शिवपुरी। 15 अगस्त की सुबह हम तीनों दोस्तो ने सुल्तान गढ जाने का प्रोग्राम बनाया और अपनी गाडी सीडी डीलक्स से हम लगभग 2 बजे सुल्तान गढ पहुंंच गए। सुल्तान गढ फॉल का नजारा सुहावना था,हम नहाने लगे और नहाते-नहाते इस चट्टान पर पहुंच गर बैठ कर पानी बहते पानी का आंनद लेने लगें। हम सुल्तान गए आए थे मौज करने लेकिन हमारा मौत से सामना हो गया।
यह कहना था रेस्क्यू के बाद ईश्वर और बचाने वालो को धन्यवाद देते ग्वालियर से आए कुशल सिंह पुत्र विजय सिहं उम्र 22 साल,प्रदीप आर्य पुत्र राम अवतार आर्य ओर अरूण यादव पुत्र शिव सिंह जाटव सभी निवासी गोले का मंदिर का। अरूण ने कहा कि मौत को हमने पल-पल जिया और हम कल शाम 4 बजे से उस चट्टान पर फसे हुए थे।
जब हमे निकालने हैलीकॉप्टर आया और वहां फसे 6 लोगो को सुरक्षित निकाल ले गया तो हमे उम्मीद जागी लेकिन जब लौटकर नही आया तो हमारी हिम्मत जबाब दे गई। हमने अपने जीवन की उम्मीद छोड दी थी,फिर सोचा कि इतने सारे लोग हमारे लिए खडे है ईश्वर ने इन्हे हमारी मदद के लिए भेजा है तो हमे थोडी सी उम्मीद जागी और हम वहां खडे रहे। और अंत भला तो सब भला।


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