अगर सशरीर नरक लोक के दर्शन करने है आईए हमारे साथ इस गांव में..

अभिषेक शर्मा। अभी तक आपने नरक लोक का नाम सुना होगा। जिंदा आदमी नरक लोग नही जा सकता हैं, लेकिन मप्र शासन ने आपको सशरीर जिंदा नरक लोक के भ्रमण की सुंविधा दी हैं। शिवपुरी जिले की सीमा से सटे एक गांव को प्रशासन ने अपना आर्शीवाद देकर नरक लोक में बदल दिया हैं। शिवपुरी समाचार डॉट के सांवददाता ने जिंदा इस नरक लोक की यात्रा की हैं। आप भी आईए हमारे साथ हम आपको मानसिक यात्रा नरक लोक की कराते हैं। 

शिवपुरी जिले की सीमा से लगा बूडदा गांव पूरा नरक लोक है और इस गांव के जिंदा जनमानस नरकवासी हो गए हैं। इस गांव को नरकवासी गांव कहा जाए तो कोई अतिशोयक्ति नही होंगी। पोहरी विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गांव के पास बने अपर ककेटो डेम ने इस गांव को लोगो को नरक वासी बना दिया है। शासन के गलत सर्वे करने के कारण गांव में पानी भर जाता हैं। पूरा गांव टापू नुमा होकर रह जाता है। 

शासन के इंजीनियरो ने सर्वे किया तो इस गांव के केवल 56 परिवारो को विस्थापित कर मुआवजा दिया गया। लेकिन डेम के भराव क्षेत्र से पूरा का पूरा गांव प्रभावित हो जाता है। सर्वे गलत किया गया, पानी ग्रामीणो की जमीनो को लंघाते हुए उनके घरो में घूस जाता हैं। ग्रामीणो का कहना है कि शासन ने हम मुआवजा नही दिया हम इस डेम से प्रभावित हो रहे हैं। हम हमारी जमीन और घर छोडकर कैसे जाए इस कारण हमे 6 महिने लगभग नरकीय जीवन जीना पड़ता हैं। शासन से हमे मुआवजा नही सिर्फ आश्वासन मिलता हैं। कल इस डेम के गेट खोले गए ग्रामीणो ने विरोध किया। और डेम के गेटो के नीचे जाकर खडे हो गए। लेकिन 3 थानो की पुलिस को बुला लिया गया। मुआवजे का आश्वासन देकर गेटो को खोल दिया गया।

बच्चो के भविष्य से होता खिलावाड़ 
ग्राम बूडदा में जब शिवपुरी समाचार की टीम ने जाकर हकीकत देखी बारिश के समय डेम का पानी भर जाता है जिससे गाँव से स्कूल तक जाने बाली सभी रास्तो पर पानी भर जाता हैं जिस कारण बच्चे स्कूल जाने से कतराते है। पिछले 1 माह से बच्चे स्कूल नही गए जिससे उनकी शिक्षा व्यबस्था पर गहरा असर पड़ रहा है।

स्वास्थ्य सुविधाये हुई चोपट
पोहरी विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत आने बाले ग्राम बूडदा में स्वास्थ्य सुविधाएं पूर्णता चोपट हो गई है। ऐसे में ग्रामीणों को उपचार हेतु गांव से कोसो दूर जाना पड़ता है। वहीं बरसात में सबसे ज्यादा महिलाओ को प्रसव के दौरान परेशानी का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों का आरोप है कि गाँव को न तो विस्थापित किया गया और न ही गांव में कोई भी विकास कार्य कराये गए।

गंदा पानी पीने को मजबूर ग्रामीण
ग्राम बूडदा में आधा दर्जन हेंडपम्प ओर कई कुए मौजूद है लेकिन गाव में डैम का पानी आ जाने से कुछ हेंडपम्प तो डूभ गए वहीं कुछ से गंदा पानी निकल रहा है। मजबूरन ग्रामीण गंदा पानी पी रहे है। ऐसे मे गांव में लोग नरक का जीवन व्यतीत कर रहे है।

स्वच्छ भारत अभियान की उडी धज्जिया
ग्राम बूडदा में शिवपुरी समाचार डॉट कॉम की टीम ने जायजा लिया तो पता चला करीब 129 परिवार शौचालय विहीन है जो बाहर सोचालय जा रहे है। ऐसे में जहाँ एक तरफ प्रधानमंत्री द्वारा स्वच्छ्ता अभियान चलाया जा रहा है वहीं दूसरी ओर ग्राम बूडदा में सोच की गंदगी का अंबार लगा हुआ है। ऐसे में गांव में बीमारी ने भी अपनी जड़े मजबूत कर दी है।

मुख्य रास्ते तबदील हुए दलदल में 
ग्राम बूड़दा में इस समय हालात नारकीय जीवन जैसे बने हुए है। जहाँ ग्रामीणों को मूलभूत सुविधाएं तक उपलब्ध नही हो पा रही है। जहाँ शिक्षा स्वास्थ्य तो चोपट ही है बही गाव से निकलने  बाले मुख्यमार्ग कीचड़ और दलदल में तबदील हो गए है। वहीं ऐसे विहंगम रास्तो से निकलने में ग्रामीणों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है।

ये है पूरा मामला 
वर्ष 2008 में अपर ककेटो डेम स्वीकृत हुआ जो 2013 में तैयार हुआ। पिछले 2 वर्षो तक यह डेम नही भरा जिस कारण लोगो को कोई परेशानी नही हुआ लेकिन वर्ष 2016 से यह भरना शूरु हुआ जिसके बाद गांव तक पानी आने लगा जिसके बाद लोगो ने विरोध करना शुरू किया।
Share on Google Plus

Legal Notice

Legal Notice: This is a Copyright Act protected news / article. Copying it without permission will be processed under the Copyright Act..

0 comments:

Loading...
-----------

analytics