शिवपुरी। आज जन सुनवाई में खनियाधानां क्षेत्र का एक दलित एक आवेदन लेकर आया था। दलित का कहना था कि सचिव-सरंपच के भ्रष्टाचार का विरोध करने पर इस दलित की घर जमीन पर कब्जा कर करके गांव से बहार कर दिया हैं। उक्त दलित का कहना था कि मैने 15 बार जनसुनवाई में आवेदन किया है लेकिन आज तक मेरी सुनवाई नही हुई हैं।
रामदास पुत्र परसादी जाटव निवासी ग्राम खैरोंदा तहसील खनियाधानां निवासी ने आज सुनवाई में आवेदन दिया कि मेरे द्ववारा पंचायत सचिब बद्री शर्मा और सरंपच महेन्द्र यादव के भ्रष्टाचार का विरोध करते हुए,मेने इनकी फर्जी बीपीएल सूची की शिकायत करते हुए सूचना का अधिकार का आवेदन लगाया था। इस आवेदन की जानकारी भी सचिव ने नही दी बल्कि मुझे हर हर संभव परेशान करने का प्रयास किया जा रहा हैं।
मेरे और मेरे परिवार को गांव से भगा दिया गया,जिससे मेरे घर और जमीन पर दूसरो लोगो ने कब्जा कर लिया हैं। गांव से बहार होने पर मेरे बच्चे स्कुल भी नही जा पा रहे हैं। गांव में आने पर सचिव और सरपंच द्ववारा मेरे ऊपर झूठे मुकदमे दर्ज कराने की धमकी दी जाती हैं। अत: श्रीमान से निवेदन है कि मेरे आवेदन का निराकरण कर मुझे न्याय दिलाया जाए।

प्रतिक्रियाएं मूल्यवान होतीं हैं क्योंकि वो समाज का असली चेहरा सामने लातीं हैं। अब एक तरफा मीडियागिरी का माहौल खत्म हुआ। संपादक जो चाहे वो जबरन पाठकों को नहीं पढ़ा सकते। शिवपुरी समाचार आपका अपना मंच है, यहां अभिव्यक्ति की आजादी का पूरा अवसर उपलब्ध है। केवल मूक पाठक मत बनिए, सक्रिय साथी बनिए, ताकि अपन सब मिलकर बना पाएं एक अच्छी और सच्ची शिवपुरी। आपकी एक प्रतिक्रिया मुद्दों को नया मोड़ दे सकती है। इसलिए प्रतिक्रिया जरूर दर्ज करें।