पाल बघेल समाज घुमक्कड़ और अर्ध घुमक्कड़ जनजाति सूची में शामिल, मप्र शासन ने किया निर्णय

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शिवपुरी। पाल बघेल समाज को घुम्मकड़ और अर्धघुम्मकड़ जनजाति सूची में शामिल किए जाने माँग को कल शासन ने मानते हुए पाल बघेल समाज को घुम्मकड़ और अर्धघुम्मकड़ जनजाति की सूची में शामिल कर लिया है। समाज द्वारा लम्बे समय से इसकी माँग की जा रही थी। गत दिवस मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में आयोजित हुई केबिनेट की बैठक में यह प्रस्ताव पारित हो गया। 

पाल बघेल समाज को घुम्मकड़ और अर्धघुम्मकड़ जनजाति सूची में शामिल करने के लिए मध्यप्रदेश पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष केबिनेट मंत्री दर्जा प्राप्त राधेलाल बघेल लम्बे समय से संघर्षरत थे और उन्होंंने विभिन्न मंचों से सरकार के समक्ष पाल बघेल समाज की इस ज्वलंत माँग को उठाया। 

श्री बघेल की मेहनत और समाज के सहयोग से अंतत: सरकार ने समाज की माँग को स्वीकार करते हुए इसे घुम्मकड़ और अर्धघुम्मकड़ जनजाति की सूची में शामिल कर लिया है। पाल बघेल समाज जो कि मूल रूप से पशुपालन व्यवसाय से जुड़ा हुआ हैं।

चरवाहा वर्ग से जिसे मंत्रिपरिषद द्वारा घुम्मकड और अर्धघुम्मकड़ जनजाति की सूची के क्रमाँक 30, जिस पर धनगर उल्लेखित है, में उपजाति के रूप में गडरिया कुरमार, हटकर, हाटकर, गाडरी, धारिया, घोसी, ग्वाला गड़रिया, गारी, गायरी, गड़रिया, पाल, बघेल को शामिल करने का निर्णय लिया गया। सरकार के इस फैसले का पाल बघेल समाज शिवपुरी के जिलाध्यक्ष एडव्होकेट रामस्वरूप बघेल ने स्वागत किया और हर्ष जताया है।
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