जलसंकट: एक EE बर्खास्त हुआ, 3 IPS और 2 TI के खिलाफ FIR के आदेश

Updesh Awasthee
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भोपाल। शिवपुरी में जलसंकट की इंतहा देखिए, लोकायुक्त ने पीएचई के कार्यपालन यंत्री गिरधारी लाल वैश्य के खिलाफ केवल इसलिए भ्रष्टाचार का मुकदमा दर्ज कर लिया था क्योंकि उन्होंने लोकायुक्त के अधिकारी द्वारा मांगे जाने पर तत्काल ऐसा नल कनेक्शन उपलब्ध नहीं कराया था जिसमें भरपूर पानी आता हो। कार्यपालन यंत्री गिरधारी लाल वैश्य को पहले सस्पेंड किया गया और फिर बर्खास्त कर दिया गया। न्याय के लिए वो सुप्रीम कोर्ट तक गए तब कहीं जाकर उनके माथे से भ्रष्टाचारी का कलंक मिटा। अब पीएचई ने लोकायुक्त पुलिस के 3 आईपीएस व 2 टीआई के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए हैं। 

लोकायुक्त के एक अधिकारी के यहां नल कनेक्शन न दिए जाने से नाराज लोकायुक्त अधिकारियों ने शिवपुरी में पदस्थ तत्कालीन कार्यपालन यंत्री, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग गिरधारी लाल वैश्य के खिलाफ भ्रष्टाचार का मामला दर्ज किया था और 17 अगस्त 2006 को उन्हें बर्खास्त कर दिया गया था। वैश्य ने इसके खिलाफ लंबी लड़ाई लड़ी और सर्वोच्च न्यायालय द्वारा उन्हें दोषमुक्त किया गया। वैश्य ने सरकार को 8.38 करोड़ रुपए का हर्जाना देने और बर्खास्तगी के दौरान बिना काम के शासन द्वारा दिए गए 76.16 लाख रूपये के वेतन के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई के लिए पत्र लिखा था। 

वैश्य की शिकायत पर विधि विभाग ने भी अपना अभिमत पीएचई को भेज दिया जिसके बाद पीएचई ने लोकायुक्त को एक पत्र लिखकर दोषी पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई करने की मांग की है। इन अधिकारियों में तत्कालीन पुलिस महानिरीक्षक प्रदीप रुनवाल, उपमहानिरीक्षक एम सईददुल्ला, तत्कालीन एसपी एपी सिंह, तत्कालीन निरीक्षक विजय कुमार मुदगल, निरीक्षक रामलखन सिंह भदोरिया और अन्य शामिल है
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