झांसी से मंगाकर रखना पड़ा था पिता का शव, इसलिए अब समाज को दान किया शव फ्रीजर

करैरा। करैरा नगर के सीमेंट व्यवसाई एवं समाजसेवी सुरेश बंधु राकेश सेठ परिवार के द्वारा शुक्रवार को अपने पिता सीताराम सेठ की प्रथम पुण्यतिथि पर गहोई समाज को शव फ्रीजर समर्पित किया जो करैरा नगर में पहली और अनोखी पहल है। इस पुण्य कार्य की सभी लोगों ने सराहना की। यह शव फ्रीजर जिले में शिवपुरी के अलावा कहीं भी किसी भी तहसील में यह सुविधा नहीं है। करैरा तहसील ही एक ऐसी तहसील है जहां पर समाजसेवी व्यक्ति बढ़-चढ़ कर पुण्य कार्य में भागेदारी निभाते हैं। इस पुण्य कार्य में अपना सहभागिता निभाने पर जब समाजसेवी एवं व्यापारी सुरेश बंधु से पत्रकारों ने पूछा तो उन्होंने बताया है कि आज ही के दिन 13 अप्रैल को पिता का स्वर्गवास हुआ था। 

जिनका अंतिम संस्कार करने में हमे अपने पिता को सुबह तक रखना था जिले में कही भी इस शव फ्रेज मौजूद नही था। बाद में झांसी से फ्रीजर को लाकर अपने पिता का पार्थिक शरीर को फ्रेज में रखा था। उसी समय सोच लिया था कि वह अपने पिता की प्रथम पुण्यतिथि पर करैरा के लोगों को यह शव फ्रेज भेंट करुंगा। 

वहीं कांग्रेस नेता राकेश सेठ ने बताया कि यह शव फ्रेज केवल गहोई समाज के लिए नही बल्कि सभी धर्मों के लोगों को मिलेगा जो गहोई धर्मशला में मौजूद रहेगा। कोई भी समाज गहोई समाज के जनप्रतिनिधि से संपर्क करके ले जा सकता और वापस जमा करके इस शव फ्रेज की सुविधा ले सकते हैं।

इस अवसर पर करैरा नगर के नंप अध्यक्ष कोमल साहू उपाध्यक्ष, नरेश गुप्ता, बीके गुप्ता, रिटायर्ड प्राचार्य पंसारी, संजय पहारिया, नवांकुर सेठ, मुकेश गुप्ता, सोनू कुचिया, अरविंद बेडर, बाबू राम, नरेश जाटव, प्रमोद भार्गव, डॉ. एनएस चौहान, प्रकाश नारायण अग्रवाल, रतन सराफ, रिटायर्ड शिक्षक घनश्याम योगी, राजू नगरिया, भानू कुशवाह, सालिगराम गेडा, महेश कनकने, जगदीश कनकने, रज्जन गुप्ता सहित करैरा नगर के सैंकड़ो व्यक्ति मौजूद रहे। सभी ने समाजसेवी स्व. सीताराम सेठ की प्रथम पुण्यतिथि पर उन्हें दो मिनिट का मौन धारण करके ईश्वर से आत्म शांति की कामना की।
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