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25 गांव के लोगों ने किया मतदान का बहिष्कार, प्रशासन ने तोड़ी तालाब की पार | kolaras News

कोलारस। आमचुनाव की आचार संहिता लगने के बाद भी प्रशासन के अधिकारियों द्वारा तालाब के कारण फसलों को नुकसान के मामले शिकायत करने पहुंचे दो पक्षों की बात को गभीरता से ना सुनते हुए एक पक्ष को सीधा सीधा लाभ देने के लिए कोलारस तहसीलदार सिकरवार  एवं तेंदुआ थाने के प्रभारी विकास यादव ने दल बल का डर दिखा कर भैरों राई के तालाब की पार को जेसीबी से तोड़ दिया है। जिसके चलते आगामी समय मे आस पास के क्षेत्र में गर्मियों के दिनों में पीने के पानी की समस्या के साथ साथ मवेशियों को भी पीने के पानी की कमी हो जाती है। उक्त आरोप ग्राम पंचायत राई ,कि़लावनी,भैंसदा, सिंघारपुर, बेड़ारी सहित एक दर्जन गांवों के किसानों ने लगाए हैं। 

ग्रामीणों का कहना है कि भैरो बाबा के मंदिर के पास स्थित तालाब मे इस बार अच्छा पानी भरा है परंतु कुछ लोग जो इस तालाब की जमीन में कब्जा कर खेती करते हैं। जिनकी शिकायत पर प्रशासन ने बिना हमारा पक्ष सुने ही तालाब फोड़ दिया है। जिससे आने वाले समय मे हमे फिर से पानी की समस्या आएगी। प्रशासन की हिटलरशाही के चलते अब ग्रामीण इस बात को लेकर अड़ गए हैं कि जब तक हमारे साथ न्याय नही होगा तब तक हम चुनावों का वहिष्कार करते हैं और तालाब की पार अगर नही बनाई गई तो हम मतदान करने भी नही जाएंगे। 

प्राप्त जानकारी के अनुसार कोलारस तहसील मुख्यालय से पश्चिम दिशा में लगभग 10 किलोमीटर दूरी पर स्थित भैरो बाबा तालाब स्टेट टाइम में बनवाया गया था। जिसमे जल भराब की असीम संभावनाएं थीं। परंतु पिछले कई सालों से क्षेत्र में अच्छी बरसात ना होने से तालाब में पानी नही भरता था। 

जिसके चलते धीरे धीरे ग्रामीणों ने तालाब की जमीन पर कब्जा कर खेती करने लगे थे। और कुछ हिस्से में प्रशासन ने सांठगांठ कर कुछ लोगों को पट्टे भी आवंटित कर दिए थे। परंतु आज तक तालाब की भराब की भूमि को संरक्षित ना कर पाना प्रशासन की सबसे बड़ी मकामी रही है। और अपनी इस कमी को छुपाने के लिए तालाब की पार तोड़ दी गयी है


25 गांवो को मिलता है तालाब से लाभ
भैरो बाबा के तालाब में भरे पानी से  आसपास के भैंसदा ,सिंघारपुर, राई,बूढ़ी राई,कि़लावनी,गुनाटोरी,कांकरा,पिछोर,रूहानी, पहाड़ा,उदली, बड़ाहर,नेरबार, बचौरिया, मडी,सेमई, तौर, भैरो पूरा,सोनपुरा,गणेशखेड़ा, आदि लगभग 50 गांवों के वाटर लेवल को बनाये रखता है। परंतु इस बार प्रशासन ने भेदभाव पूर्ण कार्यवाही करते हुए पुलिस बल का डर दिखाकर तालाब की पार तोड़ दी। जिससे ग्रामीण नाराज हैं और इस बार मतदान का वहिष्कार करने की बात कर रहे हैं।

जब तक तालाब नही तब तक मतदान
प्रशासन द्वारा दबंगई से तोड़े गए भैरों राई मंदिर के पास वाले तालाब की पार तोड़े जाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। भैरो राई के तालाब के पानी से लाभान्वित किसान रामवरण गुर्जर, सुधांशू पाठक,अवतार गुर्जर,कमल किशोर ,रामवीर गुर्जर,चंदू,पंजाब ,अरविंदगोस्वामी,घनश्याम गोस्वामी,गुड्डू गोस्वामी,निरपाल,जगदीश गुर्जर,सीताराम आदिवासी,हरभान आदिवासी,ईश्वर आदिवासी,खचेरा जाटव,सुमेरा जाटव,देवीलाल जाटव,भरत जाटव,कैलाश सिंह, ब्रजभान, सुरपाल गुर्जर,नीलम गुर्जर,कारजा सरदार,फौजी जाट आदि किसानों इस घटना से नाराज हैं और मतदान का बहिष्कार करने की बात कर रहे हैं।

मैं  खुद दिखवाता हूं मामले को
ग्राम राई के तालाब में किसानों की फसलें डूबने की जानकारी मिली थी। और तहसीलदार को मौके पर भेजा था। ग्रामीणों द्वारा मतदान का वहिष्कार करने का मामला आपने द्वारा मेरे संज्ञान में लाया गया है। मैं खुद जाकर दिखवाता हूँ कि क्या मामला है।
आशीष तिवारी (आई.ए.एस.)
एस डी एम कोलारस