पार्वती व महुअर नदी और डिग्री नाले का संगम है सुल्तानगढ फॉल, इसलिए यहां पानी मौत बनकर दौड़ता है | SHIVPURI NEWS

शिवपुरी। आज सुल्तानगढ फॉल से मप्र की सबसे बुरी खबर आई हैं कि इस वाटर फॉल में अचानक आई बाढ़ के कारण इस फॉल पर लगभग 40 लोग फंस गए और 1 दर्जन लोग बह गए। पूरा ग्वालियर संभाग के प्रशासन सहित 2 जिलों की मीडिया और केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर, मप्र की मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया सहित कई भाजपा और कांग्रेस के नेता इस समय बीच जंगल में स्थित सुल्तानगढ वाटर फॉल पर फंसे लोगो की जिंदगी बचाने की हर संभव कोशिश कर रहे हैं। 

बता दें कि इस वाटर फॉल पर पानी का प्रेशर काफी तेज रहता है। पानी का बहाव झरना गिरने से पहले ऊपर की तरफ ज्यादा होता है जबकि नीचे गिरते ही यह शांत हो जाता है। 100 फुट से गिरने वाले वाटर फॉल की आवाज ही बडी ही डरावनी हैं। इतना पानी अचानक कहां से और कैसे आया सबके मन में यही सवाल है। 

हम पाठको को अवगत करा दे कि पार्वती नदी, महुअर नदी और डिग्री नाले के पानी का का संगम जहां होता है, वहीं सुल्तानगढ़ के वॉटरफॉल का जन्म होता है। आज इस क्षेत्र में लगातार बारिश हो रही थी। महुअर नदी ग्वालियर के घाटी गांव की ओर से बहकर आती है, पार्वती नदी बैराड क्षेत्र की ओर से आती है और डिग्री नाला जंगल के पानी को अपने में समाते हुए लाता है। आज तीनों फुल चल रहे थे इस कारण सुल्तान गढ वाटर फॉल में अचानक बाढ आ गई। इन तीनो के मिलने से यहां पानी का प्रेशर अधिक रहता हैं। 
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