SHIVPURI NEWS| आरक्षण देश में जातिवाद फैलाने के लिए जिम्मेदार है: लोकेन्द्र सिंह कालवी

Updesh Awasthee
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शिवपुरी। आरक्षण देश में जातिवाद फैलाने के लिए जिम्मेदार है जिसका पुरजोर विरोध श्री राजपूत करणी सेना हर स्तर पर करेगी। इतना जरूर है कि मप्र के सीएम द्वारा माई के लाल की टिप्पणी पर हम इस मामले में किस तरह के लाल हैं वो तो आप सभी देख ही रहे हैं। आरक्षण और एससीएसटी एक्ट को लेकर करणी सेना अपना विरोध जारी रखे हैं लेकिन विशुद्ध गैर राजनीतिक कार्यक्रमों के तहत। जिन दलों को हमारा समर्थन करना है, वे सामने आ सकते हैं।

यह बात श्री राजपूत करणी सेना के शीर्ष संस्थापक लोकेंद्र सिंह कालवी साहब ने इंदौर , भोपाल , सागर , छतरपुर से होते हुए आज मंगलवार को शिवपुरी में सुबह पत्रकारों से चर्चा में कही। उसके बाद 23 सितंबर चित्तौडग़ढ़ में होने आज़ाद भारत के सबसे बड़े क्षत्रिय सम्मेलन की तैयारी को देखने के लिये रवाना हो गये। 

उन्होंने मप्र विधानसभा चुनाव में करणी सेना की भूमिका को लेकर कहा है कि उनका आंदोलन और विरोध प्रदर्शन पूरी तरह गैर राजनीतिक होगा। इसमें करणी सेना के कार्यकर्ता अन्य संगठनों के सहयोग से इस मुद्दे का लगातार विरोध जारी रखेंगे। अब इसमें यदि कांग्रेस और भाजपा अगर समर्थन देने में आगे आती हैं तो हम उनका समर्थन भी लेंगे। जहां तक एट्रोसिटी एक्ट की बात है तो देश में सबसे पहले श्री राजपूत करणी सेना ने ही इसका विरोध किया है और कोर्ट में इस संबंध में हमने ही सबसे पहले और एकमात्र याचिका दायर की है। 

उन्होंने पद्मावत फिल्म के विरोध का जिक्र करते हुए कहा कि करणी सेना ने उस समय फिल्म की रिलीज का विरोध किया था और देश के 14 राज्यों के मुख्यमंत्री ने उन्हें लिखित समर्थन भी दिया था। इसी विरोध का नतीजा है कि इतिहास से छेड़छाड़ करते हुए किसी फिल्म का निर्माण अब शायद कई दशकों तक देश में नहीं होगा। श्री कालवी ने कहा कि आरक्षण की खिलाफत के लिए हम समाजसेवी संगठनों से अपील भी करते हैं कि वे हमें समर्थन दें। 

उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि हम सरकार नहीं, सरकार हमारे कारण है। यदि वे नहीं समझें तो हम समझा ही देंगे। वैसे भी मैंने मप्र में जो नारे जगह-जगह लिखे हैं, उन्हें पढ़ा है। आखिर हमारी भूल, कमल का भूल जैसे नारे जनता की नाराजगी को उजागर करते हैं। आखिर वोट की चोट की महत्वपूर्ण होती है। श्री कालवी ने कहा कि आज के परिप्रेक्ष्य में एट्रोसिटी पर केंद्र सरकार ने संसद में कानून बनाकर जो कुछ किया है, उससे यह बहस भी शुरू हो गई है कि देश में सर्वोच्च न्यायपालिका सर्वोपरि है या फिर संसद। 

साथ में प्रदेश प्रभारी दिलीप सिंह खिजुरी, मप्र प्रदेश सयोंजक कुँ अतुल प्रताप सिंह, श्योपुर जिला अध्यक्ष कुलदीप सिंह सिसोदिया, शिवपुरी के जिला प्रभारी मनीष सिंह बैस, जिला अध्यक्ष अभय प्रताप सिंह, मीडिया प्रभारी मोंटू तोमर विश्व प्रताप सिंह, गजेंद्र सिंह कुशवाह, रविन्द्र सिंह राजपूत, विजेंद्र सिंह चंदेल, राहुल राजावत, राजू गौर और क्षत्रिय बन्धु मौजूद थे।
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