इस जुलाई से थम जाएगें भारी वाहनों के चक्के, ट्रांसपोर्टर यूनियन की हड़ताल

शिवपुरी। जिस प्रकार से इस शरीर को रक्त(खून)का प्रवाह चलायमान रखता है उसी प्रकार से इस देश की रीढ़ है ट्रांसपोर्टर और वही इस देश को और देश की अर्थव्यवस्था को चलाते है लेकिन सरकारें हम ट्रांसपोर्टरों को विगत लंबे समय से अपनी ट्रांसपोर्ट विरोधी नीतियों के चलते परेशान कर रहे है लेकिन अब यह सहन नहीं होगा हम दो माह से पूरे देश भर में ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस के बैनर तले घूम रहे है और आगामी 20 जुलाई से यह निर्णय लिया है कि अब रोड़ पर भारी वाहनों के चक्के(पहिए) नहीं चलेंगें जब तक की हमारी मांगें नहीं मान ली जाती, इसमें पूरा देश हम ट्रांसपोर्टर यूनियन के साथ खड़ा हुआ है और इस हड़ताल से प्रदेश ही नहीं बल्कि देश की सरकारें भी अपनी अर्थव्यवस्था को लेकर स्वयं जिम्मेदार होंगी। 

उक्त बात कही ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष बलमलकीत सिंह ने जो स्थानीय होटल ग्रीनव्यू में देर रात्रि को आयोजित प्रेसवार्ता को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस के अन्य राष्ट्रीय व प्रदेश पदाधिकारी भी इस प्रेसवार्ता में शामिल हुए उनमें ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस के कॉर्डिनेशनल कमेटी के चेयरमैन अमृतलाल मदान, पूर्व अध्यक्ष बलमलकीत सिंह, फेडरेशन ऑफ गुड ट्रांसपोर्ट मप्र के परविंदर सिंह भाटिया, प्रांतीय ट्रांसपोर्ट वेलफेयर एसोसिएशन मध्यप्रदेश के विजय कालरा, इंदौर ट्रक ऑपरेटर एण्ड ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के राजेन्द्र त्रेहान, एसोसिएशन ऑफ पार्सल ट्रांसपोर्ट एण्ड फिलीट ऑनर लोहामंडी इंदौर के राकेश तिवारी व देवास नाका वेलफेायर एसोसिएशन देवास नाका इंदौर के चतर सिंह भाटी मौजूद रहे। इसके अलावा लोकल ट्रक ऑपरेटर यूनियन के अध्यक्ष अब्दुल रफीक खान अप्पल एवं ट्रक ट्रांसपोर्ट यूनियन के अध्यक्ष सूबेदार सिंह कुशवाह (मुन्ना राजा) सहित शहर के ट्रांसपोर्टर व परिवहन ठेकेदार भी मंचासीन रहे इनमें मुकेश सिंह चौहान, हरज्ञान प्रजापति ठेकेदार, शामिल है। 
इस अवसर पर आयोजित प्रेसवार्ता में ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट संगठन के राष्ट्रीय व प्रदेश पदाधिकारियों ने बताया कि सरकार की परिवहन से संबंधित नीतियां जमीन की वास्तविकताओ से जुड़ी नहीं है और इन नीतियों से परिवहन क्षेत्र पर बुरा असर पड़ रहा है परिवहन क्षेत्र बढ़ते परिचालन, लागत और अवास्तविक माल के साथ गहरे घाटे में चल रहा है ऐसे में सरकार की दमनकारी नीतियो परिवहन क्षेत्र में होने वाली विभिन्न समस्याओं को लेकर संपूर्ण भारत देश में आगामी 20 जुलाई को ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट के आह्वान पर अनिश्चितकालीन हड़ताल एवं देशभर में चक्काजाम किया जाएगा। 

इस परिवहन से देश के करीब 20 करोड़ व्यापारी ट्रांसपोर्टर प्रभावित हो रहे है ऐसे में अब यह बर्दाश्त के बाहर है। मोटर ट्रांसपोर्ट से जुड़े इन सभी राष्ट्रीय एवं प्रदेश पदाधिकारी स्थानीय शिवपुरी जिला मुख्यालय पर प्रेस प्रतिनिधियों एवं व्यापारियों से सरकार की परिवहन नीतियों, परिवहन क्षेत्र पर पडऩे वालों प्रभावों और उसके लिए एसोसिएशन द्वारा भविष्य में किए जाने वाले कार्यक्रमों की जानकारी सांझा कर विस्तृत चर्चा कर और समर्थन मांगा।

छ: सूत्रीय मांगों को लेकर हड़ताल पर जाऐंगें ट्रांसपोर्टर
आगामी 20जुलाई से होने वाली ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट यूनियन की जो हड़ताल चक्काजाम होने जा रहा है उसमें संगठन द्वारा छ: सूत्रीय मांगों को प्रमुखता से रखा गया है इनमें मांगे है कि - 
1. डीजल की कीमतें कम होनी चाहिए, राष्ट्रीय स्तर पर समान मूल्य निर्धारण और डीजल कीमतों में त्रैमासिक संशोधन
2. टोल बैरियर मुक्त भारत
3. तृतीय पक्ष बीमा प्रीमियम(टीपीपी) निर्धारण में पारदर्शिता, इस पर जीएसटी की छूट और कोम्प्रेहेंसिव पॉलिसी के माध्यम से एजेंटों को भुगतान किए जा रहे अतिरिक्त कमीशन को समाप्त करना।
04 .ट्रांसपोर्ट व्यावसाय पर टीडीएस खत्म हो, आयकर अधिनियम की धारा 44 ए.ई. में अनुमानित आय में कमी और उसको तर्कसंगत और ई-वे बिल जुड़ी व्यावहारिक समस्याऐं।
5. बसों और पर्यटन वाहनों के लिए नेशनल परमिट
6. डायरेक्ट पोर्ट डिलीवरी (डीपीओ) योजना समाप्त हों, पोर्ट कंजेक्शन खत्म होना चाहिए। 
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