WIFE को परेशान करता था BJP नेता, इस कारण कुल्हाडी से काट दी गर्दन

शिवपुरी। करैरा भाजपा किसान मोर्चा के उपाध्यक्ष करण सिंह कुशवाह की हत्या का मामला सिरसी पुलिस ने सुलझा लिया है। विदित हो कि 6 जुलाई को गुना जिले के सिरसी थाने के एक खेत में करण सिंह की सिर कटी लाश मिली थी। इस हत्याकाण्ड को अंजाम इनके पडौस में रहने वाले दम्पति ने दिया है। बताया गया है कि मृतक आरोपी की पत्नि के साथ छेड़छाड करता था। इसी से छुटकारा पाने के लिए इस हत्या कांड को अंजाम दिया गया है। सिरसी थाना प्रभारी की उपनिरिक्षक रूपाली परिहार ने बताया कि मृतक करण सिंह की हत्या मृतक के गांव दिदावली थाना अमोला के रहले वाले भगवान दास पुत्र हरगोविंद कुशवाह उम्र 45 साल ओर उसकी पत्नि ने हल्की बाई ने की है। मृतक का सिर कुल्हाडी से काटा गया था। 

पुलिस को आरोपियो ने बताया कि मृतक करण सिंह से 3 साल पूर्व जमीन को लेकर विावद हुआ था,मृतक आरोपी की पत्नि हल्की बाई के साथ छेडछाड कर परेशान करता था। आरोपियो ने बताया कि इससे परेशान होकर दोनो पति-पत्नि ने निहाल देवी के दर्शन करने बहाने मृतक को सिरसी बुलाया था। 

पति-पत्नि ने अपनी योजना अनुसार मृतक करण सिंह का दारू पिलाई ओर कुल्हाडी से मृतक का सिर काट कर गढडा खोदकर गाड दिया। बताया गया है कि आरोपियो ने तीन गडे खोदे जिसमे एक मेें सिर एक में कुल्हाडी और एक गढडे में पेंट को गाड दिया था। आरोपियो की निशान देही पर पुलिस ने हत्या में उपयोग की गई कुल्हाडी और मृतक का पेंट जब्त कर लिया है। लेकिन गढडे कम गहरे खुदे होने पर संभवत: कोई जंगली जानवर मृतक का सिर  खा गया होगा। 

ज्ञात हो कि 6 जुलाई को गुना जिले के सिरसी थाने क्षेत्रांतर्गत गांव के आदिवासी के खेत में एक सिर कटी लाश पडी होने की सूचना पुलिस को मिली थी। सिरसी  थाने की उपनिरिक्षक रूपाली परिहार घटना स्थल पर पहुंची ओर लाश को जब्त कर आगे की कार्रवाई शुरू की। बारिकी से जांच करने पर मृतक के  पेंट की जेब में मिले कुशवाह समाज के पर्चे के आधार पर शिवपुरी में समाज के लोगों से संपर्क किया। 

इसके बाद मृतक की पहचान अमोला थाना क्षेत्र के दिदावली निवासी करण सिंह 40 पुत्र लालराम कुशवाह के रूप में हुई। परिजनों को पुलिस ने सूचित कर गुना बुलाया। मृतक के छोटे भाई सुदामा ने कपडे, पेट पर तिल और पर्स ओर हाथ में बंधे कलावे के आधार पर शिनाख्त की थी। 

इसके बाद पीएम कराकर शव परिजन को सौंप दिया। दिदावली गांव में बिना सिर के उनके शव की अंत्येष्टि की गई। परिजनों का कहना है कि करण सिंह 5 जुलाई को करैरा जाने की कहकर घर से निकला था और फिर लौटकर नहीं आया। मृतक की पत्नी गीता बाई कुशवाह करैरा मंडी में डायरेक्टर  जबकि मृतक करण सिंह करैरा के भाजपा किसान मोर्चा के उपाध्यक्ष था। 

इस मामले में सिरसी थाना प्रभारी रूपाली परिहार के सामने सिर कटी लाश का मिलना बडी ही चुनौती थी। सधी हुई जांच में शिवपुरी आकर मृतक के गांव में आकर पूरे मामले की जाचं की तो ज्ञात हुआ कि इस हत्या काण्ड के तार इसी गांव से जुडे है। जांच में पता चला कि मृतक का विवाद इस आरोपी दम्पत्ति के साथ हुआ था और नोक-झोक चलती रहती थी। इसी आधार पर पति-पत्नि को राउंडअप किया गया और सख्ती से पूछताछ की गई तो इस हत्या काण्ड का राज खुल गया। पुलिस ने दोनो आरोपियो को जेल भेज दिया है। 
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