वार्डों में छाया जलसंकट, पेयजल के लिए रतजगा कर रहे नागरिक

करैरा। शिवपुरी जिले के करैरा अनुविभाग मुख्यालय पर इन दिनों जल संकट गहराया हुआ है। स्थिति यह है कि नागरिकों को पेयजल के लिए रतजगा तक करना पड़ रहा है। वहीं नगर परिषद् नगर के सभी 15 वार्डों में टैंकर के जरिए पेयजल परिवहन करने की बात कह रहा है। लेकिन मॉनीटरिंग के अभाव में लोगों के घरों तक टैंकर नहीं पहुंच पा रहा है। नागरिकों ने कहना है कि पेयजल वितरण में भेदभाव बरता जा रहा है। टैंकर चालक चिन्हित स्थानों पर ही पहुंच रहा है। जानकारी के मुतातबिक नगर में पेयजल स्त्रोतों की स्थिति देखें तो हैंडपंपों की कुल संख्या 100 के करीब है लेकिन वर्तमान में 15 से 20 ही चालू हालत में हैं। ट्यूबवैलों की संख्या चार है, कुओं की संख्या में भी चार है लेकिन इनमें से आधे ही स्त्रोत पानी दे पा रहे हैं।

इन क्षेत्रों में गंभीर है जल संकट
कृषि उपज मंडी, छबरा वाली माता, बालाजी धर्मकांटा के आसपास, प्रजापति मंदिर के आसपास, गुप्ता दाल मिल क्षेत्र, पीएचई कार्यालय के आसपास, कामख्या मंदिर क्षेत्र, बिजली कंपनी कार्यालय क्षेत्र में सबसे ज्यादा जल संकट है। 

इन क्षेत्र में हो रहा पानी का अपव्यय
करैरा नगर परिषद के डेनिडा रोड क्षेत्र में स्थित पानी की टंकी जब भर जाती है तो प्रतिदिन हजारो लीटर पानी यूं ही बर्बाद होता रहता है। यही स्थिति नप बिल्डिंग के पास बनी पानी की टंकी की रहती है। जल वितरण में नप द्वारा तैनात स्टाफ इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है।
डेनिडा वार्ड 7 में रहने वाले अवधेश तिवारी ने बताया कि हम इस बारे में कई बार नप कर्मचारियोंं को बता चुके लेकिन पानी की बर्वादी आज तक बंद नहीं हो सकी है। नप के वार्ड एक से 15 में जैसे ही नलों की सप्लाई चालू होती है तो कई ऐसे घर हंै जिनका पानी भर जाने के बाद पानी की बर्बादी नलों में टोटियां नहीं लगे होने के कारण प्रतिदिन हजारों लीटर पानी यूं ही फैलता रहता है। 

क्या कहते हैं वार्डवासी
वैसे तो पूरे नगर में जल संकट है लेकिन कई वार्ड ऐसे हैं जहां पानी की वर्वादी हो रही है तो कहीं एक कट्टी पानी के लिए लोग रातजगा करने को मजबूर हैं। दो-दो किमी दूर से साइकिलों से पानी तक ढो रहे हैं। पानी का अपव्यय रोकने की ओर किसी का ध्यान नहीं है। 
अश्वनी शर्मा , निवासी वार्ड क्रमांक-9 

मेरा मानना है कि जल संकट के इस दौर में नगर परिषद् को सबसे पहले पानी के अपव्यय व दुरुपयोग पर लगाम लगाना चाहिए। यदि किसी के घर पर पानी फैलता हुआ दिखे तो उसकी नल सप्लाई काट देने चाहिए। इसके बाद ही वह अपने आप फिर से नलों में टोटी लगाना चालू कर देंगे। नप द्वारा चलाए जा रहे टैंकर वार्डों में नहीं पहुंच रहे हैं इसलिए लोगों को इधर उधर पानी के लिए भटकना पड़ रहा है। 
शैलेन्द्र कोठारी,  निवासी वार्ड क्रमांक-7 

यह बोले जिम्मेदार 
नगर में व्याप्त पेयजल समस्या को कम करने हम प्रत्येक वार्ड में टेंकरों के जरिए पेयजल परिवहन करवा रहे हैं। लेकिन जैसा आप बता रहे हैं कि टैंकर आम जनता तक नहीं पहुंच रहे हैं तो हम इसकी मॉनीटरिंग करवाएंगे। इसके अलावा कई वार्ड ऐसे हैं जहां पेयजल पाइप लाइन के जरिए पानी पहुंचाया जा रहा है। 
संतोष सेनी, सीएमओ नंप करैरा

Comments

Popular posts from this blog

Antibiotic resistancerising in Helicobacter strains from Karnataka

जानिए कौन हैं शिवपुरी की नई कलेक्टर अनुग्रह पी | Shivpuri News

शिवपरी में पिछले 100 वर्षो से संचालित है रेडलाईट एरिया