होली मिलन समारोह: ब्राहमण एकता की पहल शुरू, 2 बार से क्यो हार रहा ब्राहमण उम्मीदवार

शिवपुरी। पोहरी विधानसभा क्षेत्र में मुख्य रूप से धाकड़ और ब्राहमण जाति का बाहुल्य है और इन्हीं जाति के उम्मीदवार विधानसभा चुनाव में विजयी होते हैं। 2008 और 2013 में यहां से लगातार धाकड़ जाति के प्रहलाद भारती विजयी हुए हैं, लेकिन इस बार पोहरी में ब्राहमणों को एकजुट करने की पहल चुनाव के पूर्व से शुरू हो गई है। होली मिलन के बहाने ब्राहमण समाज ने बैराड़ में कार्यक्रम आयोजित किया और इसमें कांग्रेस नेता हरिवल्लभ शुक्ला, एनपी शर्मा, माताचरण शर्मा, राजेंद्र पिपलौदा, ब्रजकिशोर त्रिवेदी के अलावा भाजपा के पूर्व विधायक नरेंद्र बिरथरे एवं दिलीप मुदगल, राजकुमार शर्मा, वीरेंद्र व्यास भी शामिल हुए। बैठक में अधिकतर वक्ताओं ने यह कहा कि कांग्रेस और भाजपा जो भी दल ब्राहमण उम्मीदवार को टिकट दे उसे पार्टी की दीवार को लांघकर विजयी बनाना है।  

राजनीति में अपना वर्चस्व स्थापित करने के लिए ब्राहमणों को सजातीय उम्मीदवारों को विजयी बनाने के लिए कार्य करना चाहिए। एक वक्ता ने धाकड़ जाति का उदाहरण देते हुए कहा कि पोहरी में धाकड़ भाजपा उम्मीदवार को जिताते हैं जबकि पास के मोहना में धाकड़ लाखन सिंह यादव (धाकड़) के कारण कांग्रेसी हो जाते हैं। 

बैराड़ के ठाकुर बाबा मंदिर पर ब्राहमण समाज के प्रदीप शर्मा द्वारा आयेाजित होली मिलन समारोह में बड़ी संख्या में ब्राहमण बंधु शामिल हुए। कांग्रेस और भाजपा दलों के ब्राहमण नेता एक दूसरे से गलवईयां करते हुए होली मिलन कार्यक्रम में देखे गए। खास बात यह रही कि एकजुटता बढ़ाने के लिए इस समारोह में किसी को भी मुख्य अतिथि नहीं बनाया गया और राजनीति से जुड़े ब्राहमण बंधुओं को अतिथि का दर्जा दिया गया।  

समारोह में पूर्व विधायक हरिवल्लभ शुक्ला ने ब्राहमण एकजुटता की बात की, लेकिन यह सवाल भी उठाया गया कि कुछ लोग ब्राहमण एकता की बात तो करते हैं, लेकिन मौका आने पर अपने सामाजिक बंधुओं का अपमान करने से भी नहीं चूकते हैं। पूर्व विधायक नरेंद्र बिरथरे ने शिवपुरी जिले में ब्राहमण समाज के सामाजिक क्षेत्र में योगदान की सराहना की और कहा कि हमारा समाज सामूहिक विवाह सम्मेलन कर अनूठी समाज सेवा कर रहा है और इसके लिए राजेंद्र पिपलौदा बधाई के पात्र हैं। 

पूर्व मंडी अध्यक्ष एनपी शर्मा ने अपने उदबोधन में कहा कि ब्राहमण समाज एक समय अन्य समाजों के लिए मार्गदशक की भूमिका में था, लेेकिन अब इस प्रवृति में कुछ कमी महसूस की जा रही है हमें निहित स्वार्थों से दूर रहकर समाज में फिर से अपनी अग्रणी भूमिका का निर्वहन करना होगा। कार्यक्रम में कुछ कांग्रेसी नेताओं ने सांसद सिंधिया से ब्राहमण उम्मीदवार को टिकट देने की मांग की, लेकिन कांग्रेसी नेता माताचरण शर्मा ने कहा कि बुजुर्गों को रिटायरमेंट लेकर युवाओं के लिए रास्ता खाली छोडऩा चाहिए। 

पूर्व विधायक शुक्ला और राजेंद्र पिपलौदा के बीच हुई झड़प 
होली मिलन समारोह में पूर्व विधायक हरिवल्लभ शुक्ला और राजेंद्र पिपलौदा के बीच झड़प हुई। श्री शुक्ला ने कहा कि पिपलौद सामाजिक एकता की बात करते हैं, लेकिन व्यवहारिक रूप मेें इसे अमल में नहीं लाते हैं। उनका इशारा श्री पिपलौदा द्वारा सांकड़े हनुमान मंदिर पर आयोजित सम्मान समारोह की तरफ था जिसमें कांग्रेस नेता रामसिंह यादव, केशव सिंह तोमर, बैजनाथ सिंह यादव आदि को अतिथि बनाया गया था जबकि श्री शुक्ला को अतिथि का दर्जा नहीं दिया गया था।

इस बात पर श्री पिपलौदा उखड़ गए और उन्होंने खड़े होते हुए कहा कि मैंने किसी का अपमान नहीं किया। श्री शुक्ला से उन्होंने कहा कि आप मेेरे पिता तुल्य हैं। मैं आपका अपमान क्यों करूंगा। जहां तक मेरे कार्यक्रम का सवाल है मैं आपको स्वयं आमंत्रित करने गया था। कार्यक्रम में श्री निवास शर्मा ने कहा कि ब्राहमण एकता की बात करने वाले जब पद पर बैठ जाते हैं तो ब्राहमणों को भूल जाते हैं। तब उन्हें एकता की सुध नहीं आती। 
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