SP के सामने चेहरा चमकाने के फेर में उलझ गए नए नवेले कोतवाल साहब

एक्सरे @ ललित मुदगल/शिवपुरी। बीते रोज एक माँ-बेटी ने शिवपुरी विधायक और प्रदेश की कैबिनेट मंत्री यशोधरा राजे के सामने आत्मदाह का प्रयास किया। मामला एक युवक और उसके साथियो को कोतवाली पुलिस द्वारा झूठा फंसाने का था, छोडने के लिए रिश्वत की मांग की जा रही थी, लेकिन राजे के हस्तेक्षेप के कारण उक्त युवक और उसके साथियो को छोडना पडा। पुलिस ने बताया कि उक्त युवक पर 8 अपराधिक मामले दर्ज है। अगर मामले दर्ज थे वह किसी अपराधिक मामले में सलिंप्त था, तो फिर उक्त युवक को कोतवाली पुलिस ने क्यों छोडा, इस पूरे मामले में सिटी कोतवाल की भूमिका सवालों के घेरे में आ गई है। आईऐ इस पूरे मामले का एक्सरे करते है।  

पहले समझना पड़ेगा मामला
कम शब्दो में इस मामले को समझने का प्रयास करते है। 10 तारीख की रात डायल 100 चार युवक क्रमश: विकास चौहान, मिंज, श्यामु शर्मा और लल्ला शाक्य को उठा कर लाई। आरोप था कि एसपी कोठी के पास पकडे गए युवक मिंज के घर दारू पीकर शोर कर रहे थे। आरोप है कि सुबह विकास चौहान की माँ जब कोतवाली पहुंची तो नए सिटी कोतवाल साहब ने कहा कि विकास और उसके साथियो पर कई मामले दर्ज है। 1 लाख रू दो और इन्हे ले जाओ नही तो किसी भी मामले में फंसा देगें। 

फिर क्या हुआ...
इस बात से क्रोधित होकर विकास की माँ चन्द्रप्रभा और उसकी बेटी नेहा ने कट्टी में मिट्टी का तेल लेकर मानस भवन गांधी पार्क पहुंच गई जहां यशोधरा राजे सिंधिया का प्रोग्राम चल रहा था। राजे जैसे ही बहार निकली मां-बेटी ने पेट्रोल की कट्टी लेकर अपने ऊपर डाल कर आग लगाने का प्रयास किया लेकिन वह सफल नही हो सकी। घटना स्थल पर मौजूद लोगों ने उन्हे पकड लिया। यशोधरा राजे इस मामले को लेकर कोतवाली पुलिस पर नाराज हुई और पास ही खडे शिवपुरी एसडीओपी जीडी शर्मा से तत्काल युवकों को छोडने के लिए कहा ओर कोतवाली प्रभारी ब्रजमोहन कुशवाह को हटाने के लिए कहा। 

यहां सवाल खड़े हो गए सिटी कोतवाल साहब पर 
रात को पुलिस ने विकास और उसके 2 साथियो को छोड दिया। एक युवक लल्ला राठौर पर कट्टा होना बताया गया। पुलिस ने राजे को कंट्रोल करने के लिए बताया कि सभी युवक पर आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं, और विकास चौहान पर लूट सहित कुल 8 मामले दर्ज है। लेकिन पुलिस ने विकास और उसके साथियो को छोड दिया... क्या यशोधरा राजे के कहने से अपराधिक मामले दर्ज युवकों की किसी अपराध में होने से संलिप्तता खत्म हो गई। सवाल बडा है और जबाब के लिए खडा है। 
 
यह होना था नियमानुसार
उक्त युवकों को 10 तारिख की रात लाया गया था। नियामनुसार पुलिस ने उन्हे 11 तारिख की दोपहर तक न्यायालय में पेश क्यो नही किया। दोपहर तक उन पर कोई मामला दर्ज क्यों नही किया गया था, अगर किसी पुराने मामले में पूछताछ करनी थी तो अपराधियों की तरह क्यों बुलवाया। नोटिस जारी क्यों नहीं किया।

युवक की माँ ने एसपी शिवपुरी को आवेदन देकर रिश्वत मांगने का आरोप लगाया है। कोतवाली पुलिस द्वारा उक्त युवकों को किसी प्रकार की कार्रवाई न करना और मामले के तूल पकडने के बाद युवकों को छोडे जाने से यह सिद्ध होता है कि युवको को अकारण बंद कर परिजनों से रिश्वत वसूली की कोशिश की जा रही थी या फिर किसी पुराने मामले में उसे फंसाने की तैयारी चल रही थी। इससे नए एसपी साहब के सामने कोतवाल साहब की रेटिंग बढ जाती और प्रेस वार्ता में पत्रकारो से बधाईयां लेने का प्रोग्राम था... कुछ भी हो सकता था। 

शिवपुरी समाचार डॉट कॉम किसी भी अपराधी युवक का समर्थन नही करता लेकिन अगर झूठे मामले किसी पर लादे जाते है तो हम अपनी कलम की नसबंदी भी नही कर सकते है..।

स्थिती संभालने गलत खबर प्लांट कराई
पुलिस ने दैनिक भास्कर को बताया कि युवक पर पुलिस ने 151 के तहत मामला दर्ज किया है। लेकिन उसे रात में छोड दिया जमानत कब और कैसे हुई। सोशल मिडिया पर हमारे एक पत्रकार साथी ने इस खबर को पोस्ट किया उसमें एसडीओपी शिवपुरी का वर्जन भी प्रकाशित किया है इस वर्जन में लिखा है कि उक्त युवको पर मामला दर्ज कर लिया है। 

एक अन्य खबर सुर्खियों में आई है कि आत्मदाह करने वाली महिला ने यू टर्न ले लिया, लेकिन यह खबर भी सत्य नही थी महिला ने यू टर्न नही लिया बल्कि यशोधरा राजे के समझ महिला ने कहा कि मुझसे गलती हो गई मुझे आपके सामने यह सब नही करना था, लेकिन इस बयान से सिटी कोतवाल साहब को क्लीन चिट नहीं दी जा सकती। 

अब देखना यह है कि नए एसपी साहब क्या करते है.......
इस पूरे मामले में शिवपुरी ट्रांसफर होकर आए एसपी राजेश सिंह क्या करते है, इस मामले में प्रतिक्रिया देने के लिए उनसे संपर्क नही हो सका। महिला ने अपनी व्यथा लिखकर ज्ञापन दे चुकी है। अब देखना यह है कि उनकी केप्टनशिप में शिवपुरी पुलिस की कार्यप्रणाली और छवि किस तरह चमकती है और पूरे काण्ड पर वह क्या ऐक्शन लेते है। 
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