ads

Shivpuri Samachar

Bhopal Samachar

shivpurisamachar.com

ads

इस खबर को धीरे-धीरे पढ़ें, शहर के नेता सो रहे हैं। पूरा शहर अवैध घोषित

ललित मुदगल, शिवुपरी। शिवपुरी नगर पालिका का एक चौकाने वाली खबर आ रही हैं कि आपका पूरा-पूरा शहर अवैध घोषित कर दिया हैं।यह हम नही कर रहे हैं स्वयं नपा शिवुपरी के सीएमओ सीपी राय कह रहे हैंं। और इस अवैध शहर में स्वयं नगर पालिका करोडो के काम करा रही हैं और स्वयं सीएमओ इस काम के चैक साईन कर रहे हैं। अगर आपका काम हैं तो यह शहर अवैध घोषित हैं आपका काम नही हो सकता हैंं। नगर पालिका अध्यक्ष इस शहर को वैध घोषित कराने प्रयास भी कर रहे हैं। 

जैसा कि विदित हैं कि शिवपुरी नगर पालिका में भवन अनुज्ञा पिछले अप्रैल माह से बंद हैं। सरल भाषा में कहे तो भवन निर्माण स्वीकृति बंद हैं। ऐसा इस कारण है कि मप्र शासन न आॅनलाईन नक्शे पास करने का नियम बनाया हैं और इसके लिए मप्र शासन ने ई नगर पालिका एमपी डोट ओआरजी के नाम से साईड बनाई हैं।

इस साईड में मप्र की सभी नगर निगम, नगर पालिका, नगर पंचायत और नगर परिषद अपने क्षेत्र में आने वाली कॉलोनियों का डाटा लोड करना हैं। लेकिन शिवपुरी नगर पालिका ने अपनी सीमा में आने वाली कॉलोनियो का डाटा इस साईड पर लोड नही किया हैं। 

सूत्रो के अनुसार इस साईड पर शिवपुरी नगर के 39 वार्डो में से केवल 20 वार्ड दिख रहे हैं। शहर की केवल 5 कॉलोनी अभी वैध मानी हैं। शहर में एक आंकडे के हिसाब से एक सैकडा कॉलोनी हैं। इन पांच कॉलोनियो में ही उक्त साईड पर भवन अनुज्ञा मिल रही हैंं।

ऐसा क्यों हुआ
बताया गया है कि शहर का डाटा लोेड करने के लिए एबीएस सिस्टन बनाया हैं। इस पर काम करके शहर की कॉलोनियो का डाटा इस साईड पर लोड करना हैं। लेकिन नपा मेें काम तो छोडो,अभी तक कॉलोनी का सर्वेयर करने वाली ऐजेंसी भी नियुक्ति नही हैं। इसके लिए नियमाअनुसार टेंडर कॉल करना हैं। अभी डाटा लोड करने की बात तो दूर हैं। 

क्या मापदंड हैं नपा को नही पता
इस पूरे मामले में सबसे बडी बात यह हैं कि नगर पालिका के सीएमओ को अभी तक इसके मापदंड ही नही पता है कि किस कॉलोनी को किस नियम से वैध कराना हैं ओर किसको अवैध। 

यह दिख रही है पोर्टल पर कॉलोनिया
ग्वालियर फॉरेस्ट एलटीडी कत्थामिल कॉलोनी, अशोक नगर कॉलोनी, इंद्रपुरम का टूकडा नम्बर 2 कॉलोनी, श्रीराम कॉलोनी, झींगुरा कॉलोनी, ग्राम बडौदी सडक कॉलोनी, माधव नगर, इंद्रपुरम कॉलोनी इस पोर्टल पर दर्ज हो चुकी हैं। इस पोर्टल में अशोक नगर कॉलोनी दर्ज है यह कहां है किसी को नही पता।
 
यह है सबसे बडा मजाक
शिवपुरी शहर की बसाहट आजादी से पूर्व की हैं। उक्त वैध कॉलोनिया शहर की कोनो की हैं। शहर का झींगरा क्षेत्र,श्रीराम कॉलोनी ही शहर मे आप कह सकते हैं। शहर की कॉलोनिया अवैध और कोई बडौदी पर स्थित कालोनी वैध, यह नपा का सबसे बडा मजाक और ग्वालियर फॉरेस्ट एलटीडी कत्थामिल कॉलोनी का नाम सबसे पहला दर्ज करना यह नपा का सबसे बडा डर। 

इन कॉलोनियों के नाम नही इस पोर्टल पर 
शहर की कई कॉलोनी जैसे, महल कॉलनी, विवेकानंद कॉलानी, गांधी कॉलोनी, गौतम विहार कॉलोनी, कृष्णपुरम कॉलोनी, शहरी आबादी क्षेत्र, पुरानी शिवपुरी क्षेत्र, विष्णु मंदिर के पीछे की कॉलोनिया, छत्री रोड पर स्थित कॉलोनिया, नगर पालिका के पीएमओ आवास, गौतम विहार कॉलोनी, बैंक कॉलोनी, कलार बाग, तारकेश्वरी कॉलोनी, नबाब साहब रोड पर बनी सभी कॉलोनी, झांसी तिराहा क्षेत्र और इवाई पटृटी पर बनी सभी कॉलोनियां, चन्द्रा कॉलोनी और भी कइ कॉलोनी ऐसी है जो अवैध घोषित हैं। इस साईड पर दर्ज कुछ चुनिदा कॉलोनियेा को छोडकर कही की इस समय भवन अनुज्ञा नही मिल रही हैंं। 

शहर परेशान, किसी को नही परवाह
यह खबर शहर को परेशान करने वाली हैं,इस ओर किसी का ध्यान नही हैं। नए भवन अनुज्ञा नही हो रही हैं। भ्रष्टाचार की ब्रांड नगर पालिका में अधिकारी मिलते नही हैं। जो शहर वासी नए भवन निर्माण करना चाहते हैं उन्है भवन निर्माण की अनुज्ञा नही मिल रही हैं। वह प्रतिदिन नपा मेंं चक्कर लगाते देखे जा सकते हैं। 

भवन निर्माण अनुज्ञा चाहने वाले लोगो को नगर पालिका से कोई ठोस जबाव नही मिल रहा हैं। एक ओर जहां प्रदेश के सीएम शुद्ध् रूप से अवैध और अतिक्रमण में बसी कॉलोनियो का वैध करने का वचन दे चुके हैं। तो वही शिवपुरी की वैध कॉलोनी को वर्तमान अवैध घोषित कर रखी हैं। 

कुल मिलाकर इतने बडे मामले में किसी का धयान नही हैं। नगर पालिका शिवुपरी के अध्यक्ष का कहना हैं कि ममाले को सुलझा लिया जाऐगा। हैरानी की सबसे बडी बात यह हैं कि शहर के पार्षदो ने भी इस मामले में कोई रूचि नही दिखाई हैं।

कमीशन के खेल के कारण नगर पालिका परिषद की बैठक नही चलने देने वाले पार्षद इतने बडे मामले की अनदेखी कर रहे हैं। कुल मिलाकर पूरा शहर अवैध घोषित हैं आप निर्माण नही करा सकते हैं, लेकिन नपा ने अपने निर्माण नही रोके हैं क्योंकि खेल कमीशन हैं निर्माण होंगे, चैक बनेगें तो कमीशन तो आऐगा ही। अब देखते हैं इस मामले में कौनसा नेता सो कर उठता हैं। 
Share on Google Plus

About NEWS ROOM

This is a short description in the author block about the author. You edit it by entering text in the "Biographical Info" field in the user admin panel.