कन्या छात्रावास में लाखों का घोलमाल: चोरी छिपे दस्तावेज निकालकर हजारों का भुगतान

शिवपुरी। शासन द्वारा  छात्रों को शिक्षित करने के उद्देश्य से जिले भर में छात्रावासों की स्थापना पर लाखों रूपया व्यय किया गया। वहीं बालिकाओं के रहने व खाने की व्यवस्था पर प्रतिमाह लाखों रूपया व्यय किया जा रहा है। लेकिन जिन कर्मचारियों को छात्राओं के रहने व खाने की व्यवस्था सौपी गई है। उनके द्वारा ही शासकीय योजनाओं में जमकर पलीता लगाया जा रहा है। ऐसा ही एक मामला अनुसूचित जाति का सीनियर कन्याछात्रावास का मामला प्रकाश में आया है। जिसमें कलेक्टर द्वारा किए गए औचक निरीक्षण में भारी अनियमिततायें प्रकाश में आई हैं। जिसमें पूर्व कन्या छात्रावास अधीक्षिका द्वारा वर्तमान छात्रावास अधीक्षिका श्रीमती मोनिका की अनुपस्थिति में दूसरी चाबी से अलमारी का ताला खोलकर पिछला भुगतान मनीष आटा चक्की को हजारों रूपए का कर दिया। 

छात्रावास अधीक्षिका आगाथा मिंज द्वारा की जा रही अनियमितताओं को दृष्टिगत रखते हुए जिलाधीश के पत्र क्रमांक/ज.जा. का. वि/स्थापना/2018/2766-67 दिनांक 2.7.18 के अनुसार उनको बालक आश्रम सुभाषपुरा में शिक्षिका कार्य होने से आज दिनांक 16.7.18 को दोपहर बाद जनजाति बालक आश्रम भार मुक्त किया जाता है तथा जिलाधीश के आदेश क्रमांक जनजाति का. वि. स्थापना 2018 दिनांक 2.7.18 के अनुसार श्रीमती मोनिका सहायक अध्यापक शासकीय जनजाति महाविद्यालय छात्रावास शिवपुरी को अगाथा मिंज के स्थान पर श्रीमती मोनिका गोलिया को नवीन कन्या छात्रावास का प्रभार सौंपा गया। 

लेकिन छात्रावास में लगभग 75 क्विंटल खाद्यान रखा होने के बाबजूद भी पूर्व छात्रावास अधीक्षिका अगाथा मिंज द्वारा मनीष आटा चक्की से 5.7.18 अनाधिकृत रूप से हजारों 33240 रूपए का भुगतान कर दिया। वहीं शिष्यावृत्ति व मैस के नाम पर दिनांक 5.7.18 को ही 32340 रूपए का आहरण शासकीय खजाने से कर लिया गया। गौर तलब तथ्य यह है कि जब शासन द्वारा छात्रावास की कन्याओं के लिए खाद्यन की आपूर्ति की जा रही हैं तब ऐसी स्थिति में निजी फर्मों से खाद्यन का खरीदना भ्रष्टाचारी को स्पष्ट रूप से इंगित करता हैं।

कन्या छात्रावास अवैध रूप से पुरूष कर्मचारी का निवास क्यों?
अनुसूचित जन.जाति कन्या छात्रावास सीनियर में पूर्व छात्रावास अधीक्षिका द्वारा एक युवक को अवैध रूप से कार्य पर लगा रखा है। इतना ही नहीं उक्त कर्मचारी का निवास भी कन्या छात्रावास में ही है। जबकि सीनियर कन्या छात्रावास में नियमानुसार किसी भी पुरूष कर्मचारी को रखना अवैध है। लेकिन इसके उपरांत भी छात्रावास अधीक्षिका द्वारा कैसे पुरूष कर्मचारी कार्य पर रख लिया गया तथा उसको छात्रावास में ही रहने के लिए जगह भी उपलब्ध करा दी गई। जबकि इस छात्रावास में 100 से अधिक बालिकायें निवास करती हैं। जिनके साथ कभी भी कोई अनहोनी घटना घटित हो सकती है। 

चार्ज देने के उपरांत किया भुगतान
पूर्व छात्रावास अधीक्षिका अगाथा मिंज को 16.7.18 को सीनियर कन्या छात्रावास से भार मुक्त कर दिया गया था। शासकीय कार्यालयों में एक अलमारी की दो चाबियां रहती हैं। चार्ज देते समय उन्होंने वर्तमान छात्रावास अधीक्षिका श्रीमती मोनिका गोलिया को अलमारी की एक चाबी ही दी गई तथा दूसरी चाबी उन्होंने अपने पास ही रखी। जिससे अगाथा मिंज द्वारा वर्तमान छात्रावास अधीक्षिका मोनिया गोलिया की अनुपस्थिति में रजिस्ट्रर निकाल कर अवैध रूप से पिछली तारीखों के भुगतान कर दिए गए। जब उक्त तथ्य की जानकारी मोनिका गोलिया को लगी तो वे छात्रावास के सभी कागजात अपने घर ले जाने लगी। जिससे अगाथा मिंज द्वारा और कोई घालमेल न किया जा सके।

छात्रावास को बनाया गेंहू का गोदाम 
अनुसूचित जनजाति छात्रावास में निवास करने वाली छात्राओं की भोजन व्यवस्था के लिए शासन द्वारा सैकड़ों क्विंटल गेंहू समय-समय पर उपलब्ध कराया जाता है लेकिन पूर्व छात्रावास अधीक्षिका द्वारा शासन द्वारा दिए गए गेंहू का उपयोग न करते हुए उसे छात्रावास में ही रखवा दिया गया। बल्कि शासन की नीतियों के विपरीत जाकर निजी फर्म को लाभ पहुंचाने की दृष्टि से एवं भ्रष्टाचारी करने के उद्देश्य से खाद्यन खरीदा गया। जबकि छात्रावास में निरीक्षण के दौरान 75 क्विटल गेंहू पाया। पूर्व छात्रावास अधीक्षिका ने छात्रावास को गेंहू के गोदाम में तब्दील कर दिया। जिसकी बजह से एक ओर तो शासन को आर्थिक क्षति पहुंचाई गई वहीं छात्रावास में निवास करने वाली छात्राओं को भी असुविधा का सामना करना पड़ा।
Share on Google Plus

Legal Notice

Legal Notice: This is a Copyright Act protected news / article. Copying it without permission will be processed under the Copyright Act..

0 comments:

-----------

analytics