारण सिद्धेश्वर प्रांगण में पहुंचने के लिए गोरखनाथ मंदिर के पास से बनाया रास्ता
दशहरे को सिद्धेश्वर मेला प्रांगण में रावण दहन के मुख्य कार्यक्रम में लोगों को पहुंचने में होने वाली असुविधा से बचाने के लिए पंजाबी परिषद के सदस्यों ने गुरू गोरखनाथ मंदिर के पास से अस्थाई रास्ता रावण दहन स्थल तक पहुंचने के लिए बनाया है जहां परिषद के सदस्यों ने जगह-जगह लाइटिंग की व्यवस्था की है, क्योंकि सिद्धेश्वर घाटी पर इस समय सीवर लाइन की खुदाई के कारण रास्ता बंद पड़ा है। ऐसी स्थिति में कोई दुर्घटना घटित न हो। इसे लेकर पंजाबी परिषद ने बैठक में रास्ता बदलने का निर्णय लिया है।