करैरा। जिले के करैरा उपजेल में गंभीर मामलों में बंदी दो आरोपियों ने बीते रोज जेल में निषेध वस्तुओं के प्रवेश को लेकर जेल प्रबंधन पर दबाव बनाने के लिए आत्महत्या करने का प्रयास किया। दोनों बंदियों ने अपने सिर जमीन और सलाखों पर दे मारे। जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। इसके बाद जब उन्हें मेडिकल के लिए ले जाया गया तो उन्होंने मेडिकल कराने से इंकार कर दिया और जमकर उत्पात मचाया। पुलिस ने जेल प्रहरी की रिपोर्ट पर से उक्त दोनों बंदियों पर भादवि की धारा 186, 504, 506, 34 के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर लिया है।
जानकारी के अनुसार गंभीर प्रकरण में जेल में बंद दो कैदी अवतार सिंह उर्फ लंदडा कंजर पुत्र हरभजन सिंह निवासी छोटा पोरसा दतिया और शमशेर पुत्र मुख्यतार सिंह सिक्ख निवासी दिनारा को शिवपुरी जिला जेल से बीते कुछ दिनों पहले करैरा जेल में शिफ्ट किया गया था जहां दोनों आरोपी पिछले लंबे समय से जेल प्रशासन पर मुलाकात के दौरान परिवारजनों द्वारा दिए जाने वाली निषेध वस्तुओं के प्रवेश को लेकर दबाव बना रहे थे। हालांकि जेल प्रशासन ने यह नहीं बताया कि वह किन निषिद्ध वस्तुओं के लिए दबाव बना रहे थे।
जेल प्रशासन के अनुसार बीते 16 मार्च को सुबह 8:30 बजे उन्होंने निषेध वस्तुओं के प्रवेश न होने पर वहां उत्पात मचा दिया। इस दौरान डयूटी पर तैनात मुख्य जेल प्रहरी रामसिंह आदिवासी और धारासिंह ने उन्हें काफी रोकने का प्रयास किया, लेकिन दोनों आरोपियों ने उन्हें जान से मारने की धमकी दी। यहां तक कि अपना सिर सलाखों पर दे मारा जिन्हें रोकने का प्रयास किया तो दोनों ने जमीन पर अपने दोनों हाथ पटक दिए और सिर भी दे मारा।
इस घटना में दोनों के यहां काफी चोटें आ गर्इं। जिनके मेडिकल के लिए चिकित्सक डॉ. प्रदीप शर्मा को वहां बुलाया गया तो आरोपियों ने अपना मेडिकल कराने से इंकार कर दिया और उत्पात जारी रखा। बंदियों के इस कृत्य से पूरी जेल में हडक़ंप मच गया और जेल प्रशासन के हाथ पैर फूल गए। बाद में उक्त दोनों बंदियों की शिकायत पुलिस थाने में की गई। जहां पुलिस ने इंचार्ज मुख्य जेल प्रहरी रामसिंह आदिवासी की रिपोर्ट पर से उनके खिलाफ प्रकरण दर्ज कर लिया।
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