लुकवासा चौकी प्रभारी की गुंडागर्दी: PRESS को कवरेज से रोका, आरोपी को फरार कराने का आरोप

शिवपुरी। आज ही डीजीपी ऋषिकुमार शुक्ला ने महिलाओं के प्रति यौन अपराधों में सख्ती से कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं और अभी लुकवासा थाना क्षेत्र से खबर आ रही है कि चौकी प्रभारी बदन सिंह पाल ने बलात्कार के एक आरोपी को गुपचुप फरार करवा दिया। पीड़ित पक्ष ने चौकी प्रभारी पर आरोप लगाए हैं। 
पहले मामला समझे 
लगभग डेढ माह पूर्व लुकवासा चौकी के अतंर्गत लुकवासा में रहने वाली एक नबालिग छात्रा से एक कोंचिंग संचालक लगातार डर्टी टच कर रहा था और नाबलिक का शादीशुदा पडौसी उसके साथ बलात्कार कर रहा था। उक्त मामला चाईल्ड हैल्प लाईन की मदद से पुलिस के पास पहुंचा था। इस मामले में पुलिस ने कोंचिंग संचालक मुकेश शर्मा के खिलाफ छेडछाड और शादीशुदा पडौसी गिर्राज रघुवंशी के खिलाफ बलात्कार का मामला दर्ज कर लिया था। खबर लिखे जाने तक दोनो आरोपी फरार है। 

घटना के इतने दिनो तक आरोपी फरार होने से लुकवासा चौकी की कार्यप्रणाली पर कई सवाल खडे हो रहे है। कल बीती राात्रि मीडिया को सूचना मिली की इस मामले का बलात्कार का आरोपी गिर्राज रघुवंशी और उसके कुछ रिश्तेदार पीडि़ता के घर उसे राजीनामा करने के दबाब बनाते हुए धमका रहे है। 

बताया गया है कि पीड़िता के पड़ोसियों ने मीडिया को सूचना दी और इधर पीडि़ता के दादा ने लुकवासा चौकी पर फोन किया। इस पूरे मामले में सबसे खास बात यह है कि आरेापी घर के बहार खड़ा था ओर इसके रिश्तेदार घर के अंदर घुसे थे। 

लुकवासा चौकी प्रभारी बदन सिंह पाल तत्काल आए और इन्हे पकडकर चौकी ले आए। पूरे लुकवासा में यह हवा फैल गई कि रेपकाण्ड का आरोपी पुलिस ने पकड लिया है। मीडिया को चौकी में घुसने भी नही दिया और इस पूरे मामले को मीडिया से दूर रखा। 

इसके बाद लुकवासा चौकी पुलिस इन आरोपियो को कोलारस ले आई, जहां मिडियाकर्मी साथी ने इन आरोपियो की कवरेज अपने कैमरे में कर लिया लेकिन लुकवासा चौकी प्रभारी ने मिडिया को कवरेज से रोक दिया और कवर की गई विडिय़ो को कैमरे से डीलेट करवा दिया और के साथ अभद्रता कर दी। 

देश के चौथे स्तंभ के लिए इजाद की नई गाली
थानेदार साहब ने कहा कि में कोई ऐसा वैसा पुलिस वाला नही हुॅ, मेरा फोटो मेरा फोटो मुझसे बिना खीचा या छापा तो सबरी पत्रकारता करवा दूंगा और हाईकोर्ट तक घसीटूंगा। फिर थानेदार ने पत्रकार का नाम पूछा और एजुकेशन के बारे में जानकारी ली। इसके बाद कहा कि छोडे ये बकवास काम (प्रेस के लिए नई गाली ईजाद करते हुए दी) है। 

कुल मिलाकर इस मामले जानकारी आ रही है कि उक्त बालात्कार का आरोपी पीडि़ता के घर के अंदर नही गया घर के बहार ही खडा रहा उसने अपने रिश्तेदार पहुंचाए। आरोपी का पता शायद पीडिता के परिजनो को भी नही था कि वह घर के बहार खड़ा है। हालाकि शिवपुरी समाचार डॉट कॉम यह दाबा नही करता कि बलात्कार का आरोपी पीडिता के घर के बहार खडा था। 

लेकिन पुलिस को फोन किया पुलिस ने अंदर बहार के सभी को उठाया था। इन धमकाने वालो ओर आरोपियो को लुकवासा चौकी से कोलारस थाने पूछताछ के लाया गया। अब पुलिस कह रही है कि आरोपी नही आरोपी के रिश्तेदार पकडे है। 

पूरा मामला संदिग्ध लग रहा है, ओर इस पर सवाल खडे हो रहे है। अगर प्रेस ने विडियो बना लिया तो लुकवासा चौकी प्रभारी क्यो भड़के कैमरे से वीडियो क्यो हटवाया गया। ऐसा कैमरे में क्या कैद हो गया जो थानेदार साहब भडक गए, क्या यह बात सही है कि बलात्कार का आरोपी अपनी स्वयं की गलती से पकडा हो गया। 

क्या इसी कारण ही पकडे गए आरोपियो को लुकवासा चौकी से कोलारस थाने लाया गया कि  कही लुकवास पुलिस को डर था कि यहां से आरोपी को फरार नही करा सकते.. पूरा लुकवासा देख लेगा, रास्ते से चलता कर सकते है। चलो मान लेते है कि ऐसा कुछ भी नही है तो आज तक उक्त बलात्कार का आरोपी आज तक फरार क्यों है, वीडियो कैमरे से क्यो हटवाया गया.... सभी सवाल लुकवासा चौकी प्रभारी की ओर उठ रहे है। 

इनका कहना है
इस पूरे मामले की में जांच करवाता हुॅ। अगर किसी पत्रकार से अभद्रता की गई है, अगर पत्रकार इस मामले का आवेदन देता है तो जांच करवाकर कार्रवाई की जावेगी। 
राजेश हिंगणकर,पुलिस अधीक्षक शिवपुरी
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