शिवपुरी। खबर आ रही है कि ज्योतिरादित्य सिंधिया से बगावत कर भाजपा ज्वाइन करने वाले कांग्रेस मूल के नेता वीरेन्द्र रघुवंशी से भाजपा ने अशोकनगर का प्रभार छीन लिया है। पिछले दिनों अफवाह उड़ी थी कि रघुवंशी ने गुपचुप कमलनाथ से मुलाकात की है। हालांकि रघुवंशी ने कोलारस उपचुनाव के समय शिवपुरीसमाचार.कॉम से बात करते हुए ऐलान किया था कि वो भाजपा छोड़कर कभी नहीं जाएंगे परंतु वर्षों पहले उन्होंने यह भी कहा था कि 'मेरा सारा जीवन सिंधिया को समर्पित है।' राजनीति में अफवाहों को भी वजन मिलता है।
क्या है मामला
सूत्रों का कहना है कि वीरेन्द्र रघुवंशी को जयभान सिंह पवैया की कृपा से अशोकनगर का प्रभार मिला था परंतु रघुवंशी भाजपा में फिट नहीं हो पाए। वो कोलारस विधानसभा से चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं। उपचुनाव में उन्होंने किसी भी प्रकार का आश्वासन मिलने से पहले ही जनसंपर्क शुरू कर दिया था, बाद में भाजपा ने देवेन्द्र जैन को टिकट दिया। कहा जाता है कि कोलारस में भितरघात के कारण भाजपा हार गई।
वीरेन्द्र रघुवंशी के बारे में कहा जाता है कि वो केवल सिंधिया विरोध की बातें करते हैं। संगठन के कामकाज उन्हे कतई नहीं आते।
अफवाह है कि वो कमलनाथ से गुपचुप मिल चुके हैं। हालांकि कांग्रेस सूत्रों का कहना है कि ज्योतिरादित्य सिंधिया के रहते उन्हे अब कांग्रेस में कभी स्वीकार नहीं किया जाएगा।
कोलारस के कुछ भाजपा नेताओं को डर है कि वीरेन्द्र रघुवंशी को यदि टिकट नहीं मिला तो वो निर्दलीय भी लड़ सकते हैं।


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